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Rajasthan: बीज निगम रिश्वतकांड पर सियासी तूफान, किरोड़ी लाल मीणा बोले- मंत्री पद छोड़ दूंगा… गिरफ्तार कर लेना

Rajasthan Seed Scam: नकली बीज रिश्वतकांड में एसीबी की कार्रवाई के बाद राजस्थान की राजनीति गरमा गई है। मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार और कृषि मंत्री को घेरा है, जबकि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने सभी आरोपों को खारिज किया है।

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Kirori Lal Meena

कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा। फाइल फोटो- पत्रिका

जयपुर। राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर विश्नोई सहित अन्य की एसीबी गिरफ्तारी के बाद कथित नकली बीज रिश्वतकांड को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कृषि विभाग की हालिया छापामार कार्रवाइयों और उनसे जुड़े अधिकारियों की भूमिका को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। वहीं कृषि मंत्री ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि जांच में उनका किसी भी आरोपी या अवैध गतिविधि से संबंध सामने आता है तो वे मंत्री पद छोड़ने और गिरफ्तारी तक के लिए तैयार हैं।

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मेरे नाम पर वसूली करने वालों पर हो सख्त कार्रवाई : किरोड़ी

कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि कोई व्यक्ति उनके नाम का इस्तेमाल कर किसी कारोबारी या आमजन को धमकाकर पैसे वसूल रहा है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मंत्री ने कहा कि अब तक ऐसा कोई व्यक्ति सामने नहीं आया है, जिसने यह साबित किया हो कि उनके नाम से किसी को धमकाकर पैसे लिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि मामले की जांच में यदि उनकी जरा भी संलिप्तता सामने आती है तो वे गिरफ्तारी देने और मंत्री पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। मंत्री ने कहा कि उन्होंने हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है और भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि गोविंद सिंह डोटासरा सहित कुछ लोग राजनीतिक कारणों से उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।

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बिना संरक्षण इतनी बड़ी उगाही संभव नहीं - गहलोत

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कृषि विभाग और बीज निगम में करोड़ों रुपए के कथित घूसकांड का एसीबी की ओर से खुलासा होना गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो अधिकारी कृषि मंत्री के साथ अग्रिम पंक्ति में कार्रवाई करते दिखाई देते थे, वही कथित तौर पर वसूली और ब्लैकमेलिंग के नेटवर्क का हिस्सा निकले हैं। गहलोत ने कहा कि पूरे मामले की कड़ियां ऊपर तक जुड़ी हुई प्रतीत होती हैं और बिना उच्चस्तरीय संरक्षण के इतनी बड़ी उगाही संभव नहीं लगती। उन्होंने मुख्यमंत्री से कृषि मंत्री की भूमिका सहित पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

छापेमारी या उगाही, सरकार दे जवाब - जूली

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सरकार पहले बीज कंपनियों पर जांच के नाम पर छापे मारती है और बाद में उसके लोग कथित रूप से करोड़ों रुपए की वसूली करते हैं। उन्होंने कहा कि एसीबी ने बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर विश्नोई और उसके रिश्तेदार को 2.43 करोड़ रुपए की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया है। जूली ने सवाल उठाया कि सरकारी कार्रवाई भ्रष्टाचार रोकने के लिए थी या उगाही के लिए।

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छापेमारी की आड़ में सौदेबाजी के आरोप - डोटासरा

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग की छापामार कार्रवाइयों की आड़ में कमीशनखोरी और उगाही का खेल चल रहा था। उन्होंने कहा कि एसीबी की ओर से गिरफ्तार किए गए लोग विभिन्न जिलों में कृषि मंत्री के साथ कार्रवाई में शामिल रहे थे। कई स्थानों पर कार्रवाई के नाम पर करोड़ों रुपए की वसूली की शिकायतें सामने आई हैं।