जयपुर

जयपुर में नकली खाद फैक्टरी का पर्दाफाश,नमक और साबुन मिलाकर तैयार हो रहा था उर्वरक

Fake Fertilizer Factory: जयपुर जिले में कृषि विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए चौमूं के रमल्यावाला क्षेत्र में संचालित एक संदिग्ध गोदाम से भारी मात्रा में नकली उर्वरक (खाद), औद्योगिक नमक, साबुन के कण और रंगीन कच्चा माल बरामद कर सीज किया है।

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Jun 03, 2026
Jaipur Fake Fertilizer Case
Photo: Patrika

Fake Fertilizer Factory: जयपुर जिले में कृषि विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए चौमूं के रमल्यावाला क्षेत्र में संचालित एक संदिग्ध गोदाम से भारी मात्रा में नकली उर्वरक (खाद), औद्योगिक नमक, साबुन के कण और रंगीन कच्चा माल बरामद कर सीज किया है। विभाग ने गोदाम संचालकों के खिलाफ हरमाड़ा थाने में मामला दर्ज करवाकर कार्रवाई शुरू कर दी है।

कागजों में गोबर खाद का भंडारण दर्ज

कृषि अधिकारी सांवरमल यादव ने बताया कि इलाके में अवैध रूप से खाद बनाने की मिल रही शिकायतों के आधार पर 29 मई को विभागीय टीम ने गोदाम पर दबिश दी। गोदाम पर किसी भी फर्म, कंपनी या लाइसेंस का बोर्ड नहीं लगा था। सरकारी दस्तावेजों में इस गोदाम में केवल 'गोबर खाद' का भंडारण दर्ज था, लेकिन हकीकत में यहां नकली खाद तैयार की जा रही थी।

जांच के दौरान मौके से तीन कट्टे संदिग्ध डीएपी, एक कट्टा संदिग्ध एमओपी, करीब 750 कट्टे औद्योगिक नमक, 867 कट्टे काले-भूरे रंग के दानेदार पदार्थ व 56 कट्टे साबुन कण बरामद किए। इसके अलावा पोटाश के 25 खाली कट्टे मिले। अधिकारियों ने संदिग्ध डीएपी और एमओपी के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए।

बाजार में महंगे दाम पर बिकता नकली खाद

जानकारी के अनुसार नकली खाद तैयार कर आरोपी बाजार में महंगी दरों पर बेच रहे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में नकली खाद बनाने की फैक्टरी बीते लंबे समय से संचालित हो रही थी। फैक्टरी के बाहर कोई बोर्ड नहीं लगा होने पर अंदर क्या बनाया जा रहा है इसकी भनक किसी को भी नहीं लगी।

मालिक फरार, मुनीम से पूछताछ

कार्रवाई के दौरान मौजूद नरेन्द्र मीणा ने खुद को मुनीम और निखिल शर्मा को गोदाम का मालिक बताया। दस्तावेज मांगने पर मुनीम कोई वैध कागजात पेश नहीं कर सका। वहीं, मालिक का मोबाइल फोन भी बंद मिला। पुलिस नेटवर्क से जुड़े लोगों और माल की सप्लाई चेन की जांच कर रही है।

जेडीए की अनदेखी पर फूटा गुस्सा….

रमल्यावाला प्रशासक कमली जयपाल परसवाल ने बताया कि रमल्यावाला डेयरी योजना में जेडीए की ओर से दुग्ध उत्पादकों को रियायती दर पर भूखंड दिए थे, लेकिन यहां डेयरियों की आड़ में अवैध व्यावसायिक गतिविधियां फल-फूल रही हैं। जेडीए को कई बार अवगत कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

Published on:
03 Jun 2026 01:12 pm