जयपुर

जयपुर में तरबूज खरीदने से पहले सावधान! मिलावट की आशंका के बाद मुहाना मंडी में मचा हड़कंप, जांच के लिए भेजे नमूने

Jaipur Watermelon Adulteration: गर्मी के मौसम में राहत देने वाले तरबूज में कृत्रिम रंग मिलाने की शिकायत मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मुहाना मंडी में कार्रवाई करते हुए छह नमूने लिए हैं। सीएमएचओ जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया, तरबूज में कृत्रिम रंग मिलाने की शिकायत के बाद टीम को मंडी भेजा गया।

2 min read
Apr 09, 2026
तरबूज में मिलावट का शक (फोटो- पत्रिका)

Jaipur Watermelon Adulteration Muhana Mandi: भीषण गर्मी के इस दौर में अगर आप गला तर करने के लिए बाजार से तरबूज खरीद रहे हैं, तो रुकिए! गुलाबी नगरी की सबसे बड़ी फल मंडी, मुहाना मंडी से आई एक खबर ने राजधानीवासियों की चिंता बढ़ा दी है।

बता दें कि तरबूज को गहरा लाल दिखाने के लिए उसमें घातक कृत्रिम रंगों और मिठास बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल स्वीटनर के इस्तेमाल की शिकायतें सामने आई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार तड़के मुहाना मंडी में बड़ी कार्रवाई की।

ये भी पढ़ें

जयपुर में किडनी कांड उजागर करने वाले टॉप न्यूरोसर्जन डॉ. अचल शर्मा ने छोड़ी नौकरी, बताई असली वजह

सीएमएचओ जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल के नेतृत्व में टीम ने मंडी में दबिश दी। यहां न केवल राजस्थान (कोटपूतली, पावटा, शाहपुरा, चौमूं) बल्कि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से आए तरबूजों की भी रैंडम चेकिंग की गई।

डॉ. मित्तल ने बताया कि मौके पर संदिग्ध पाए गए 6 अलग-अलग खेपों से नमूने लिए गए हैं, जिन्हें तत्काल जांच के लिए फूड लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मिलावटी तरबूज सेहत के लिए 'धीमा जहर'

विशेषज्ञों का मानना है कि तरबूज में मिलाया जाने वाला एरिथ्रोसिन (लाल रंग) और सैक्रिन (मिठास) शरीर के लिए बेहद हानिकारक है। इसे खाने से पेट में तेज दर्द, उल्टी, दस्त और गंभीर फूड पॉइजनिंग हो सकती है।

लंबे समय तक ऐसे रसायनों का सेवन लीवर और किडनी को स्थायी रूप से डैमेज कर सकता है। बच्चों और बुजुर्गों की इम्यूनिटी कम होने के कारण यह उनके नर्वस सिस्टम पर भी असर डाल सकता है।

कैसे पहचानें असली और मिलावटी तरबूज

  • बाजार से तरबूज खरीदते समय आप इन तीन आसान तरीकों से मिलावट की जांच कर सकते हैं। तरबूज का एक टुकड़ा काटें और उस पर सफेद रूई रगड़ें। अगर रूई लाल हो जाती है, तो समझ लें कि उसमें कृत्रिम रंग (जैसे लेड क्रोमेट या एरिथ्रोसिन) इंजेक्ट किया गया है।
  • तरबूज के एक छोटे टुकड़े को पानी के गिलास में डालें। अगर पानी तुरंत गहरा लाल या गुलाबी होने लगे, तो वह मिलावटी है। प्राकृतिक रंग पानी को इतनी जल्दी और गहरा नहीं बदलता।
  • तरबूज की सतह पर अगर कहीं सुई चुभाने जैसा निशान दिखे या सफेद रंग का पाउडर जैसा पदार्थ जमा हो, तो उसे खरीदने से बचें।

अगर मिलावटी तरबूज खा लिया है, तो क्या करें?

  • शरीर से टॉक्सिन्स (जहर) निकालने के लिए पानी और ओआरएस का घोल पिएं।
  • अगर बार-बार उल्टी या दस्त हो, तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें। घर पर एंटी-बायोटिक लेने की गलती न करें।
  • पेट की जलन को शांत करने के लिए नारियल पानी एक बेहतर विकल्प है।

ऐसे करें बचाव

  • हमेशा विश्वसनीय विक्रेताओं से ही फल खरीदें।
  • बहुत ज्यादा गहरे लाल और अत्यधिक मीठे तरबूज के प्रति सतर्क रहें।
  • प्रकृति में तरबूज का रंग हल्का लाल या गुलाबी होता है, 'खून जैसा लाल' नहीं।
  • यदि आपको किसी भी फल या सब्जी में मिलावट का अंदेशा हो, तो तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य विभाग या खाद्य सुरक्षा टीम को सूचित करें।

ये भी पढ़ें

जयपुर में गुंडाराज: सरेआम युवक की बेरहमी से पिटाई, देखते रहे लोग मगर नहीं बचाया

Published on:
09 Apr 2026 10:09 am
Also Read
View All