
जयपुर/नई दिल्ली। zika virus In Jaipur - देश में नई बीमारी के रूप में सामने आ रहे जीका वायरस के सबसे ज्यादा मामले जयपुर के शास्त्री नगर में पाए गए हैं। यहां करीब 20 दिन में ही 29 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें तीन गर्भवती महिलाएं हैं। बीमारी की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्वास्थ्य मंत्रालय से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
जयपुर में रहकर पढ़ाई करने वाले बिहार के एक छात्र के जीका वायरस से संक्रमित होने के बाद बिहार सरकार तक को अलर्ट किया गया है। सीवान का यह छात्र 28 अगस्त से 12 सितंबर के बीच एक परीक्षा देने के लिए वहां गया था। उसका परिवार स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में है। पिछले मामलों से अलग, इसबार वैज्ञानिकों ने जयपुर के प्रभावित इलाकों के मच्छरों को भी जीका वायरस से संक्रमित पाया है।
इसके बाद इस वायरस के तेजी से फैलने की आशंका जताई जा रही है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) में जीका संक्रमित मरीजों की निगरानी की विशेष व्यवस्था की है। संदिग्ध मरीजों के अलावा सभी गर्भवती स्त्रियों की निगरानी की जा रही है। शास्त्री नगर क्षेत्र से 450 जांच नमूनों की जांच में ये मामले सामने आए हैं। इनमें से 160 नमूने गर्भवती महिलाओं के हैं।
जयपुर में पहला मामला सामने आने के बाद ही एक सात सदस्यीय टीम की तैनाती की गई थी। अब स्वास्थ्य महानिदेशक (डीजीएचएस) के नेतृत्व में विशेषज्ञों का एक नया उच्चस्तरीय निगरानी समूह गठित किया गया है। यह समूह बीमारी से निबटने की तैयारियों और उठाए गए कदमों पर नजर रखेगा। मंत्रालय ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के स्तर पर रोजाना स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
मंत्रालय ने बताया कि प्रभावित इलाकों के जांच घरों को अतिरिक्त जांच उपकरण (किट्स) उपलब्ध करा दिए गए हैं। इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए राज्य सरकार को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूटीओ) के अनुसार जीका वायरस का संक्रमण भी डेंगू फैलानेवाले एडीज मच्छरों से होता है। डब्ल्यूटीओ ने संक्रमण के लिहाज से भारत का वर्गीकरण दूसरी कैटेगरी में किया है। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने डब्ल्यूटीओ की गाइडलाइन के अनुसार अभी इसे आपात-स्थिति नहीं माना है।
इस तरह बढा जीका वायरस
- 1946 के आस पास युगांडा और अफ्रीका में यह बीमारी पाई गई
- 1946 से वर्ष 2007 तक इसके पूरी दुनिया में 14 मामले ही पाए गए
- 2015 में ब्राजील व कुछ अमरीकन देशों में यह फैला
- 2015 के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन इस बीमारी के नियंत्रण की ओर सक्रिय हुआ
- इस समय तक यह दुनिया के 86 देशों में फैल चुका था
- विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यह माना कि इस बीमारी को फैलने से बचाने के लिए किसी भी देश को इसे जड़ से खत्म करना आवश्यक है
क्या हैं इस बीमारी के लक्षण
डेंगू व उस जैसी अन्य बीमारियों से मिलते-जुलते लक्षणों के कारण जीका वायरस की पहचान में परेशानी होती है। बुखार, शरीर पर चकत्ते, आंखों में संक्रमण, जोड़ों में दर्द, बेचैनी और सिरदर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं। ये लक्षण दो से सात दिनों तक बने रह सकते हैं।
जयपुर न जाएं गर्भवती पर्यटक
पर्यटकों को मेडिकल सलाह देने वाले टोरंटो स्थित अंतरराष्ट्रीय एसोसिएशन ने गर्भवती पर्यटकों को नई दिल्ली-जयपुर-आगरा (गोल्डन ट्रैंगल) की यात्रा स्थगित करने की सलाह दी है। गर्भवती महिलाओं के संक्रमित होने से उसके नवजात पर इसका विपरीत असर पड़ता है। इससे गर्भपात भी हो सकता है।
भारत में अब तक जीका वायरस
जनवरी फरवरी 2017 में गुजरात के अहमदाबाद में 3 मामले
जुलाई 2017 में तमिलनाडु के कृष्णागिरी में 1 मामला
सितंबर- अक्टूबर में जयपुर में अब तक 29 मामले