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Public Ka Panna: जयपुर की कॉलोनियों का हाल बेहाल, 30 साल से सड़क नहीं, कहीं स्ट्रीट लाइट गायब तो कहीं सीवर का गंदा पानी

Public Ka Panna : 'पत्रिका' की नई पहल, 'पब्लिक का पन्ना' से जुड़ कर जयपुर की जनता ने अपनी परेशानियां हमसे साझा की हैं। जनता ने सिस्टम से कई बार गुहार लगाई, पर समाधान नहीं मिला। कुछ समस्याएं तो जानलेवा हो गईं है। जानिए अपने शहर की जनता का दर्द।
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Jaipur civic issues

Public Ka Panna : फोटो पत्रिका। सड़क, पानी, सफाई, ट्रैफिक, पार्किंग, अतिक्रमण, स्कूल, अस्पताल, बिजली, स्ट्रीट लाइट और सरकारी सेवाओं से जुड़ी समस्याएं हमें भेजें। आपके मोहल्ले की अच्छी पहल, किसी व्यक्ति या संस्था की उपलब्धि, बच्चों-युवाओं की सफलता और कोई भी प्रेरक सकारात्मक खबर भी हमें भेजें। ऊपर दिया QR Code स्कैन करें।

जयपुर. राजधानी की कॉलोनियों में विकास के बड़े-बड़े दावों के बावजूद आम लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में लोग टूटी सड़कों, भरे हुए गंदे पानी और चोक सीवर से बुरी तरह परेशान हैं। कहीं बिना मीटर के सीधे तार डालकर बिजली चोरी से ई-रिक्शा और गाड़ियां चार्ज की जा रही हैं, तो कहीं 20-30 साल बीत जाने के बाद भी न पक्की सड़क बनी है और न स्ट्रीट लाइट लगी है। अंधेरे और बदहाली का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का जमावड़ा बढ़ रहा है, जिससे लोग खौफ में जीने को मजबूर हैं।

चोरी की बिजली से चार्ज हो रहे इलेक्ट्रिक वाहन

कमलेश राठौड़, आशादीप वसंत कुंज, नियर गोनेर रिंग रोड, रलावता

वर्ष 2010 में आवासीय सोसायटी का निर्माण हुआ था। कॉलोनी के कई घरों में बिजली मीटर ही नहीं है। ये परिवार लंबे समय से इलेक्ट्रिक पैनल से सीधे बिजली लेकर उपयोग कर रहे हैं। वहीं, कई इलाकों में रोड लाइट नहीं होने से सड़कों पर शाम होते ही अंधेरा हो जाता है। इस कारण रात के समय रिश्तेदार-परिचित भी आने से कतराते हैं।

बिना मीटर बिजली लेने वालों पर हो कार्रवाई

आशादीप विस्तार कॉलोनियों के कई घरों में चोरी की बिजली से घर के अन्य सभी विद्युत उपकरण भी चलाए जा रहे हैं। दोपहिया वाहनों को चार्ज करने में भी सीधे बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तरह बिजली की चोरी से न केवल विद्युत विभाग को राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि वैध रूप से मीटर लगाकर बिजली का बिल चुकाने वाले उपभोक्ताओं के साथ भी यह अन्याय है। ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर बिना मीटर बिजली का उपयोग करने वाले परिवारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो।

कॉलोनी में 20 साल से नहीं लगी स्ट्रीट लाइट

कॉलोनी को बसे हुए करीब 20 साल हो चुके हैं, लेकिन अभी तक यहां स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है। शाम होते ही पूरी कॉलोनी की सड़कें अंधेरे में डूब जाती हैं। इस कारण दुर्घटना का भी डर रहता है। इसके अलावा सीवर लाइन और सड़कों का भी अभाव है।
-अमित मोरवाल, वीर हनुमान नगर, गोविंदपुरा, कालवाड़ रोड

क्षेत्र में सड़कों पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व भी सक्रिय हो गए हैं। इससे रात्रि में चोरी, छपटमारी और अन्य घटनाएं होने की आशंका है।
-दीपक पारीक, वार्ड 59, ग्राम केश्यावाला

गड्ढों से चलना हुआ हराम

अनिल माथुर, जगदंबा नगर, धावास @ पत्रिका.

