
Coriander Price Hike : हर सब्जी के साथ मुफ्त में मिलने और जायका बढ़ाने वाला हरा धनिया इन दिनों आमजन की पहुंच से दूर हो चुका है। कीमतें दो शतक से अधिक पार हो चुकी है। दाम सेब और अनार के बराबर पहुंच गए है। इसकी मुख्य वजह राजधानी जयपुर और इसके आस-पास स्थानीय स्तर पर धनिये की आवक पूरी तरह बंद होना और बाहरी राज्यों पर बढ़ती निर्भरता है। पहले टोंक और आस-पास की जगहों पर तेज बारिश और इसके बाद गर्मी से फसल खराब हो चुकी है।
वर्तमान समय में जयपुर के मुहाना मंडी में मध्यप्रदेश, नासिक और बेंगलूरु से ही धनिया पहुंच रहा है। वहीं परिवहन लागत अधिक होने से बेंगलूरु से हवाई मार्ग से आने वाले धनिये की लागत सबसे ज्यादा है। व्यापारियों का कहना है कि यदि बारिश का दौर तेज हुआ तो आने वाले दिनों में धनिये के भाव में और उछाल आ सकता है।
वीवीआईपी माने जाने वाली जगह सी-स्कीम, राजापार्क मालवीय नगर, वैशालीनगर सहित अन्य जगहों पर धनिये के दाम बुधवार को 300 रुपए प्रतिकिलो तक रहे। वहीं लाल कोठी, जौहरी बाजार सब्जी मंडी और अन्य जगहों पर धनिया की कीमत 250 रुपए किलो तक पहुंच गई है।
जयपुर फल एवं सब्जी थोक विक्रेता संघ मुहाना मंडी के अध्यक्ष योगेश तंवर ने बताया कि रोजाना करीब 17 गाड़ियों से 16 क्विटल के आस-पास माल पहुंच रहा है। सबसे ज्यादा गाड़ियां मध्यप्रदेश से आ रही है। थोक कीमत 130 से 150 रुपए, वहीं महाराष्ट्र के नासिक से 150 रुपए और बेंगलूरु से हवाई मार्ग से पहुंचने वाला धनिया 170 रुपए प्रति किलो तक है। अन्य सब्जियों की भी स्थानीय आवक पूरी तरह से प्रभावित होने से सब्जियों के दामों में भी 40 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है।
व्यापारी इंद कुमार सैनी ने बताया कि तेज गर्मी और उससे पहले बारिश से फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। इससे धनिए की आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो चुकी है। आमजन को परेशानी न हो इसके लिए व्यापारियों ने इसका भी तोड़ निकाला है।
जयपुर के व्यापारी बेंगलूरु से हवाईजहाज के जरिए तीन टन से अधिक धनिया मंगवा रहे हैं। लेकिन हर दिन किराया और परिवहन पर भारी खर्च हो रहा है। जिस वजह से धनिए के दाम आसमान छू रहे हैं। अभी आने वाले दिनों में भी धनिए की कीमत में कमी आने की संभावना नजर नहीं आ रही है।