
राजस्थान की सियासत और प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच कई बार कुछ ऐसे मानवीय क्षण सामने आते हैं, जो समाज में एक बेहद सकारात्मक और अनूठा संदेश छोड़ जाते हैं। ऐसा ही एक खूबसूरत वाकया जयपुर में आयोजित एक सरकारी समारोह के दौरान देखने को मिला है। इस कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मंच पर आसीन थे और चारों तरफ सुरक्षा का कड़ा पहरा था। इसी दौरान कार्यक्रम में अपनी मां के साथ शामिल होने आए एक छोटे बालक दिलखुश बिश्नोई ने कुछ ऐसा किया कि वहां मौजूद हर शख्स दंग रह गया। अब इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बता दें कि आमतौर पर किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री के आसपास त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा होता है और आम नागरिकों या बच्चों का सीधे तौर पर मंच तक पहुंचना लगभग असंभव माना जाता है। लेकिन इस घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया कि मासूमियत और सच्चे आत्मविश्वास के आगे कड़े नियम-कायदे भी बेहद सहज और सरल हो जाते हैं।
मौक़ा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का था।जयपुर के इस कार्यक्रम में जब मुख्यमंत्री मंच पर मौजूद थे, तब दर्शक दीर्घा में बैठा बालक दिलखुश बिश्नोई अचानक अपनी सीट से उठा। उसके मन में मुख्यमंत्री से मिलने की तीव्र इच्छा थी। बिना किसी हिचकिचाहट, संकोच या डर के, यह छोटा बच्चा बेहद निर्भीक होकर और अपने कदमों में गजब का आत्मविश्वास लिए सीधे मुख्य मंच की सीढ़ियों की तरफ बढ़ने लगा।
वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों की नजर जैसे ही इस छोटे बच्चे पर पड़ी, वे नियमों के मुताबिक उसे रोकने के लिए आगे बढ़े। लेकिन जैसे ही उन्होंने दिलखुश के चेहरे की मासूमियत, उसकी आंखों की चमक और बिना किसी झिझक के आगे बढ़ने के गजब के हौसले को देखा, तो सुरक्षा में लगे कड़क अधिकारी भी अपनी मुस्कान नहीं रोक पाए। बच्चे के इस सकारात्मक रवैये को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने उसे बीच में टोकने या रोकने के बजाय बेहद सहृदयता दिखाई और उसे आगे जाने का सुरक्षित रास्ता दे दिया।
जैसे ही दिलखुश बिश्नोई अनायास और बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नजदीक पहुंचा, मुख्यमंत्री ने उसे अपने सामने देखा। अचानक एक छोटे बच्चे को अपने पास खड़ा देख मुख्यमंत्री बिल्कुल भी असहज नहीं हुए, बल्कि उनके चेहरे पर एक आत्मीय मुस्कान आ गई। मुख्यमंत्री ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल को पूरी तरह किनारे रख दिया।
सीएम भजनलाल शर्मा ने आगे बढ़कर दिलखुश को बेहद लाड-प्यार से अपने गले से लगा लिया। मुख्यमंत्री का बच्चों के प्रति यह सहज, सरल और वात्सल्य से भरा व्यवहार देखकर कार्यक्रम में उपस्थित तमाम अतिथि, अधिकारी और दर्शक दीर्घा में बैठे सैकड़ों लोग तालियां बजाने लगे। वहां मौजूद हर शख्स के चेहरे पर इस खूबसूरत दृश्य को देखकर एक अलग ही खुशी और संतोष का भाव साफ तैरने लगा था।
मंच पर बिठाने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बच्चे से उसका नाम पूछा और उसके बारे में जानकारी ली। बच्चे ने भी बिना किसी घबराहट के मुख्यमंत्री के हर सवाल का जवाब दिया।
बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां तैनात अपने स्टाफ को निर्देश देकर दिलखुश के लिए टॉफी मंगवाई। इतना ही नहीं, बालक दिलखुश की इच्छा का मान रखते हुए मुख्यमंत्री ने एक डायरी और कागज पर उसके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए अपने हस्ताक्षर किए और एक बेहद प्रेरणादायक संदेश भी लिखकर दिया।
मुख्यमंत्री से ढेर सारा प्यार और ऑटोग्राफ प्राप्त करने के बाद, बालक दिलखुश किसी बड़ी वैश्विक जंग को जीतने वाले एक महान विजेता के अंदाज में पूरे स्वाभिमान और बढ़े हुए कॉन्फिडेंस के साथ मंच से नीचे उतरा। जैसे ही बेटा मुख्यमंत्री का ऑटोग्राफ लेकर नीचे पहुंचा, मां की आंखों से खुशी और गर्व के आंसू छलक पड़े। उन्होंने तुरंत अपने बेटे को गले लगा लिया और उसके माथे को चूम लिया। अब इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।