
जयपुर. विकास के दावों के बीच कई कॉलोनियों के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। कहीं आबादी के बीच चल रहे आरएमसी प्लांट से धूल-धुएं और शोर की परेशानी है, तो कहीं सड़कें बदहाल हैं और सीवर का गंदा पानी रास्तों पर बह रहा है। कई इलाकों में स्ट्रीट लाइटें बंद हैं, पेयजल की बर्बादी हो रही है और कचरा संग्रहण की व्यवस्था भी सुचारू नहीं है। वहीं, पार्क, सड़क और सीवरेज जैसी सुविधाओं की कमी से भी लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। स्थानीय निवासी कई बार शिकायतें करने के बावजूद स्थायी समाधान का इंतजार कर रहे हैं और जिम्मेदार विभागों से समस्याओं का जल्द निस्तारण करने की मांग कर रहे हैं।
मोहन श्याम सिंह जादौन, वार्ड 35 @ धावास
एसएनएम चौराहे से लालरपुरा होते हुए वर्धमान किंग्स कोर्ट की ओर जाने वाली जेडीए की सेक्टर रोड के आस-पास इमारतें बन रही हैं। यहां संचालित रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांट और एक अन्य बिल्डिंग के निर्माण के लिए लगाए आरएमसी प्लांट से दिन-रात ध्वनि प्रदूषण हो रहा है।
इन दोनों आरएमसी प्लांट के कारण क्षेत्र में दिन-रात धूल और धुएं का गुबार भी उठ रहा है। वायु-ध्वनि प्रदूषण के कारण प्लांट के आस-पास रहने वाले बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राजस्थान संपर्क पोर्टल पर कई बार शिकायतों के बाद भी अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल, जयपुर विकास प्राधिकरण और नगर निगम को मामले की जांच करनी चाहिए। आबादी क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाले प्लांटों को बंद कराना चाहिए।
मनोज शर्मा, सुशांत सिटी 2, माचवा @ पत्रिका
झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इस कॉलोनी में सीवर व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कॉलोनी में जगह-जगह सीवर लाइनों में लीकेज होने से ये उफान पर हैं, जिससे सड़कों पर गंदा और बदबूदार पानी फैल गया है। स्थिति इतनी दयनीय हो गई हैं कि स्थानीय रहवासियों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। गंदे पानी के जमावड़े से संक्रामक बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
मनीराम शर्मा, सीकर रोड, राजावास @ पत्रिका.
जेडीए-अप्रूव्ड होने के बाद भी त्रिवेणी नगर में न तो पक्की सड़कें हैं और न ही सीवरेज। हर गली में बड़े-बड़े गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। जेडीए यहां विकास कार्य कराने से पल्ला झाड़ रहा है, तो पंचायत प्रशासन ने जेडीए की कॉलोनी बताकर जिम्मेदारी से इतिश्री कर ली। दोनों विभागों की खींचतान से स्थानीय निवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
राजस्थान पत्रिका के 12 अक्टूबर के अंक में ‘पब्लिक का पन्ना’ में प्रकाशित विभिन्न जनसमस्याओं से लोगों को राहत मिलना शुरू हो गई है। वहीं, कुछ समस्याओं की संबंधित विभाग की ओर से रिपोर्ट बनाई जा रही है। इससे आने वाले दिनों में समस्याओं का समाधान होगा। वैशाली, वैभव नगर से सड़क किनारे पड़ी गंदगी को निगम ने उठवाना शुरू कर दिया है। मान्यावास के तिरुपति विहार में कचरा लेने के लिए हूपर समय से पहुंचने लगा है। वहीं, हाईटेंशन के नीचे गोल्यावास क्षेत्र में चल रहे अवैध बजरी-ईंटों के कारोबार पर भी जेडीए कार्रवाई करेगा। प्रवर्तन शाखा की ओर से रिपोर्ट तैयार करवाई जा रही है। यहां क्षीर सागर, शिव विहार से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइन के नीचे बजरी-ईंटों के अवैध कारोबार से हमेशा हादसे की आशंका रहती है।
सुरेंद्र बिंदल वार्ड 67 मॉडल टाउन
