जयपुर का अनु मीणा सुसाइड केस, PWD के XEN पति गौतम मीणा की दरिंदगी का खौफनाक CCTV फुटेज आया सामने। 10 साल के बेटे के सामने बेरहमी से पिटाई और लाइव वीडियो कॉल पर फांसी। पढ़ें रोंगटे खड़े करने वाली रिपोर्ट।
जयपुर के मुहाना इलाके से एक ऐसा दिल दहला देने वाला और पारिवारिक रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर और देखकर किसी भी संवेदनशील इंसान की रूह कांप जाएगी। राजस्थान सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) में एक जिम्मेदार अधिशासी अभियंता (XEN) यानी एक्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर तैनात गौतम मीणा का जो चेहरा बंद कमरों के सीसीटीवी कैमरों ने बाहर निकाला है, वह किसी खूंखार अपराधी से कम नहीं है। बीती 7 अप्रैल 2026 को जब 36 वर्षीय अनु मीणा ने अपने घर के कमरे में फंदे से लटककर अपनी जीवनलीला समाप्त की थी, तब इसे एक सामान्य अवसाद या सुसाइड का रूप देने की कोशिश की गई थी। लेकिन 20 मई 2026 को मृतका के पीहर पक्ष के हाथ लगे मोबाइल ने जो सच उगला है, उसने पूरे राजस्थान के सोशल मीडिया और प्रशासनिक महकमे में भूचाल ला दिया है। CCTV कैमरे में कैद पति की वो दरिंदगी अब चीख-चीखकर गवाही दे रही है कि अनु ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसे तिल-तिल मरने पर मजबूर किया गया था।
शुरुआती दौर में पुलिस और समाज इस मामले को एक साधारण अनबन मान रहे थे, लेकिन अनु के भाई नीरज मीणा द्वारा मोबाइल चेक करने के बाद जो फुटेज जारी किए गए हैं, उन्हें देखकर कोई भी सामान्य व्यक्ति विचलित हो सकता है। वीडियो के स्क्रीनशॉट और क्लिप्स इस समय इंटरनेट पर वायरल हैं।
शराब के नशे में तांडव और तोड़फोड़: वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि आरोपी PWD इंजीनियर गौतम मीणा घर में दाखिल होता है। वह बिना किसी बात के बुरी तरह चिल्लाता है और अपने गुस्से में दीवार पर टंगी महंगी एलईडी टीवी (LED TV) पर सीधे मुक्का मारकर उसे चकनाचूर कर देता है।
10 साल के मासूम के सामने मां की पिटाई: सबसे ज्यादा विचलित करने वाला दृश्य वह है जहां उनका 10 साल का मासूम बेटा डरा-सहमा खड़ा है। आरोपी गौतम मीणा अपने उस बच्चे के सामने अनु मीणा को जमीन पर गिराकर जूतों-चप्पलों और लातों से बेरहमी से पीट रहा है। हैवानियत की हद पार करते हुए वह अपनी पत्नी के ऊपर थूकता हुआ भी नजर आ रहा है।
लाइव वीडियो कॉल पर खौफनाक मौत: पुलिस तफ्तीश में जो सबसे सनसनीखेज मोड़ आया है, वह यह है कि 7 अप्रैल को फांसी लगाने से ठीक पहले अनु मीणा ने अपने पति को वीडियो कॉल किया था। अनु ने रोते हुए उसे अपनी मौत का लाइव मंजर दिखाया और आरोपी पति बिना विचलित हुए उसे लाइव देखता रहा, जिसके बाद अनु फंदे पर झूल गई।
इस पूरे मामले में जो सबसे ज्यादा झकझोर देने वाला पहलू है, वह है अनु के दो मासूम बच्चों की आपबीती। अनु का 10 साल का बेटा और 8 साल की बेटी अब अपनी नानी और मामा के पास हैं।
मृतका अनु मीणा के भाई नीरज मीणा ने जयपुर के मुहाना थाने में जो लिखित शिकायत दर्ज कराई है, उसमें केवल सुसाइड का मामला नहीं है, बल्कि ठंडे दिमाग से की गई मर्डर की प्लानिंग का अंदेशा जताया गया है। नीरज मीणा के मुताबिक, साल 2015 में जब अनु की शादी गौतम मीणा से हुई थी, तभी से उनके परिवार की ओर से हैसियत से ज्यादा दहेज दिया गया था।
भाई नीरज मीणा के आरोपों के मुताबिक:
20 लाख देने के बाद भी और रुपयों की भूख: शादी के बाद से ही ससुराल के लोग अनु को बार-बार टोंट मारते थे और लाखों रुपये व सोने के गहनों की डिमांड करते थे। विवाद को शांत करने और अनु का घर बचाने के लिए पीहर पक्ष ने कुछ समय पहले ही ₹20 लाख नकद आरोपी गौतम को दिए थे, लेकिन उसकी रुपयों की भूख शांत नहीं हुई।
मार्च 2026 में सिलेंडर खोलकर मारने की कोशिश: भाई ने बेहद सनसनीखेज आरोप लगाते हुए बताया कि मार्च 2026 में आरोपी गौतम मीणा ने घर के अंदर का गैस सिलेंडर पूरा खुला छोड़ दिया था और खुद बाहर चला गया था, ताकि गैस फैलने से अनु और दोनों बच्चे किसी धमाके या दम घुटने से मर जाएं और यह एक हादसा लगे। लेकिन अनु ने समय रहते सूझबूझ से खिड़कियां खोल दीं और सबकी जान बच गई।
जैसे ही 20 मई को यह वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के आला अधिकारियों तक पहुंचा, महकमे में हड़कंप मच गया। जयपुर की मुहाना थाना पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए मृतका के भाई नीरज की शिकायत पर आरोपी अधिशासी अभियंता (XEN) गौतम मीणा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत और बेहद सख्त धाराओं के तहत 'दहेज हत्या' और 'आत्महत्या के लिए उकसाने' (Abetment to Suicide) का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में जो वीडियो और सीसीटीवी फुटेज सौंपे गए हैं, वे पूरी तरह असली प्रतीत हो रहे हैं और उनमें दिख रही क्रूरता आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने के लिए सबसे पुख्ता और अचूक डिजिटल सबूत (Digital Evidence) साबित होगी। हालांकि, जैसे ही आरोपी गौतम मीणा को भनक लगी कि अनु का मोबाइल पीहर पक्ष के हाथ लग गया है और वीडियो लीक हो चुके हैं, वह अपने सरकारी पद और रसूख का इस्तेमाल कर तुरंत जयपुर से फरार हो गया। पुलिस की तीन विशेष टीमें इस समय दिल्ली, दौसा और आरोपी के अन्य संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।