Kartarpura Industrial Area Fire: जयपुर के महेश नगर स्थित करतारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्ट्री में आग लगने से महिला कर्मचारी गोमा देवी की मौत हो गई, जबकि दो मजदूर गंभीर झुलस गए। भट्टी से निकली चिंगारी ने विकराल रूप ले लिया। धमाके से इलाके में दहशत फैल गई।
Jaipur Factory Fire: महेश नगर (जयपुर): करतारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्ट्री में लगी आग ने एक महिला कर्मचारी की जिंदगी छीन ली और दो मजदूरों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। धुएं और चीखों के बीच फैक्ट्री मौत का मंजर बन गई।
महेश नगर थाना इलाके में स्थित करतारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में बुधवार शाम एक इलेक्ट्रिक उपकरण बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया था। थाना प्रभारी सुरेश यादव के अनुसार, मृतका की पहचान उत्तर प्रदेश निवासी गोमा देवी के रूप में हुई है, जो फैक्ट्री में काम करती थी।
हादसे में घायल दो कर्मचारियों की पहचान बिहार मूल निवासी और हाल नंदपुरी, सोडाला निवासी अभिषेक और मनोज के रूप में हुई है। दोनों को गंभीर झुलसने पर एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के मुताबिक, करतारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित जेएमडी एंटरप्राइजेज नामक फैक्ट्री में फॉल्स सीलिंग में उपयोग होने वाले कंसील्ड इलेक्ट्रिक बॉक्स बनाए जाते थे। यह एक छोटी निर्माण इकाई थी।
बुधवार शाम फैक्ट्री में भट्टी चालू थी, तभी अचानक उसमें से चिंगारी निकली और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। कुछ ही मिनटों में पूरी फैक्ट्री आग की चपेट में आ गई।
धमाका इतना जोरदार था कि उसकी आवाज से आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि फैक्ट्री की खिड़की उड़कर ठीक सामने वाली फैक्ट्री के शटर से जा टकराई, जिससे उसमें छेद हो गया। फैक्ट्री से धुआं उठने लगा, जिससे आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और अंदर फंसे दो मजदूरों को बाहर निकाला। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
पुलिस फैक्ट्री मालिकों से पूछताछ कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। शुरुआती जांच में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि फैक्ट्री के मजदूर एक घायल व्यक्ति को बेहोशी की हालत में बाहर लाए और उसे पास की एक पत्थर की स्लैब पर लिटा दिया। लेकिन होश आते ही दर्द इतना असहनीय था कि वह इधर-उधर भागने लगा, जिससे आसपास अफरा-तफरी मच गई।