ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने होली और रमजान की खुशियों पर साया डाल दिया है। मिसाइल हमलों और सायरन की गूंज के बीच खाड़ी देशों में काम कर रहे कई राजस्थानवासी दहशत में हैं। इधर, प्रदेश में उनके परिजनों का बुरा हाल है। लगातार फोन कर हालचाल ले रहे हैं और सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहे हैं।
Iran-Israel War: खाड़ी देशों के आसमान से बरसती मिसाइलों और गिरते ड्रोन के बीच राजस्थान में अपनों की चिंता सता रही है। रमजान और होली की रंगत पर खाड़ी में चल रही जंग की परछाई साफ दिखाई दे रही है।
प्रवासियों के अनुसार, सायरन की गूंज लोगों को घरों में बंद रहने को मजबूर कर रही है। दुबई की चमचमाती सड़कों पर सन्नाटा है। कतर में सैन्य अड्डों पर गिरती मिसाइलों और रद्द होती उड़ानों के बीच फंसे अपनों की सलामती के लिए दुआओं का दौर जारी है।
संगरिया के गुरुनानक नगर निवासी किशोर जांगिड़ और मोहित सैन इन दिनों होली पर अपने घर आए हैं। दोनों दुबई में वर्षों से कार्यरत हैं। वे कहते हैं युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं। नुकसान दोनों देशों का होता है, उसकी कीमत पूरी दुनिया चुकाती है।
वहीं, मोहित सैन दुबई स्थित फर्नीचर कंपनी में पिछले दो साल से कार्यरत हैं। 21 जनवरी को होली मनाने घर आए थे। वापसी की योजना होली के बाद की थी, लेकिन एयरोस्पेस गतिविधियों पर असर और उड़ानों की अनिश्चितता ने कचम रोक दिए। दूसरी ओर साल 2008 से दुबई के देहरा क्षेत्र की इंटीरियर कंपनी में सुपरवाइजर किशोर जांगिड़ शादी और होली के लिए घर आए थे।
पचलंगी का हमीद मोहम्मद सऊदी अरब के जॉर्डन में चालक का काम करता है। परिजनों ने बताया कि जॉर्डन में ही हमला किया गया था। हमले के बाद सभी लोग दहशत में है। हमिद के बड़े भाई लाल मोहम्मद ने बताया कि खाड़ी देशों में तनाव के कारण सभी परिवारजन परेशान हैं।
खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर बागड़ में भी महसूस किया जा रहा है। डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिले के लगभग 30 हजार प्रवासी कुवैत में कार्यरत हैं। रमजान महीने में बड़ी संख्या में प्रवासी वहां पहुंचे थे, तो कुछ आने वाले थे। हवाई मार्ग बंद होने से लोग अटक गए।
प्रवासियों का कहना है कि कुवैत में बमबारी हुई है। हमले में कुवैत का हवाई अड्डा क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं, कुवैत सरकार ने सुरक्षा की दृष्टि से हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। बांसवाड़ा के नई आबादी निवासी फिरोज भाई व सैफुद्दीन ने बताया कि खाड़ी देश में चल रहे युद्ध के चलते अहमदाबाद से कुवैत की फ्लाइट बंद कर दी गई है।
दुबई में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने गए चित्तौड़गढ़ के युवक शक्ति सिंह राठौड़ और जेपी दशोरा युद्ध के कारण यहां फंस गए हैं। इजरायल-इरान हमले के कारण भारत ने अपनी कई उड़ानें रद्द कर दी हैं। शहर के पावटा चौक क्षेत्र नियासी जेपी दशोरा ने बताया कि वे एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने शक्ति सिंह राठौड़ के साथ दुबई गए थे। दोनों को 28 फरवरी को आना था। राठौड़ की पलाइट को रोक दिया, उसके बाद सभी को होटल जाने को कहा गया।
दुबई से फ्लाइट कैंसिल होने से जोधपुर के रामस्नेही संतों सहित करीब 120 श्रद्धालु दुबई एयरपोर्ट पर फंस गए। सभी श्रद्धालु अबूधाबी से अहमदाबाद के लिए उड़ान भरने वाले थे, लेकिन अचानक एयरपोर्ट बंद होने की सूचना के बाद उन्हें रास्ते से ही दुबई डायवर्ट कर दिया गया।
श्रद्धालुओं का यह समूह धार्मिक यात्रा पर गया हुआ था। फिलहाल, सभी लोग निजी खर्च पर होटल में ठहरे हुए हैं। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मामले की जानकारी मिलने के बाद संतों और श्रद्धालुओं को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है।
बाड़मेर जिले के सैकड़ों युवा रोजगार के लिए खाड़ी देशों में हैं। लगातार आ रही धमाकों और सैन्य गतिविधियों की खबरों के बीच परिवारजन फोन और वीडियो कॉल के जरिए अपने प्रियजनों की कुशलता जान रहे हैं। बाड़मेर शहर निवासी जगदीश सलून, दुबई के जबलअली क्षेत्र में कार्यरत हैं।
ईरान के सुप्रीम लीडर सैयद अली खामनेई की मृत्यु पर राजस्थान शिया मुस्लिम महासभा ने तीन दिवसीय शोक का एलान किया है। महासचिव सैय्यद आसिफ अली ने बताया कि यह घटना शिया समुदाय सहित इस्लामी दुनिया के लिए दुखद है। तीन दिन तक शोक के दौरान कोई उत्सव नहीं मनाया जाएगा। रविवार को दौराई क्षेत्र स्थित दरगाह हजरत अब्बास अलैहिस्सलाम और तारागढ़ दरगाह शरीफ में शिया समुदाय के लोगों ने कुरानख्वानी की, इस दौरान दुआएं पढ़ी गई।
जयपुर के 48 पर्यटकों का एक दल करीब एक सप्ताह पहले दुबई-शारजाह भ्रमण पर गया था। सोमवार को उनकी वापसी फ्लाइट निर्धारित थी, लेकिन वह अचानक रद्द कर दी गई। महेश नगर निवासी गिर्राज प्रसाद माणक बोहरा ने बताया कि अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उड़ान कब शुरू होगी। मजबूरन होटल बुकिंग बढ़ानी पड़ी है और खर्च व परेशानी लगातार बढ़ रही है। यात्रियों ने भारतीय दूतावास से भी संपर्क किया है।
हमें रात के समय घरों से बाहर निकलने के मना किया है। दिन में भी कम ही लोग बाहर निकले। स्कूलों की छुट्टी कर दी गई। यह कहना है कतर में रहने वाली पाली की नसरीन का। बकौल नसरीन बम गिरने की आवाजें सुनाई दे रही है। दुबई में रहने वाले निखिल (बदला हुआ नाम) ने बताया कि यहां रात में धमाकों की आवाज चुनी थी। सरकार ने बाहर कुछ भी बताने से मना किया है।