धावास रोड पर निम्बार्क मंदिर से कुमार की होटल तक बीसलपुर की पाइपलाइन डालने के बाद अब तक मरम्मत नहीं हुई। इस कारण जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इससे यहां आए दिन दुर्घटना का खतरा भी रहता है। धावास रोड से आसपास की करीब 100 कॉलोनियों के हजारों लोग रोजाना आवागमन करते हैं। 10 वर्ष पहले जेडीए ने इन कॉलोनियों का नियमन कर करोड़ों रुपए विकास शुल्क के रूप में लिए थे, फिर भी क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं विकसित नहीं हो सकीं।

तत्काल हो मरम्मत

क्षेत्र में न तो सीवरेज है, न व्यवस्थित सड़क और न ही ड्रेनेज सिस्टम। बारिश में समस्या और बढ़ जाती है। जेडीए अधिकारियों से शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही। धावास रोड की तत्काल मरम्मत कराई जाए और क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं विकसित हों।

टूटी रपट से नदी पार कर रहे लोग

राव पुष्पेंद्र सिंह, विद्याधर नगर @ पत्रिका.

द्रव्यवती नदी के किनारे गंदगी का अंबार लगा है। कुछ लोगों के इसके किनारे कचरा डालने से आस-पास बदबू फैल रही है। वहीं, द्रव्यवती को पार करने के लिए जेडीए की ओर से बनाई गई रपट भी टूट चुकी है। इससे लोगों के लिए इसे पार करना मुश्किल हो गया है। मजबूरी में कई लोग पानी के बीच से होकर रपट पार करते हैं। रात में पर्याप्त रोशनी नहीं होने से कुछ लोग अंधेरे में फिसल भी चुके हैं।

पब्लिक को मिला पत्रिका का साथ

शिव शक्ति नगर में निर्माण नगर को किंग्स रोड से मिलाने वाली सड़क पर दो साल से बड़ा गड्ढा होने से आस-पास के लोग परेशान थे। सीवर के साथ ही आस-पास की मल्टी स्टोरी बिल्डिंगों से निकलने वाला गंदा पानी भी यहां जमा हो जाता था। राजस्थान पत्रिका के 21 सितंबर के अंक में पब्लिक का पन्ना में 'दो साल से गड्ढे में जमा हो रहा गंदा पानी' शीर्षक से प्रमुखता से खबर के प्रकाशन के बाद हालात में सुधार हो गया। स्थानीय निवासी मनोज कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि सुबह उठकर बाहर देखा तो क्षतिग्रस्त सड़क ठीक हो गई थी। लोगों ने भी पत्रिका को थैंक यू कहा। साथ ही दिनभर यह खबर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय रही।

किश्तों पर खरीदा ई-रिक्शा, पुर्जे हुए चोरी

शहर की किसी भी व्यस्ततम सड़क, प्रमुख चौराहे या सड़कों पर खराब हाल में ई-रिक्शा मिल जाएंगे। नशे की लत पूरी करने के लिए कुछ नशेड़ी टायर, मोटर और बैटरी चोरी करके ले जाते हैं। किश्तों पर ई-रिक्शा खरीदने के बाद इसके पुर्जे चोरी होने पर चालक के परिवार के अरमान ही सड़क पर आ जाते हैं।

ई-रिक्शा के पुर्जों की चोरी की रिपोर्ट थाने में दर्ज नहीं होने से भी शहर में ऐसी चोरियों में इजाफा हो रहा है। कुछ जगह ऐसी चोरियां तो ई-रिक्शा वालों को सस्ते पार्ट्स की जरूरत के कारण भी हो जाती है।

वहीं, चोरी हुए पुर्जे भी मार्केट में बिकने के लिए आ जाते हैं। कुछ समय पहले ट्राइटन मॉल के बाहर और आसपास की जगहों से ट्रक में भरकर इन ई-रिक्शा को ले जाया गया था। हटवाड़ा रोड से खातीपुरा की तरफ जाने पर 8-10 से ज्यादा ई-रिक्शा खराब हाल में मिल जाएंगे। नशे की एक-दो खुराक के इंतजाम में की गई चोरी से परिवार की आमदनी का जरिया ही खत्म हो जाता है।

पुलिस के नाम पत्र: बच्चों के सपनों की चोरी

साहब किश्तों पर ई-रिक्शा खरीदने के बाद सोचा था कि इसी से बच्चों की पढ़ाई और परिवार की जरूरतें पूरी करूंगा। सुबह से रात तक मेहनत करने पर घर का चूल्हा जलता है। नशे की एक-दो खुराक के लिए किसी ने परिवार का कई दिनों का निवाला छीन लिया। यह टायर या बैटरी-मोटर नहीं मेरे बच्चों के सपनों की चोरी है।

