Census 2027: बार-बार नोटिस और निर्देशों के बावजूद जनगणना-2027 की ड्यूटी जॉइन नहीं करना 15 कार्मिकों को भारी पड़ सकता है। जयपुर नगर निगम ने अब इनके खिलाफ निलंबन की तैयारी शुरू कर दी है। निगम ने डीएम को पत्र लिखकर निलंबित करने का प्रस्ताव भेजा है।
जयपुर। नगर निगम ने जनगणना-2027 के कार्य में लापरवाही बरतने वाले 15 कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। निगम प्रशासन ने इन कर्मचारियों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई का प्रस्ताव जिला कलक्टर को भेजा है। आरोप है कि नियुक्ति आदेश जारी होने के बावजूद संबंधित कार्मिकों ने जनगणना कार्य के लिए अब तक कार्यग्रहण नहीं किया।
नगर निगम प्रशासन के अनुसार विभिन्न जोन कार्यालयों की ओर से जनगणना कार्य के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी। इसके तहत संबंधित कार्मिकों को निर्धारित समय पर अपने-अपने जोन कार्यालयों में उपस्थित होकर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके कई कर्मचारी लगातार अनुपस्थित रहे। निगम ने पहले उन्हें निर्देश जारी किए और बाद में 'कारण बताओ नोटिस' भी भेजे, लेकिन उसके बाद भी उन्होंने कार्यग्रहण नहीं किया।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक कर्मचारियों की अनुपस्थिति से जनगणना से जुड़ी तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। इसी कारण अब प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कार्रवाई प्रक्रिया शुरू की है।
नगर निगम आयुक्त की ओर से जिला कलक्टर को भेजे गए पत्र में संबंधित कार्मिकों को 'अंतिम कारण बताओ नोटिस' जारी करने के साथ ही उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने का प्रस्ताव रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि यदि समय रहते कर्मचारी कार्यग्रहण नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
जिन कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की गई है, उनमें वरिष्ठ अध्यापक, व्याख्याता, अध्यापक लेवल-1 और लेवल-2 तथा कनिष्ठ सहायक पद पर कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना-2027 की तैयारियों में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।