
देवली. अष्ठानिका पर्व के तहत महावीर मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान के अंतर्गत गुरुवार को मुनि संघ के सानिध्य में पूजा-अर्चना हुई। संगीतमय भक्ति के बीच महिलाओं ने नृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धाभाव व्यक्त किया।
प्रवचन में मुनि सुप्रभ सागर महाराज ने कहा कि आज मनुष्य के जीवन की सबसे बड़ी समस्या तनाव है, जो बाहर से नहीं बल्कि हमारे गलत विचारों और इरादों से उत्पन्न होता है। उन्होंने कहा कि यदि इरादे शुद्ध हों तो तनाव स्वतः समाप्त हो जाता है। मन में पहले विचार आता है, फिर चाह, आकांक्षा और अंत में आसक्ति बनती है, जो दुख का कारण है।
मुनि वैराग्य सागर महाराज ने कहा कि जीवन में शांति के लिए संकल्प दृढ़ और परिग्रह सीमित होना चाहिए। इससे पूर्व अभिषेक एवं शांतिधारा के पुण्यार्जक मेहरू वाले लुहाड़िया परिवार ने मुनि संघ को श्रीफल अर्पित कर शास्त्र भेंट किए। प्रवचन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
देवली. महावीर मंदिर में आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान पूजा।