जयपुर

IPS Rahul Prakash : जयपुर के पहले ‘स्पेशल कमिश्नर’ का सिर्फ 4 महीने में ही तबादला, क्या है बदलाव की Inside Story?

राजस्थान सरकार ने सोमवार देर रात पुलिस महकमे में एक बड़ा और चौंकाने वाला प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 21 IPS अधिकारियों की तबादला सूची जारी की। इस सूची में सबसे अधिक चर्चा जयपुर के 'स्पेशल पुलिस कमिश्नर' पद को लेकर हो रही है। राहुल प्रकाश, जिन्हें महज 4 महीने पहले जयपुर का पहला स्पेशल कमिश्नर (ऑपरेशंस) नियुक्त किया गया था, उन्हें अचानक हटाकर जयपुर रेंज आईजी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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Feb 24, 2026

जयपुर: राजस्थान की भजनलाल सरकार ने पुलिस बेड़े में जो हालिया फेरबदल किया है, उसने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। सबसे ज्यादा सवाल जयपुर कमिश्नरेट में नव-सृजित स्पेशल कमिश्नर (ऑपरेशंस) के पद को लेकर उठ रहे हैं। दिल्ली और मुंबई की तर्ज पर जयपुर में यह नया पद अक्टूबर 2025 में बनाया गया था ताकि राजधानी की कानून-व्यवस्था और संगठित अपराध पर लगाम कसी जा सके। 2006 बैच के तेजतर्रार IPS राहुल प्रकाश को इसका पहला जिम्मा सौंपा गया था, लेकिन महज 120 दिनों के भीतर ही हुआ तबादला, कई कयासों को जन्म दे रहा है।

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राहुल प्रकाश : स्पेशल कमिश्नर से फिर रेंज आईजी तक का सफर

राहुल प्रकाश को राजस्थान पुलिस के सबसे 'ऑपरेशनल' और तकनीकी रूप से दक्ष अधिकारियों में गिना जाता है। स्पेशल कमिश्नर बनने से पहले भी वे जयपुर रेंज के आईजी रह चुके हैं।

  • नया पद: राहुल प्रकाश अब फिर से आईजी जयपुर रेंज की कमान संभालेंगे।
  • तबादले का समय: उनकी नियुक्ति पिछले साल अक्टूबर में हुई थी। सिर्फ 4 महीने में इस महत्वपूर्ण पद से उनका हटना पुलिस गलियारों में चर्चा का विषय है।

कौन हैं नए स्पेशल कमिश्नर ओम प्रकाश?

राहुल प्रकाश की जगह अब ओम प्रकाश जयपुर के नए स्पेशल कमिश्नर (ऑपरेशंस) बनाए गए हैं।

  • अनुभव: ओम प्रकाश इससे पहले जोधपुर पुलिस कमिश्नर के पद पर तैनात थे। उन्हें फील्ड पोस्टिंग और अपराध नियंत्रण का लंबा अनुभव है।
  • चर्चा: जिस समय तबादला सूची जारी हुई, ओम प्रकाश जोधपुर की गलियों में गश्त कर रहे थे। अब उनके कंधों पर जयपुर में संगठित अपराध और वीआईपी मूवमेंट की सुरक्षा का बड़ा जिम्मा होगा।
IPS Rahul Prakash

'इनसाइड स्टोरी': आखिर क्यों हुआ यह बदलाव?

राहुल प्रकाश के अचानक तबादले को लेकर तीन बड़ी थ्योरीज (Inside Story) चर्चा में हैं, जिनमें

  • तालमेल की कमी (Coordination Issues): चर्चा है कि जयपुर कमिश्नर और स्पेशल कमिश्नर (ऑपरेशंस) के बीच कार्यक्षेत्र और अधिकारों को लेकर अपेक्षित तालमेल नहीं बैठ पा रहा था। दो बड़े अधिकारियों के बीच 'पावर सेंटर' बंटने से कई बार निर्णय लेने में देरी की खबरें भी छनकर बाहर आ रही थीं।
  • रेंज की जरूरत: जयपुर रेंज (जिसमें जयपुर ग्रामीण, दौसा, अलवर जैसे जिले आते हैं) में बढ़ते अपराधों और आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए सरकार को एक ऐसे अनुभवी अधिकारी की जरूरत थी जो इलाके की नब्ज पहचानता हो। राहुल प्रकाश पहले यहाँ आईजी रह चुके हैं, इसलिए उन्हें वापस 'मैदान' में उतारा गया है।
  • प्रमोशन और एडजस्टमेंट: इस तबादला सूची में कई अधिकारियों की पदोन्नति हुई है। राहुल प्रकाश को आईजी रेंज जैसी बड़ी फील्ड पोस्टिंग देना सरकार के उन पर भरोसे को भी दर्शाता है।

