
जयपुर
विषय को जटिल व तकनीकी बताते हुए आमजन को इस बीमारी के फैलने,बचाव के उपायों और प्रभाव की जानकारी होना आवश्यक बताया है। आयोग ने कहा है कि यह जानना जरुरी है कि क्या राज्य के अन्य हिस्सों मंे भी यह बीमारी है या नहीं और यदि है तो राज्य मेंइस बीमारी के इलाज की क्या सुविधाएं हैं। इसके साथ ही आयोग ने एम्स जोधपुर के अधीक्षक,डॉ.एस.एन.मेडिकल कॉलेज जोधपुर के प्रिंसिपल तथा चिकित्सा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से कांगो फीवर की प्रकृति, बचाव के उपाय और इलाज की सुविधाएं उपलब्ध करवाने वाले अस्पतालों,बीमारी के महामारी के समान फैलने की संभावना,जोधपुर के एम्स व एस.एन.मेडिकल कॉलेज सहित अन्य अस्पतालों मंे इस बीमारी की जांच व इलाज की सुविधाओं होने या नहीं होने तथा किए जा रहे इलाज के संबंध में 23 अक्टूबर तक तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने को कहा है। आयोग ने राज्य के अन्य हिस्सों में कांगो फीवर की मौजूदगी होने या नहीं होने व इलाज की सुविधाओं की जानकारी भी देने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को होगी।