कलक्ट्रेट सर्कल...ट्रैफिक के लिहाज से जयपुर का सबसे व्यस्त स्पॉट है, जहां रोज़ाना 40 से 50 हजार वाहनों की आवाजाही होती है। एमआई रोड से कबीर मार्ग तक 5 प्रमुख सड़कों से पहुंचने वाला वाहनों का रेला दिन भर जाम के हालात पैदा करता है। सुबह से शाम तक गाड़ियां गोल-गोल घूमती हैं।
Jaipur News: कलक्ट्रेट सर्कल...ट्रैफिक के लिहाज से जयपुर का सबसे व्यस्त स्पॉट है, जहां रोज़ाना 40 से 50 हजार वाहनों की आवाजाही होती है। एमआई रोड से कबीर मार्ग तक 5 प्रमुख सड़कों से पहुंचने वाला वाहनों का रेला दिन भर जाम के हालात पैदा करता है। सुबह से शाम तक गाड़ियां गोल-गोल घूमती हैं। यहां से निकलना वाहन चालकों के लिए जंग जीतने जैसा है।
मगर, इस सर्कल पर जाम की समस्या का समाधान भी यहीं छिपा है। जी हां! एक्सपर्ट मानते हैं कि यदि सर्कल वाले हिस्से के बीचोंबीच भूमिगत पार्किंग बना दी जाए तो जो वाहन दिन भर सडक़ पर खड़े रहते हैं, वो पार्किंग में जाने लगेंगे। इससे न सिर्फ सर्कल पर बल्कि शहर के दूसरे बड़े मार्गों पर भी आवाजाही सुगम हो जाएगी।
1 -एमआइ रोड: गवर्नमेंट हॉस्टल, रेलवे स्टेशन, हसनपुरा सहित कई इलाकों की इस रोड से आवाजाही होती है। सबसे ज्यादा ट्रैफिक इसी मार्ग पर रहता है।
2 -माधो सिंह रोड: शास्त्री नगर, सुभाष नगर, कांवटिया अस्पताल और आस-पास के क्षेत्र में इसी रोड से आवाजाही होती है।
3- सवाई जयसिंह हाईवे: झोटवाड़ा, विद्याधर नगर, पानी पेच होते हुए सीकर रोड, वीकेआइ, कालवाड़ रोड, सिरसी रोड, करधनी, मुरलीपुरा क्षेत्र के लिए आने जाने के लिए इस रास्ते का प्रयोग करते हैं।
4- शिव मार्ग:झोटवाड़ा रोड होते हुए चांदपोल गेट, सीकर हाउस, भट्टा बस्ती आदि क्षेत्र के लोगों की आवाजाही होती है।
5- कबीर मार्ग: राम मंदिर रोड पर यह मार्ग निकलता है। आस-पास की कॉलोनियों के वाहनों का दबाव इस मार्ग पर रहता है।
ऐसे होते हैं हालात
-वाहनों की लंबी कतारें
-एम्बुलेंस और बसें अक्सर जाम में फंस जाती हैं
-पैदल चलना बेहद मुश्किल।
ये भी बड़ी वजहें
-सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग
-सडक़ों की चौड़ाई सिमटती जा रही
-ट्रैफिक दबाव कई गुना बढ़ गया
प्रस्ताव पारित कर भूले
पूर्व में हैरिटेज नगर निगम सर्कल पर भूमिगत पार्किंग का प्रस्ताव पारित किया था। हालांकि, यह घोषणा सिर्फ कागजी ही साबित हुई, क्योंकि इसके बाद इस पर कोई अमल ही नहीं किया गया।
सर्कल वाले हिस्से में विकसित की जाए भूमिगत पार्किंग
कलक्ट्रेट सर्कल जैसे हाई ट्रैफिक नोड पर जाम की सबसे बड़ी वजह सडक़ किनारे अव्यवस्थित पार्किंग है। सर्कल वाले हिस्से में तीन से चार मंजिला पार्किंग विकसित कर दी जाए तो मुख्य सडक़ से वाहनों का दबाव खत्म हो जाएगा। इससे ट्रैफिक फ्लो में सुधार आएगा। इस तरह का प्रयोग हाईकोर्ट के सामने किया जा चुका है और शुरुआती दिनों में प्रयोग सफल भी नजर आ रहा है।
-नेहा खुल्लर, कार्यकारी निदेशक, मुस्कान एनजीओ