21 IPS के तबादले: पूरे प्रदेश की पुलिसिंग में फेरबदल

केवल जयपुर ही नहीं, बल्कि जोधपुर, बीकानेर और कोटा रेंज में भी बड़े बदलाव हुए हैं:

  • शरत कविराज अब जोधपुर के नए पुलिस कमिश्नर होंगे।
  • सत्येंद्र सिंह को आईजी जोधपुर रेंज लगाया गया है।
  • अजयपाल लांबा को आईजी एसओजी (SOG) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।

IPS Rahul Prakash : 10 सबसे बड़ी और खास बातें:

1. 2006 बैच के तेजतर्रार अधिकारी

राहुल प्रकाश वर्ष 2006 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी हैं। उनकी गिनती राजस्थान पुलिस के सबसे सक्रिय और परिणाम देने वाले (Result-oriented) अफसरों में होती है।

2. जयपुर के पहले 'स्पेशल पुलिस कमिश्नर'

अक्टूबर 2025 में जब जयपुर में दिल्ली की तर्ज पर स्पेशल कमिश्नर (ऑपरेशंस) का नया पद सृजित किया गया, तो राहुल प्रकाश इस पद पर नियुक्त होने वाले पहले अधिकारी बने। हालांकि, फरवरी 2026 में महज 4 महीने बाद ही उन्हें आईजी जयपुर रेंज की जिम्मेदारी दे दी गई।

3. 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' के जनक

जयपुर में डीसीपी (कंट्रोल) और अन्य पदों पर रहते हुए उन्होंने नशे के खिलाफ 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' चलाया था। इस अभियान के तहत ड्रग पेडलर्स की कमर तोड़ दी गई थी और भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए गए थे।

4. तकनीक और डेटा का बेहतरीन तालमेल

राहुल प्रकाश को 'टेक-सैवी' (Tech-savvy) ऑफिसर माना जाता है। वे अपराध नियंत्रण के लिए डेटा एनालिटिक्स और आधुनिक सर्विलांस तकनीक का भरपूर उपयोग करते हैं।

5. अपराधियों में 'खौफ' और जनता में 'भरोसा'

सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता और आमजन से सीधे संवाद के कारण वे युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। उनकी कार्यशैली का मूल मंत्र अपराधियों में पुलिस का भय पैदा करना और आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव जगाना रहा है।

6. राजधानी की सुरक्षा का गहरा अनुभव

राहुल प्रकाश को जयपुर शहर की रग-रग का पता है। वे जयपुर में डीसीपी ईस्ट, डीसीपी साउथ और डीसीपी (कंट्रोल) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर लंबे समय तक तैनात रहे हैं, जिसके कारण उन्हें शहरी अपराधों से निपटने का गहरा अनुभव है।

7. रेंज आईजी के रूप में सफल कार्यकाल

स्पेशल कमिश्नर बनने से पहले वे जयपुर रेंज के आईजी के रूप में सफल पारी खेल चुके हैं। अब फरवरी 2026 में हुए तबादलों में सरकार ने उन्हें एक बार फिर इसी महत्वपूर्ण पद (आईजी जयपुर रेंज) पर वापस भेजा है।

8. संगठित अपराध पर प्रहार

चाहे वह 'लॉरेंस बिश्नोई' गैंग से जुड़े गुर्गे हों या स्थानीय गैंगस्टर्स, राहुल प्रकाश ने संगठित अपराध के खिलाफ हमेशा 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है।

9. सादगी और अनुशासन

पुलिस महकमे में वे अपने कड़े अनुशासन और सादगी के लिए जाने जाते हैं। वे अक्सर पुलिस थानों का औचक निरीक्षण करते हैं और फील्ड में तैनात कॉन्स्टेबल से लेकर उच्च अधिकारियों तक के साथ समन्वय बनाने में माहिर हैं।

10. कई जिलों की संभाल चुके हैं कमान

जयपुर के अलावा उन्होंने पाली, भरतपुर, अजमेर और बीकानेर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में बतौर पुलिस अधीक्षक (SP) अपनी सेवाएं दी हैं और हर जगह अपनी एक अलग छाप छोड़ी है।

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Published on:
24 Feb 2026 01:20 pm
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