गणेश विहार में इन दिनों सांडों का जमावड़ा रहता है। कॉलोनी की सड़कों पर झुंड में घूमते सांडों के कारण लोगों में भय का माहौल है। राहगीरों के साथ वाहन चालकों को भी आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सांडों के अचानक सड़क पर आ जाने या आपस में भिड़ने से दुर्घटना की भी आशंका रहती है।
संजय कुमान राणा सांगा मार्ग, वार्ड 62
प्रताप नगर में राणा सांगा मार्ग से उत्सव व प्रताप अपार्टमेंट होते हुए सीतापुरा जाने वाले व्यस्ततम मार्ग की स्ट्रीट लाइटें करीब एक माह से बंद हैं। इस कारण यहां रात होते ही अंधेरा छा जाता है। वहीं, वाहन चालकों व राहगीरों के लिए इधर से गुजरने पर दुर्घटना की भी आशंका रहती है। कई बार आवश्यक काम होने पर भी उसे अगले दिन के लिए टालना पड़ता है।
रितेश वैद झोटवाड़ा पुलिया के नीचे
क्षेत्र में पेयजल की अवैध लाइनों से तीन वर्षों से रोजाना हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। लगातार रिसाव से सड़क बार-बार टूट रही है और धंसती जा रही है। इससे आवाजाही में परेशानी के साथ हादसे का खतरा भी बना हुआ है। कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार विभाग क्षतिग्रस्त सडक पर डामर डालकर खानापूर्ति कर रहा है।
मनोज कुमार यादव, रामनगरिया
जेडीए कॉलोनी, बैंक ऑफिसर्स कैंपस में सड़क जैसी मूलभूत सुविधा ही नहीं है। 15 साल में भी कॉलोनी में एक बार भी सड़क का निर्माण नहीं हुआ। बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव हो जाता है। लंबे समय तक पानी सड़क पर भरा रहने से पूरी कॉलोनी के लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।
गलियों के फुटपाथ पर कुछ लोगों ने कब्जे कर रखे हैं। यहां के घरों में किराए से रहने वाले लोग फुटपाथ पर इलेक्ट्रिक रिक्शा, बाइक और साइकिल खड़ी कर देते हैं। इससे कागजों में करीब 30 फीट चौड़ी सड़क पर चलने के लिए 10 फीट जगह भी नहीं बची है।
- नवीन कुलदीप, हसनपुरा बी, रैगर बस्ती
कचरा संग्रहण वाहन (हूपर) नहीं आने से कचरा सड़ता रहता है। इससे क्षेत्र में मच्छर, मक्खी और बैक्टीरिया पैदा होने से डेंगू-मलेरिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियां होने की आशंका है। नालियों में कचरा फंस जाने से जल निकासी बाधित होती है।
- राजेश सक्सेना, सारंगपुरा, अजमेर रोड
क्षेत्र में सीवरेज चैंबर लंबे समय से ब्लॉक हैं। सड़कें भी जगह-जगह से टूटी हैं और उनमें गड्ढे हो गए हैं। इससे कॉलोनी के लोगों को आवागमन में दिक्कत भी होती है। बदहाल सड़क के कारण एक-दो बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।
-योगेश अग्निहोत्री, जादौन नगर ए, महारानी फार्म, दुर्गापुरा
ललिता देवी, वार्ड 58, कौशल्या विहार @ सांगानेर. जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की ओर से क्षेत्र में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसके चलते कॉलोनी के मुख्य और आंतरिक आवागमन मार्ग पूरी तरह बंद होने की आशंका है। इस स्थिति ने स्थानीय निवासियों की नींद उड़ा दी है।
रास्ते बंद होने से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और विशेष रूप से एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं का आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित होगा। इस समस्या को लेकर जेडीए अधिकारियों को पहले भी कई बार शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकलने से पूरी कॉलोनी में जेडीए की कार्यप्रणाली के प्रति नाराजगी है।
