
राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच राजधानी जयपुर से घूसखोरी का एक हैरान करने वाला का मामला सामने आया है, जिसने सरकारी महकमों में दलालों के बढ़ते जाल को उजागर कर दिया है। चौमूं तहसील के पटवार हल्का आलीसर के पटवारी सुरेन्द्र स्वामी ने एक परिवादी की जमीन का नामांतरण खोलने के एवज में सीधे पैसे न लेकर अपने एक प्राइवेट दलाल भैरूराम यादव को आगे कर दिया था। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देते हुए पटवारी के इसी दलाल भैरूराम यादव को 1,00,000 रुपये की भारी-भरकम रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है, जबकि आरोपी पटवारी फिलहाल पुलिस की पकड़ से दूर है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक (DG) गोविन्द गुप्ता ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि एसीबी की जयपुर नगर चतुर्थ चौकी को एक पीड़ित परिवादी ने उपस्थित होकर शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी ने आलीसर पटवार हल्के के चारणवास (आलीसर, चौमूं) में दिसंबर 2025 में एक जमीन खरीदी थी, जिसकी कानूनी तौर पर रजिस्ट्री भी करवा ली गई थी।
इस खरीदी गई जमीन का राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण खोलने (नाम चढ़ाने) के लिए आलीसर का पटवारी सुरेन्द्र स्वामी लगातार चक्कर कटवा रहा था और अपने दलाल भैरूराम यादव के जरिए 1 लाख रुपये की रिश्वत की डिमांड कर रहा था।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने बेहद गोपनीय तरीके से रिश्वत की इस मांग का सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान आरोपी पटवारी और उसके दलाल ने परिवादी से रिश्वत की रकम लेना तय किया। तय रणनीति के अनुसार, गुरुवार को दलाल भैरूराम यादव ने परिवादी को चौमूं कस्बे में स्थित एक एचपी (HP) पेट्रोल पंप के पास बुलाया। वहां बनी एक चाय की थड़ी पर जैसे ही दलाल ने परिवादी से 1 लाख रुपये की नकदी अपने हाथ में ली, वैसे ही पहले से जाल बिछाकर तैयार बैठी एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। दलाल के पास से रिश्वत के रंग लगे हुए नोट बरामद कर लिए गए हैं।
इस पूरी कार्रवाई को एसीबी उप महानिरीक्षक-द्वितीय (DIG) जयपुर ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में अंजाम दिया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Addl SP) मनोज कुमार गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक रामजीलाल और उनकी स्पेशल टीम ने इस ट्रैप ऑपरेशन को सफल बनाया। दलाल भैरूराम यादव की गिरफ्तारी की भनक लगते ही मुख्य आरोपी पटवारी सुरेन्द्र स्वामी मौके से फरार हो गया, जिसकी गिरफ्तारी के लिए एसीबी की अलग-अलग टीमें चौमूं और आस-पास के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक (IG) एस. परिमला के सुपरविजन में गिरफ्तार आरोपी दलाल भैरूराम यादव से कड़ी पूछताछ की जा रही है। एसीबी ने इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले में आगे का अनुसंधान जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड में आम जनता को परेशान करने वाले ऐसे सरकारी कारिंदों और उनके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने राजस्थान के नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी (जैसे पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी या अन्य) उनके किसी भी वैध कार्य को करने के बदले में रिश्वत या अनुचित लाभ की मांग करता है, तो वे तुरंत एसीबी की 24×7 चालू रहने वाली टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 या फिर ऑफिशियल व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9413502834 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। एसीबी जनता के जायज कार्यों को बिना किसी रुकावट और बिना रिश्वत के करवाने में पूरी कानूनी सहायता प्रदान करेगी।