
Jaipur Calf Head Case: जयपुर के श्याम नगर इलाके के अशोकपुरा में बछड़े का सिर मिलने के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। जहां एक ओर श्याम नगर के एसएचओ दलबीर सिंह ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में बरामद गोवंश का सिर नकली पाया गया है।
पुलिस इसे भावनाओं को भड़काने की साजिश बता रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने पुलिस की थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब 9 फरवरी को अशोकपुरा की गली नंबर 3 में बच्चों ने एक प्लॉट के बाहर बछड़े का कटा हुआ सिर टंगा देखा था। यह प्लॉट सत्यनारायण शर्मा का बताया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
शुक्रवार को श्याम नगर थानाधिकारी दलबीर सिंह ने मेडिकल रिपोर्ट के हवाले से बताया कि बरामद किया गया सिर असली नहीं बल्कि एक 'डमी' (नकली) है। पुलिस के अनुसार, उस सिर में कोई हड्डियां नहीं मिली हैं। पुलिस का कहना है कि यह सब केवल धार्मिक भावनाओं को भड़काने के लिए किया गया।
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने पुलिस के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने मांग की है कि मेडिकल रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए। खाचरियावास ने आरोप लगाया कि "अगर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार की गई है, तो संबंधित डॉक्टरों को अदालत तक ले जाया जाएगा।" उनका कहना है कि सरकार आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस को शुरुआत में दिए गए बयान के अनुसार आरोपी ने कहा था कि बछड़ा प्राकृतिक रूप से मरा था और उसके शव को जयपुर नगर निगम (JMC) के वाहन में हिंगोनिया गौशाला भेज दिया गया था। लेकिन जब गाय ने बछड़े की अनुपस्थिति में दूध नहीं दिया तो वह उसका सिर वापस लेकर आया था।
लेकिन हिंगानिया गौशाला प्रबंधन ने ऐसी किसी भी घटना से इनकार कर दिया कि JMC ने किसी मृत बछड़े को दफनाने के लिए यहां भेजा। वहीं, आरोपी के भाई और पूर्व पार्षद हरीश शर्मा का कहना है कि गाय को बहलाने के लिए एक नकली सिर बनवाया गया था। फिलहाल, सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने इस पर अभी चुप्पी साध रखी है।