
जयपुर। राजस्थान के 45 जिलों के कांग्रेस जिलाध्यक्षों की घोषणा में संगठन के लिहाज से सबसे बड़े जयपुर शहर का नाम शामिल नहीं होने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बेचैनी बढ़ गई है। दावेदारों में सांगानेर से कांग्रेस प्रत्याशी रहे पुष्पेन्द्र भारद्वाज और कांग्रेस नेता सुनील शर्मा के बीच मुख्य मुकाबला बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार इनमें से एक का नाम फाइनल हो चुका था, लेकिन जब सूची जारी हुई तो जयपुर शहर का नाम उसमें शामिल नहीं था। इस बीच जयपुर शहर के मौजूदा अध्यक्ष आर.आर. तिवाड़ी ने कहा कि वे कल भी दावेदार थे और आज भी हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि स्थानीय समीकरण, संगठनात्मक संतुलन और दावेदारों के बीच सहमति नहीं बनने की वजह से घोषणा टालनी पड़ी।
सुनील शर्मा को लोकसभा चुनाव में पहले प्रत्याशी बनाया गया था। बाद में उनका टिकट काटकर प्रताप सिंह खाचरियावास को टिकट दिया गया था। वहीं, पुष्पेन्द्र भारद्वाज सांगानेर से कांग्रेस प्रत्याशी रहे हैं। अब मुकाबले में तीसरे नाम के भी शामिल होने की चर्चा है। जिलाध्यक्षों की सूची में जयपुर ग्रामीण (पूर्व) में गोपाल मीणा और जयपुर ग्रामीण पश्चिम में विद्याधर चौधरी को अध्यक्ष बनाया गया है।
कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत जयपुर शहर के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक जीआर राजू ने नेताओं-कार्यकर्ताओं से रायशुमारी की थी। जिसमें यह संकेत दिए गए थे कि पार्टी के प्रति निष्ठा, समर्पण और जनाधार रखने वाले नेताओं को ही मौका मिलेगा और हाल ही दूसरे दलों से कांग्रेस में शामिल हुए नेताओं को दौड़ से बाहर रखा जाएगा। इसके बाद जिलाध्यक्ष के लिए छह नामों का पैनल भी तैयार हुआ।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि विधायक, विधानसभा चुनाव लड़ चुके नेता और निवर्तमान अध्यक्ष भी इस पद के लिए योग्य हो सकते हैं। ऐसे में अब सूची में जयपुर का नाम रोके जाने के बाद जिलाध्यक्ष के संभावित नाम में पूर्व जिलाध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री रहे प्रतापसिंह खाचरियावास, विधायक रफीक खान और अमीन कागजी का नाम भी चर्चा में है। हालांकि तीनों ने ही इस बार इस पद के लिए रुचि नहीं दिखाई। जिसके चलते मुकाबला दूसरी पंक्ति के नेताओं के बीच रह गया। जिनमें महेश शर्मा, गिरिराज गर्ग, मौजूदा अध्यक्ष आरआर तिवाड़ी, अवध शर्मा, मोहमद इकबाल के नाम बताए जा रहे हैं।
जयपुर शहर का नाम करीब-करीब फाइनल था। सूची में जयपुर का नाम क्यों नहीं है। यह देखकर हैरानी हुई। मैंने इस बार जिलाध्यक्ष पद के लिए इनकार कर दिया था।
-प्रतापसिंह खाचरियावास
जयपुर शहर का जिलाध्यक्ष सभी समीकरणों को देखकर बनाया जाएगा। मेरी जानकारी के मुताबिक दो नामों में से ही एक फाइनल था। नाम रुका क्यों? इसकी जानकारी नहीं है। मैंने इस बार दावेदारी नहीं जताई।
-रफीक खान, विधायक, आदर्श नगर
जयपुर शहर में दो में से एक का नाम लगभग तय था। फाइनल सूची में नाम नहीं देखकर हैरानी हुई।
-अमीन कागजी, विधायक, किशनपोल