घर राजधानी में, लेकिन हालात गांव-ढाणी के जैसे

घनश्याम गुर्जर, वार्ड 2 बढ़ारणा

विद्याधर नगर क्षेत्र में बढ़ारणा के बीचों-बीच स्थित मार्ग के हाल गांव ढाणी जैसे हैं। कीचड़ और गंदे पानी के चलते यहां से गुजरना बड़ा मुश्किल है। यहां सड़क तो दूर कंक्रीट का रास्ता भी नहीं है। मजबूरन बच्चों को इसी रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ता है। जनप्रतिनिधियों को लिखित शिकायत देने के बावजूद भी हाल नहीं सुधरे।

सब्जी मंडी का प्लेटफॉर्म बना नशे का अड्डा

राजपाल सिंह जायसवाल, प्रताप नगर

यहां सेक्टर-7 में हाउसिंग बोर्ड की ओर से सब्जी मंडी के लिए तैयार किए प्लेटफॉर्म पर अतिक्रमण हो गया है। प्लेटफॉर्म पर कुछ लोगों ने आशियाने बना लिए हैं और यहां खुलेआम नशे का कारोबार किया जा रहा है। इससे आसपास रहने वाले लोगों में असुरक्षा और भय का माहौल है। नशे के कारोबार से जुड़े लोग दिनभर सक्रिय रहते हैं।

खाली जमीन पर बन रही अवैध बिल्डिंग

दीपक मीणा, सेक्टर 11, मालवीय नगर

भगवानपुरी में खाली जमीन पर अवैध बिल्डिंग बन रही है। इसका मामला राजस्व मंडल, अजमेर में विचाराधीन होने के बावजूद भी यहां निर्माण कार्य जारी है। जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से मामले की जांच कर निर्माण की वैधता की पुष्टि की जाए। निर्माण नियमों के विपरीत होने पर भवन सील कर निर्माण रुकवाया जाए।

घने पेड़ों से पार्क में दिन में अंधेरा, छंगाई हो

संजीव शर्मा, कालवाड़ रोड

करधनी स्कीम के ई ब्लॉक पार्क में लगे सभी पेड़ बहुत घने हो गए हैं। पार्क की सभी लाइटें भी इन पेड़ों के पीछे छिप गई हैं। इसलिए लाइट जलने के बाद भी पार्क में अंधेरा रहता है। सांप और बिच्छू के निकलने का खतरा भी रहता है। अंधेरे का फायदा उठा कर कुछ लोग पार्क में अवांछित गतिविधियां भी करते हैं।

पब्लिक स्पीक

कचरा लेने नियमित नहीं आता हूपर

कॉलोनी में कचरा लेने के लिए हूपर नियमित नहीं आता। आठ-दस में एक बार बिना सायरन-गाना बजाए आता है, जिससे कि पता ही नहीं चलता। पास में मेन रोड पर एक भूखण्ड पर सब लोग कचरा डालते हैं।
- विनीता शर्मा, गोकुल धाम, सिरसी रोड, मीनावाला

सिविल लाइन पार्क में श्वानो का आतंक

लोकभवन के पीछे स्थित सिविल लाइन पार्क में बहुत से आवारा श्वान घूमते हैं। इस कारण यहां आने वाले बुजुर्गों एवं बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गत दिनों बंदर का बच्चा भी बच्चों और बड़ों को काट चुका है। इस समस्या से जल्द निजात मिले।
-गिर्राज सोनी, कृष्णापुरी, सोडाला

मिट्टी डाली, सड़क बनाना भूला जेडीए

क्षेत्र में करीब एक महीने पहले जेडीए की ओर से सड़क बनाई गई थी, लेकिन वहां पर मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया, जिससे क्षेत्र में दिनभर धूल का गुबार उड़ता है। स्थानीय लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है और घरों में भी धूल जमा हो रही है।
- मोहित शर्मा, अजमेर रोड, भंभोरिया गांव

जनता की नजर

कॉलोनी नाम की ही जेडीए अप्रूव्ड 30 साल से नहीं बनी है सड़क

जेडीए अप्रूव्ड होने के बावजूद कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। गत 30 वर्षों से सड़क नहीं बनी है। पानी की निकासी के लिए नालियां नहीं हैं और सीवरेज की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। बारिश के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं। जिंदगी के 30 साल इस उम्मीद में गुजार दिए कि कभी न कभी सरकार हमारी समस्या सुनेगी, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ।
- मदनलाल मिरोठा, विनायक विहार, गोनेर रोड, लूनियावास