जेडीए कॉलोनी के रास्तों को बंद न करे, मौके पर निरीक्षण करवाए तथा स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षित एवं स्थायी आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कॉलोनी के 15 साल पहले जेडीए अप्रूव्ड होने के बाद भी यहां सड़क और रोड लाइट नहीं है। सड़क की बदहाल स्थिति और रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से रात में अंधेरे के कारण दुर्घटना की भी आशंका रहती है। संपर्क पोर्टल पर कई बार शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ। संबंधित विभाग सड़क बनवाने के साथ ही रोड लाइट भी लगवाएं, ताकि कॉलोनीवासियों को राहत मिल सके।
- प्रकाश कुमावत, किशोरपुरा, कालवाड़ रोड
सीवर चैंबर के पास का सड़क का हिस्सा बार-बार धंस जाता है। इस कारण यह जगह इधर से गुजरने वाले बच्चों, राहगीरों और वाहन चालकों के लिए कभी भी हादसे का कारण बन सकती है। छह महीने में यहां कई बार गड्ढा हो चुका है। इसे आस-पास के लोग कई बार भरवा चुके हैं, कुछ समय बाद सड़क फिर धंस जाती है। जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
-कोमल सिंह चौधरी, कृष्णा विहार विस्तार, हीरा पथ दक्षिण, मानसरोवर
जेडीए की अप्रूव्ड होने के बाद भी कॉलोनी में सुविधा क्षेत्र (पार्क) नहीं है, न ही सामुदायिक केंद्र है। कॉलोनी के मुख्य द्वार पर कचरा डिपो बना हुआ है। बार बार शिकायत करने के बाद भी उसको नहीं हटाया जा रहा है। शिकायत के बावजूद कॉलोनी की सड़कों पर स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए जा रहे हैं। ट्रांसफार्मर भी खुले पड़े रहने से दुर्घटना की आशंका रहती है।
- विनीत मान, धर्मपार्क कॉलोनी
कल्याणपुरी, वार्ड 50, सांगानेर. वर्ष 1993 से कॉलोनी की बसावट से लेकर आज तक क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। जेडीए से भवनों का पट्टा लेने के लिए कार्यालय के कई चक्कर काट चुके हैं। हर बार मिलता है आश्वासन और अगली तारीख। वहीं, कॉलोनी की सुविधाओं की फाइल दफ्तरों में एक अधिकारी की टेबल से दूसरी टेबल तक घूम रही है। पत्रिका की मोहल्ला मीटिंग में ........ के लोगों ने क्षेत्र में सुविधाओं की कमी के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। कॉलोनी में जल निकासी का भी कोई इंतजाम नहीं है। वहीं, जेडीए में तय रकम जमा कराने के बाद भी सीवर लाइन डलने से पूरी कॉलोनी टापू बनने की कगार पर है।
करीब 10 साल पहले कॉलोनी की सड़कों और पोल्स पर लगाई स्ट्रीट लाइटें खराब हो चुकी हैं। जगह-जगह ट्रांसफार्मर भी खुले पड़े हैं। पास की आवासीय सोसायटी की ओर से सीवर का गंदा पानी छोड़ने से भी बीमारियों का खतरा है।
@ शिवराम कॉलोनी, जगतपुरा. कॉलोनी के पार्क में गंदगी ने डेरा जमा रखा है। नियमित साफ-सफाई नहीं होने के साथ ही बारिश के बाद जलभराव के कारण पूरी कॉलोनी के लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो जाती है। सामुदायिक भवन नहीं होने से छोटे-मोटे सामाजिक आयोजनों के लिए भी दूर-दराज महंगे दामों पर गार्डन या बैंक्वेट हॉल बुक कराना पड़ता है। पत्रिका की मोहल्ला मीटिंग में जुटे कॉलोनीवासियों ने क्षेत्र की इन तमाम समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। साथ ही जिम्मेदार विभागों से तुरंत कार्रवाई करने और समस्याओं से निजात दिलाने की मांग की। लोगों ने पार्क से कचरा और गंदगी हटवाकर इसकी नियमित सार-संभाल के लिए जिम्मेदारी तय करने और जलभराव के स्थायी समाधान सहित अन्य दिक्कतों का समाधान कर क्षेत्र को आदर्श कॉलोनी बनाने की मांग की।
यदि हां तो वॉट्सएप नं. 9057531314 व मेल आइडी jaipur@in.patrika.com पर समस्या हमें भेजें। अगली मोहल्ला मीटिंग आपके यहां होगी। आपकी बात जिम्मेदारो तक पहुंचाएंगे।