
Jaipur Treasure: पुलिस जांच में जुटी (फोटो-एआई जेनरेटेड)
जयपुर। त्रिपोलिया बाजार की पुरानी हवेली को ध्वस्त करने के दौरान निकले कथित खजाने का रहस्य अब और गहरा गया है। भवन मालिक राहुल सेठी के दावे और पुलिस की अब तक की बरामदगी में जमीन-आसमान का अंतर सामने आया है। मालिक ने माणक चौक थाने में दर्ज रिपोर्ट में दावा किया कि हवेली को ध्वस्त करने के दौरान 10 से 15 चांदी की सिल्लियां, 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के और 14 से 15 सोने के कलश मिले थे। इन कलशों में सोने के सिक्के भरे होने का भी दावा रिपोर्ट में किया गया। आरोप है कि हवेली को ध्वस्त करने का ठेका लेने वाले महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू और उसके साथियों ने पूरा खजाना आपस में बांटकर खुर्द-बुर्द कर दिया।
पुलिस की अब तक की जांच में कहानी का सिर्फ चांदी वाला एंगल ही सामने आया है। पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने 66.400 किलो वजन की दो चांदी की सिल्लियां बरामद की हैं। वहीं करीब 1500 चांदी के सिक्के बेचने का खुलासा हुआ है। इसके अलावा मालिक के दावे में शामिल सोने के कलश और सोने के सिक्कों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल बन गया है। अगर सोना मिला था तो वह आखिर गया कहां?
राहुल सेठी की रिपोर्ट के मुताबिक हवेली की तोड़ने का ठेका डिवाइन-1 एलएलपी के माध्यम से महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू को दिया गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया कि हवेली को ध्वस्त के दौरान फर्स्ट और सेकंड फ्लोर पर जीने के चौक के नीचे से पुरानी चांदी की सिल्लियां, हजारों चांदी के सिक्के और सोने से भरे कलश मिले।
रिपोर्ट के मुताबिक, 10 से 15 चांदी की सिल्लियों का वजन करीब 40 से 45 किलो और 8 से 10 हजार चांदी के सिक्के होने का दावा किया गया है। इसके अलावा 14 से 15 कलशों में सोने के सिक्के होने की बात कही गई है। आरोप है कि मजदूरों और ठेकेदार ने इस खजाने को आपस में बांट लिया।
पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने चांदी के सिक्के मिलने और उन्हें बेचने की बात बताई है, लेकिन सोने के कलश और सिक्कों के बारे में वे इनकार कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मालिक के दावे में कितनी सच्चाई है और यदि सोना मिला था तो वह किन लोगों तक पहुंचा।
पुलिस जांच में सामने आया कि करीब 1500 चांदी के सिक्के आरोपियों ने अलग-अलग लोगों को बेच दिए। पुलिस के अनुसार, जगदीश राजोरिया और ओमप्रकाश खींची उर्फ पप्पू के हिस्से के करीब 600 सिक्के करीब छह लाख रुपए में एक व्यक्ति को बेच दिए गए। वहीं करीब 900 सिक्के आगरा रोड स्थित राजू सुनार को करीब 10 लाख रुपए में बेचने की बात सामने आई है। पुलिस अब दोनों खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इससे यह भी पता चल सकता है कि सिक्कों की वास्तविक संख्या कितनी थी और उन्हें किस कीमत पर बेचा गया।
पूछताछ में आरोपियों ने चांदी की सिल्लियां छिपाने का भी खुलासा किया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने गलता धाम रोड तिराहा, आगरा रोड स्थित दुर्गा माता मंदिर के पीछे घने जंगल में एक पेड़ के नीचे करीब दो फीट गहरा गड्ढा खोदकर सिल्लियां दबा दी थीं। बाद में पुलिस ने दोनों सिल्लियां बरामद कर लीं।
'पुलिस इस मामले में इन्वेस्टीगेशन कर रही है। मैं बिजी हूं बात नहीं कर सकता हूं।' -राहुल सेठी, हवेली के मालिक
Updated on:
09 Aug 2026 09:58 pm
Published on:
09 Aug 2026 09:50 pm
