
वॉशिंगटन. अमरीका में पढ़ाई के मामले में पिछले एक दशक के दौरान भारतीय विद्यार्थियों ने लंबी छलांग लगाई है। इस अवधि में उनकी संख्या अमरीका में दोगुनी से ज्यादा हो गई है। ओपेन डोर्स रिपोर्ट 2022 के मुताबिक अमरीका में कुल विदेशी विद्यार्थियों में भारतीयों का प्रतिशत 11.8 से बढ़कर 21 हो गया है। भारतीय विद्यार्थी जिस दर से अमरीका जा रहे हैं, उससे अनुमान है कि आने वाले साल में वे चीन के विद्यार्थियों को पीछे छोड़ देंगे। जून से अगस्त के बीच भारतीय विद्यार्थियों को 82 हजार वीजा जारी किए गए, जो दूसरे देशों के मुकाबले ज्यादा हैं।
कोरोना काल के बाद अमरीका में 2021-22 के दौरान अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों की संख्या 80 फीसदी बढ़ी है। इनमें 2.68 लाख नए विद्यार्थी हैं। इनमें से 1.99 लाख से ज्यादा भारतीय हैं। चीन के बाद वहां भारतीय विद्यार्थियों की तादाद सबसे ज्यादा है। भारत के विद्यार्थियों की संख्या जहां बढ़ रही है, चीन के विद्यार्थियों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। भारतीय आबादी अमरीका के सभी राज्यों में फैली हुई है। सबसे ज्यादा 20 फीसदी भारतीय कैलिफोर्निया में हैं। इसके बाद न्यू जर्सी में 11, टेक्सास में 9, न्यूयॉर्क और इलिनोइस में 7-7 फीसदी भारतीय बसे हुए हैं।
उच्च शिक्षा के लिए पसंदीदा ठिकाना
अमरीका में उच्च शिक्षा हासिल करने वाले कुल विद्यार्थियों की संख्या 9.14 लाख से बढ़कर 9.48 लाख तक पहुंच गई है। अमरीकी दूतावास के मुताबिक विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी सिर्फ भारत से नहीं हो रही है, दूसरे देशों के विद्यार्थियों के लिए भी अमरीकी उच्च शिक्षा हासिल करने का शीर्ष ठिकाना बना हुआ है। अमरीका विद्यार्थियों को लगातार भविष्य के अवसर मुहैया करा रहा है।
आधे से ज्यादा भारत और चीन के
अमरीका में इस समय पढ़ाई कर रहे अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों में 52 फीसदी भारत और चीन के हैं। भारत से इस साल 1,99,182 विद्यार्थी अमरीका पहुंचे। इनकी संख्या से स्पष्ट है कि कोरोना काल के दौरान अमरीका में भारतीय विद्यार्थियों की संख्या में आई गिरावट अब दूर हो गई है। हाल ही अमरीकी वीजा नियमों को सरल बनाने के बाद अमरीका जाने वाले विद्यार्थी और बढ़ सकते हैं।