
जयपुर.
जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक की तकनीकी शाखा की सूचना पर जोबनेर के भोजपुरा खुर्द में बड़ी मात्रा में अफीम की खेती पकड़ी गई है। खेत मालिक ने गत वर्ष ट्रायल के तौर पर कुछ पौधे अफीम के लगाए थे। अच्छी पैदावार होने पर इस वर्ष एक बीघा में अफीम की खेती कर ली। पुलिस अधीक्षक शंकरदत्त शर्मा ने बताया कि किसी को शक ना हो, इसके चलते 7 बीघा खेत के बीच में अफीम और चारों तरफ करीब 6 बीघा में गेहूं-सरसों की फसल कर रखी थी। अधीक्षक शर्मा ने बताया कि तकनीकी शाखा के रतनदीप को जोबनेर में अफीम की खेती होने की सूचना मिली थी। सांभर वृत्ताधिकारी सुनील शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम बनाई गई। मदद के लिए तकनीकी शाखा के विशेषज्ञ रतनदीप को लगाया गया।
3 दिन से खेती की तलाश में जुटी थी पुलिस
पुलिस अधीक्षक शंकर दत्त शर्मा ने बताया कि तीन दिन तक विशेष टीम क्षेत्र में अफीम की खेती की तलाश में जुटी रही। आखिरकार शनिवार रात को जोबनेर-रेनवाल सीमा पर दानाराम ककरालिया उर्फ दानाराम जाट के खेत में अफीम की खेती का पता चला। टीम ने तस्दीक की तो खेत में अफीम के 24708 पौधे मिले, इनका वजन 154 किलो 800 ग्राम निकला। तस्दीक के बाद आरोपी दानाराम को गिरफ्तार कर लिया।
खेत में बड़ा सांप है, कोई जाएगा तो काट लेगा
पुलिस पूछताछ में आरोपी दानाराम के परिजनों ने बताया कि बच्चों को खेत के बीच में जाने की इजाजत नहीं थी। आरोप ने खेत के बीच में बड़ा सांप होने का हवाला दे बच्चों को डरा रखा था। खेत के बीच में जाने पर सांप काट लेगा। वहीं परिवार के बड़े लोगों को देवी देवताओं को खुश करने के लिए सफेद फूल की खेती करना बता रखा था। उधर, आरोपी ने अफीम के बीज जयपुर से ले जाना बताया है। पुलिस बीज देने वाले को तलाश रही है।
दो दिन पहले घर में हुआ था झगड़ा
पुलिस ने बताया कि परिवार वालों ने बताया कि दो दिन पहले परिवार को एक बच्चा खेत के बीच में चला गया था। इसका पता दानाराम को चला। तब उसने घर में झगड़ा कर काफी बबाल किया था। कहने लगा कि खेत के बीच में मौजूद सांप बच्चे को काट लेता तो कौन जिम्मेदार होता। लेकिन अफीम की खेती को छिपाने के लिए वह किसी को भी उधर नहीं जाने देता था।
परिवहन पर सख्ती, जगह-जगह कर रहे खेती
अफीम की पैदावार पर रोक होने के बावजूद धड़ल्ले से खेती हो रही है। हाल ही अलवर पुलिस ने बड़ी मात्रा में अफीम की खेती पकड़ी थी। अब जयपुर ग्रामीण पुलिस ने अफीम की खेती पकड़ी है। अफीम और इसके डोडा चूरा के परिवहन पर पुलिस मुख्यालय की सख्ती बढ़ी तो मादक पदार्थ बेचने वाले अब इसकी जगह-जगह खेती करवाने लगे हैं।