
दौलतपुरा (जयपुर)। आंखों में सरकारी शिक्षक बनने का एक सुनहरा सपना, हाथों में परीक्षा का प्रवेश पत्र और दिल में अपने परिवार को एक बेहतर जिंदगी देने की उम्मीद में चक मनोहरपुर का 33 वर्षीय सुरेश यादव बुधवार सुबह इसी हौसले के साथ जयपुर के लिए निकला था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस हाईवे की चौंप पुलिया के पास वाहन की टक्कर से न सिर्फ सुरेश की जिंदगी की रफ्तार रोक दी, बल्कि उसके शिक्षक बनने का सपना भी अधूरा रह गया।
दौलतपुरा थाना पुलिस के अनुसार चक मनोहरपुर देवका हरवाड़ा पंचायत निवासी सुरेश यादव (33) पुत्र गुल्लाराम यादव प्रथम श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा देने जयपुर जा रहा था। रास्ते में नवलपुरा मोड़ पर उसे नवलपुरा निवासी रामस्वरूप यादव मिला, जिसे वह अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर जयपुर के लिए रवाना हुआ। चौंप पुलिया के पास किसी वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे दोनों गंभीर घायल हो गए। हाईवे एंबुलेंस से दोनों को कांवटिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने सुरेश को मृत घोषित कर दिया। वहीं रामस्वरूप को गंभीर हालत में एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
चौंप पुलिया के पास हादसे में जान गंवाने वाले सुरेश यादव के परिवार पर एक वर्ष के भीतर तीसरी विपदा आई है। मृतक पांच भाइयों में सबसे छोटा था। परिजनों के अनुसार करीब सात माह पहले सुरेश के बड़े भाई सरदार यादव की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई थी। इससे तीन माह पहले उनके पिता गुल्लाराम यादव का भी निधन हो गया था। अब सुरेश की सड़क हादसे में मौत से परिवार सदमे में है। सुरेश अपने पीछे पत्नी, 10 वर्षीय पुत्री दिव्यांशी और 8 वर्षीय पुत्र अर्पित को छोड़ गए हैं। लगातार तीन मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक की लहर है।
सुरेश यादव का प्रथम श्रेणी शिक्षक बनने का सपना सड़क हादसे के साथ अधूरा रह गया। परिजनों ने बताया कि वह मनोहरपुर में कमरा लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। बुधवार सुबह वह भर्ती परीक्षा देने जयपुर जा रहा था, लेकिन चौंप पुलिया के पास हुए हादसे में उसकी मौत हो गई। घर से परीक्षा देने निकला सुरेश कभी वापस नहीं लौट सका। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
इसी प्रकार सफेदा फार्म के पास दिल्ली की ओर जा रही एक मोटरसाइकिल को किसी वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में उत्तर प्रदेश के कुशीनगर निवासी रामसमुझ (33) और गोविंद पुत्र मदन शतभरिया उर्फ सेठ भरिया घायल हो गए। दोनों को कांवटिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां रामसमुझ की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कांवटिया अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनके आने के बाद पोस्टमार्टम करवाकर शव सौंपा जाएगा।