जयपुर के मुहाना क्षेत्र में बाइक सवार युवती से छेड़छाड़ और उसका वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है; पुलिस सूत्रों के अनुसार मुख्य आरोपियों सहित सभी चार बदमाशों को डिटेन कर लिया गया है।
राजस्थान की राजधानी जयपुर के मुहाना थाना क्षेत्र में बाइक सवार युवती के साथ हुई छेड़छाड़ और उसकी रील बनाकर वायरल करने के सनसनीखेज मामले में जयपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में शामिल मुख्य आरोपियों सहित कुल चार बदमाशों को डिटेन कर लिया गया है। इस घटना ने न केवल पिंक सिटी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे, बल्कि अब इस पर प्रदेश की सियासत भी चरम पर पहुंच गई है।
मुहाना थानाधिकारी गुर भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना पर दबिश देकर चारों आरोपियों को धर दबोचा है।
पुलिस फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी पर ज्यादा विवरण साझा नहीं कर रही है, लेकिन माना जा रहा है कि आज शाम जयपुर पुलिस के आला अधिकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले का बड़ा खुलासा करेंगे
राजधानी की सड़कों पर 'रील' बनाने और वायरल करने का जुनून अब बदमाशों को भारी पड़ गया है। वायरल वीडियो में साफ देखा गया था कि किस तरह दो बदमाश बाइक पर युवती के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे, जबकि पीछे वाली मोटरसाइकिल पर सवार उनके दो अन्य साथी इस पूरी घटना का वीडियो शूट कर रहे थे।
रील के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही जयपुर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे थे, जिसके बाद आला अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाया।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि पीड़िता के बयानों के आधार पर एफआईआर में धाराओं को और मजबूत किया जाएगा ताकि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। दूसरी ओर, स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है और वे आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने की मांग कर रहे हैं।
इस घटना ने राजस्थान की राजनीति में भी भूचाल ला दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह घटना 'असामाजिक सोच' का प्रतीक है और प्रदेश में अपराधियों से कानून का डर खत्म हो चुका है।
कांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद्दे को लपकते हुए भाजपा सरकार को कानून व्यवस्था के मोर्चे पर विफल बताया है।
राजधानी में इस तरह की घटना होना पुलिस के सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़ा करती है। हालांकि, पुलिस का दावा है कि आरोपियों की पहचान होते ही विशेष टीमें गठित कर दी गई थीं और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही थी। पुलिस का मानना है कि इन चारों की गिरफ्तारी से शहर में मनचलों और रील बनाने के नाम पर अपराध करने वालों को कड़ा संदेश जाएगा।