Unhackable OTP: अब हैकर्स के लिए मुश्किलें बढ़ीं। वैज्ञानिकों ने क्वांटम फिजिक्स पर आधारित ट्रू रैंडम नंबर जेनरेटर विकसित किया है, जो OTP को 'अनहैकेबल' बना देगा।
Quantum Security: जयपुर. भारत में साइबर फ्रॉड और OTP चोरी के बढ़ते मामलों के बीच एक बड़ी वैज्ञानिक सफलता सामने आई है। रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (RRI), बेंगलुरु, IISc और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के वैज्ञानिकों ने क्वांटम फिजिक्स पर आधारित ट्रू रैंडम नंबर जेनरेटर विकसित किया है, जो OTP को 'अनहैकेबल' बना देगा। ये रिसर्च 2025 में पब्लिश हुई और अब 2026 में इसका व्यावहारिक असर दिखने लगा है। इससे बैंकिंग, UPI और डिजिटल ट्रांजेक्शन पूरी तरह सुरक्षित हो सकते हैं।
भारत में रोजाना करोड़ों OTP भेजे जाते हैं – बैंकिंग, UPI, Aadhaar, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में।SIM स्वैपिंग, फिशिंग, मालवेयर (जैसे Albiriox) से OTP चोरी के मामले बढ़े हैं।RBI भी SMS OTP को धीरे-धीरे फेज आउट करने की बात कर रहा है, और बायोमेट्रिक्स/बिहेवियरल ऑथेंटिकेशन की तरफ जा रहा है।लेकिन ये नई तकनीक OTP को ही अल्ट्रा-सिक्योर बना देगी, बिना पूरी तरह बदलाव के।
राजस्थान में UPI ट्रांजेक्शन, ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट्स तेजी से बढ़ रहे हैं – राज्य में रोजाना लाखों OTP भेजे जाते हैं। ये तकनीक अपनाने से साइबर फ्रॉड में भारी कमी आएगी, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां लोग कम जागरूक होते हैं। राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में जहां लोग कम पढ़े लिखें हैं वहां यह तकनीक अधिक कारगर साबित होगी।
राजस्थान AI-ML Policy 2026 के तहत AI और क्वांटम टेक को इंटीग्रेट करने का रास्ता खुलेगा – जयपुर में AI डेटा सेंटर्स और क्वांटम सिक्योरिटी हब बन सकते हैं।1.5 लाख जॉब्स का क्रिएशन – क्वांटम सिक्योरिटी, साइबर डिफेंस और फिनटेक में युवाओं के लिए मौके।डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया को बूस्ट – राजस्थान के बैंक, सरकारी ऐप्स (जैसे e-Mitra) और स्टार्टअप्स में ये तकनीक जल्द इंटीग्रेट हो सकती है, जिससे राज्य साइबर-सुरक्षित हब बनेगा।वैज्ञानिकों का कहना है कि ये तकनीक कमर्शियल डिप्लॉयमेंट के लिए तैयार है – बैंक, पेमेंट गेटवे और गवर्नमेंट सिस्टम्स में जल्द लागू हो सकती है। भारत अब क्वांटम सिक्योरिटी में ग्लोबल लीडर बनने की राह पर है।
2026 की शुरुआत में ये तकनीक कमर्शियल स्केल-अप की स्टेज में पहुंच गई है – बैंकिंग OTP, UPI 2FA, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (WhatsApp जैसी) में इंटीग्रेशन की तैयारी चल रही है।2026 को Year of Quantum Security घोषित किया गया है (ग्लोबल इनिशिएटिव), जहां पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी और QRNG पर फोकस है – भारत इसमें लीड कर रहा है।