एक माह से पेयजल आपूर्ति बाधित, सीवर लाइन भी चोक

कॉलोनी में पिछले एक माह से पेयजल आपूर्ति बाधित होने से मजबूरन लोगों को मुंह-मांगे दामों पर टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। कॉलोनी की सीवर लाइन चोक होने से जिंदगी और दुश्वार हो गई है। हाल ही हुई बारिश में सीवर का गंदा पानी और मलबा घरों में घुस गया। संबंधित विभाग के पोर्टल और हेल्पलाइन के माध्यम से कई बार शिकायत कर चुके हैं, अब तक समस्या का स्थायी समाधान ही नहीं हुआ है।
-लवलेश सर्राफ, प्रेम नगर द्वितीय, गुर्जर की थड़ी

स्वच्छ माहौल में जीने का हक, कचरे, गोबर की दुर्गंध से मिले आजादी

राजस्थान हाउसिंग बोर्ड (आरएचबी) के एक भूखंड में लंबे समय से कचरा और गोबर जमा हो रहा है। नियमित सफाई नहीं होने के कारण यहां गंदगी का ढेर लगा रहता है। पूरे क्षेत्र में हर समय दुर्गंध के कारण यहां रह रहे लोग स्वच्छ हवा में सांस लेना भूल गए हैं। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है।
- राजेश रूंगटा, प्रताप नगर

पत्रिका मोहल्ला मीटिंग

खूबसूरती और सुविधाओं को देखकर लिया था घर, कैफे की आड़ में नशेड़ियों का जमावड़ा

सेंट्रल स्पाइन की खूबसूरती बढ़ाने के लिए जेडीए की ओर से बनाया आर्केड (सार्वजनिक परिसर) अब अव्यवस्थाओं और कथित नशाखोरी की समस्या से जूझ रहा है। चाय की दुकानों और कैफे की आड़ में देर रात तक अनजान युवकों का जमावड़ा रहता है। कुछ लोग नशा भी करते हैं। पत्रिका मोहल्ला मीटिंग के तहत जुटे लोगों ने क्षेत्र की प्रमुख समस्या को रखा। कर्नल पी.एस. महला ने कहा कि उन्होंने सेंट्रल स्पाइन की खूबसूरती और यहां की व्यवस्थाओं को देखकर फ्लैट खरीदा था। देखरेख के अभाव में आर्केड की स्थिति खराब हो गई है।

इन समस्याओं का हो तुरंत निदान

आर्केड क्षेत्र में पेड़-पौधों के स्थान पर थड़ियां बन गई हैं, इन्हें तुरंत हटाया जाए, ताकि फिर से वहां पर हरियाली विकसित हो सके। इसके अलावा पूर्व में आर्केड से बैरियर भी हटा दिए थे। इन्हें पुन: लगाया जाए, ताकि वाहनों की आवाजाही पर रोक लग सके। कई जगह लाइटें नहीं जलतीं। सफाई व्यवस्था भी नियमित नहीं है। इन सभी समस्याओं का जल्द निदान होना चाहिए।

सफाई-सीवर से लेकर अतिक्रमण की समस्या

सफाई, सीवर, अतिक्रमण और पार्किंग जैसी समस्याओं से सांगानेर क्षेत्र के लोग लंबे समय से परेशान हैं। कई जगह शिकायत के बावजूद इनका स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा। पत्रिका मोहल्ला मीटिंग में वार्ड 51 के लोगों ने सफाई व्यवस्था की वर्तमान स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। लोगों का कहना था कि नियमित सफाई नहीं होने से कई जगह गंदगी है। वहीं सीवर लाइन आए दिन चोक होने से परेशानी और बढ़ जाती है। सीवर ब्लॉक खोलने के लिए पंप लगाया जाता है। सीवर का पानी नई बनी नाली में छोड़े जाने से आस-पास के लोगों को दुर्गंध और मच्छरों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की।

लोगों ने बताया कि दादू नगर, सांगानेर में एक प्लॉट मालिक को नोटिस दिए जाने के बावजूद निर्माण कार्य जारी है। आरोप है कि शिकायतों के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही।

क्या आपके मोहल्ले में भी कोई मुद्दा है?

यदि हां तो वॉट्सएप नं. 9057531314 व मेल आइडी jaipur@in.patrika.com पर समस्या हमें भेजें। अगली मोहल्ला मीटिंग आपके यहां होगी। आपकी बात जिम्मेदारों तक पहुंचाएंगे।