Jaipur Watermelon Adulteration: गर्मी के मौसम में राहत देने वाले तरबूज में कृत्रिम रंग मिलाने की शिकायत मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मुहाना मंडी में कार्रवाई करते हुए छह नमूने लिए हैं। सीएमएचओ जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया, तरबूज में कृत्रिम रंग मिलाने की शिकायत के बाद टीम को मंडी भेजा गया।
Jaipur Watermelon Adulteration Muhana Mandi: भीषण गर्मी के इस दौर में अगर आप गला तर करने के लिए बाजार से तरबूज खरीद रहे हैं, तो रुकिए! गुलाबी नगरी की सबसे बड़ी फल मंडी, मुहाना मंडी से आई एक खबर ने राजधानीवासियों की चिंता बढ़ा दी है।
बता दें कि तरबूज को गहरा लाल दिखाने के लिए उसमें घातक कृत्रिम रंगों और मिठास बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल स्वीटनर के इस्तेमाल की शिकायतें सामने आई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार तड़के मुहाना मंडी में बड़ी कार्रवाई की।
सीएमएचओ जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल के नेतृत्व में टीम ने मंडी में दबिश दी। यहां न केवल राजस्थान (कोटपूतली, पावटा, शाहपुरा, चौमूं) बल्कि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से आए तरबूजों की भी रैंडम चेकिंग की गई।
डॉ. मित्तल ने बताया कि मौके पर संदिग्ध पाए गए 6 अलग-अलग खेपों से नमूने लिए गए हैं, जिन्हें तत्काल जांच के लिए फूड लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि तरबूज में मिलाया जाने वाला एरिथ्रोसिन (लाल रंग) और सैक्रिन (मिठास) शरीर के लिए बेहद हानिकारक है। इसे खाने से पेट में तेज दर्द, उल्टी, दस्त और गंभीर फूड पॉइजनिंग हो सकती है।
लंबे समय तक ऐसे रसायनों का सेवन लीवर और किडनी को स्थायी रूप से डैमेज कर सकता है। बच्चों और बुजुर्गों की इम्यूनिटी कम होने के कारण यह उनके नर्वस सिस्टम पर भी असर डाल सकता है।