जयपुर

Day-Night Tourism: जयपुर में अब रात में भी घूमेंगे पर्यटक, डिप्टी सीएम दीया कुमारी का बड़ा एलान, चलेंगी खास लग्जरी बसें

Jaipur Day-Night Tourism: जयपुर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए डे-नाइट टूरिज्म की तैयारी शुरू हो गई है। उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने समीक्षा बैठक में पीपीपी मॉडल पर लग्जरी बसों से सिटी टूर शुरू करने के निर्देश दिए।
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Updated: 12 Mar 2026, 8:46 AM IST
Jaipur Day-Night Tourism Deputy CM Diya Kumari to Launch Luxury Buses on PPP Model Plans
जयपुर में बदलेगी पर्यटन की तस्वीर, दीया कुमारी ने दिए सख्त निर्देश (फोटो- पत्रिका)

जयपुर: डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने बुधवार को पर्यटन से जुड़ी बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जयपुर में डे-नाइट टूरिज्म के तहत पीपीपी मॉडल पर लग्जरी बसों से टूर कराए जाएं।

बता दें कि ये बसें राजस्थान के स्मारकों के चित्रों से सुसज्जित हों। आगामी एक महीने में डे-नाइट टूरिज्म की कार्ययोजना तैयार की जाए। बैठक में उन्होंने पर्यटन सहायता बल के कामकाज की समीक्षा की और गाइडों को राजस्थान की संस्कृति की अधिकृत जानकारी देने के लिए रिफ्रेशर कोर्स आयोजित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 की लंबित बजट घोषणाओं का क्रियान्वयन किया जाए तथा 2026-27 की घोषणाओं को पूरा करने के लिए टाइमलाइन बनाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि 18 नवंबर 2027 को जयपुर की स्थापना के 300 वर्ष पूरे होने पर विशेष आयोजनों की कार्ययोजना बनाई जाए।

उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने हाल ही में पर्यटन, कला और संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में आगामी परियोजनाओं के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। बैठक के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं।

बजट घोषणाओं का क्रियान्वयन: वर्ष 2024-25 और 2025-26 की लंबित घोषणाओं को तुरंत पूरा करने तथा 2026-27 के लक्ष्यों हेतु समय सीमा तय करने के निर्देश दिए गए हैं।

राजस्थान दिवस और जयपुर के 300 वर्ष: 14 से 19 मार्च तक राजस्थान दिवस सप्ताह को भव्यता से मनाया जाएगा। साथ ही, 18 नवंबर 2027 को जयपुर की स्थापना के 300 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में अभी से कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।

कला और संस्कृति का संरक्षण

संभाग स्तर पर स्थानीय नृत्य उत्सव आयोजित होंगे। शेखावाटी की ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण हेतु 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। साथ ही, 11 चिन्हित बावड़ियों का जीर्णोद्धार पारंपरिक वास्तुशिल्प के अनुरूप किया जाएगा।

पर्यटक सुविधा और प्रशिक्षण

गाइड्स को प्रमाणित जानकारी देने के लिए रिफ्रेशर कोर्स और विशेषज्ञों द्वारा व्यावसायिक प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। विभाग के मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल को भी आधुनिक बनाया जाएगा। महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट, पुष्कर प्रोजेक्ट और ट्राइबल सर्किट के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

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12 Mar 2026, 8:46 AM IST
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