
पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक या साजिश? CCTV फुटेज खंगाल रहीं जांच एजेंसियां (पत्रिका फोटो)
Pachpadra Refinery Fire: बालोतरा-जयपुर: पचपदरा रिफाइनरी में लगी भीषण आग की उच्च स्तरीय जांच शुरू हो गई है। मंगलवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), केंद्रीय गृह मंत्रालय का दल, पेट्रोलियम मंत्रालय की तकनीकी टीम समेत अन्य एजेंसियों के अधिकारी और विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे।
बता दें कि जांच में यह पहलू भी देखा जा रहा है कि क्या यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक है या कोई गहरी साजिश? सूत्रों के अनुसार, पेट्रोलियम संस्थानों की सुरक्षा से जुड़े विशेष जांच अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि गहन पड़ताल का पूरा जिम्मा किस एजेंसी को सौंपा गया है।
प्रधानमंत्री के दौरे से पहले सुरक्षा एजेंसियां हर स्तर पर जांच करती हैं। ऐसे में इस आग ने कई आशंकाएं खड़ी कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय ने इस घटना को पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक माना है।
रिफाइनरी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके। परिसर में प्रवेश करने वाले कार्मिकों की जांच और अधिक सख्त कर दी गई है। बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
79,459 करोड़ रुपए की लागत से 4,500 एकड़ में फैली इस विशाल परियोजना में वर्तमान में 20 हजार से अधिक कर्मचारी और मजदूर कार्यरत हैं। आग से हुए वास्तविक नुकसान को लेकर एचपीसीएल की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
संकेत दिए जा रहे हैं कि यदि सीडीयू (क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट) को ज्यादा क्षति नहीं पहुंची तो 1 जुलाई तक व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया जा सकता है।
रिफाइनरी में लगी आग की जांच बहुस्तरीय तरीके से की जा रही है। एक ओर जहां सुरक्षा एजेंसियां साजिश की आशंका को ध्यान में रखकर जांच कर रही हैं। वहीं, एचपीसीएल अपनी आंतरिक जांच भी चला रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से स्वतंत्र जांच कराए जाने की भी संभावना है। इस जांच में डायरेक्टर जनरल हाइड्रोकार्बन, आईओसीएल, बीपीसीएल सहित अन्य विशेषज्ञ संस्थाओं के अधिकारी शामिल किए जा सकते हैं। राज्य सरकार के पेट्रोलियम विभाग के अधिकारियों की भी भूमिका तय हो सकती है।
मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे बीएसएफ का एक चॉपर दिल्ली से रिफाइनरी क्षेत्र में पहुंचा। यह उसी हेलीपैड पर उतरा, जिसे पीएम के विशेष विमान के लिए तैयार किया गया था। इस चॉपर से आए दल में से दो लोग रिफाइनरी के अंदर गए और बारीकी से निरीक्षण किया।
उन्होंने कर्मचारियों, फायर ब्रिगेड अधिकारियों और कर्मियों से सवाल-जवाब किए। टीम ने घटना के समय की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। करीब दो घंटे बाद फॉरेंसिक लैब वैन भी पहुंची, जिसमें मौजूद टीम ने साक्ष्य जुटाए।
सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में साजिश या लापरवाही के संकेत मिलते हैं तो राज्य सरकार विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर सकती है।
Published on:
22 Apr 2026 08:03 am
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