
Food Security Scheme : फाइल फोटो पत्रिका
Rajasthan : राजस्थान में राशन कार्ड से संबंधित सेवाओं को अधिक सरल बनाने की दिशा में राजस्थान सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने नई स्वचालित व्यवस्था लागू कर दी है। अब किसी नवजात शिशु का जन्म प्रमाण पत्र जारी होते ही उसका नाम संबंधित परिवार के राशन कार्ड में स्वतःदर्ज हो जाएगा। वहीं किसी व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने पर उसका नाम भी राशन कार्ड से बिना किसी आवेदन के स्वतः हटा दिया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत जैसे ही नवजात शिशु का जन्म प्रमाण पत्र जारी होगा, उसकी जानकारी स्वतः खाद्य विभाग तक पहुंचेगी। इसके बाद माता-पिता के आधार, जनआधार और अन्य विवरणों का मिलान कर बच्चे का नाम संबंधित परिवार के राशन कार्ड में सदस्य के रूप में स्वतः दर्ज कर दिया जाएगा। यदि जन्म प्रमाण पत्र बनाते समय बच्चे का नाम दर्ज नहीं किया है, तो राशन कार्ड में अस्थायी रूप से माता के नाम का शिशु के रूप में प्रविष्टि होगी। बाद में जन्म प्रमाण पत्र अथवा जनआधार में नाम अपडेट होते ही राशन कार्ड में भी वास्तविक नाम स्वतः दर्ज हो जाएगा।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र परिवारों में बच्चे का नाम जुड़ते ही उसके हिस्से का खाद्यान्न आवंटन भी स्वतः शुरू हो जाएगा। हालांकि पांच वर्ष की आयु पूरी होने पर नियमित खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक पहचान सत्यापन (ई-केवाईसी) कराना अनिवार्य रहेगा।
राजस्थान में नई व्यवस्था के तहत किसी नागरिक का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होते ही उसकी सूचना स्वतः खाद्य विभाग तक पहुंचेगी और संबंधित सदस्य का नाम राशन कार्ड से विलोपित कर दिया जाएगा। इससे परिजनों को अलग से आवेदन करने या विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
राज्य सरकार की यह नई व्यवस्था आमजन को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण प्रणाली को राशन कार्ड डाटाबेस से जोड़ दिया है, जिससे नवजात शिशु का नाम स्वतः जुड़ जाएगा और मृत्यु होने पर संबंधित सदस्य का नाम स्वतः हट जाएगा। इससे लोगों को अलग-अलग आवेदन करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और पात्र परिवारों को समय पर खाद्यान्न का लाभ मिल सकेगा।
जितेन्द्र कुमार, जिला रसद अधिकारी झालावाड़
Updated on:
13 Jul 2026 12:05 pm
Published on:
13 Jul 2026 12:05 pm
