Jaipur News: जयपुर में गैस की कमी का असर उद्योगों पर दिखने लगा है। बोरोसिल प्लांट में उत्पादन प्रभावित हुआ है, इसके अलावा कई अन्य फैक्ट्रियां भी संकट की स्थिति में हैं। जानिए क्या विचार कर रही है कंपनियां।
Jaipur News: राजधानी जयपुर में गैस की कमी अब औद्योगिक गतिविधियों में दिक्कत बनने लगी है। कांच उत्पाद बनाने वाली कंपनी बोरोसिल ने जानकारी दी है कि कमर्शियल गैस की सप्लाई कम होने के कारण जयपुर के पास स्थित उसके प्लांट का उत्पादन प्रभावित हुआ है। गैस की उपलब्धता घटने से ग्लास फर्नेस को सामान्य क्षमता पर चलाना मुश्किल हो रहा है, जिसके चलते उत्पादन घटाना पड़ा है।
कंपनी ने संकेत दिए हैं कि यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो प्लांट का संचालन रोकने की नौबत भी आ सकती है। उद्योग जगत का कहना है कि अगर स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो अन्य फैक्ट्रियां भी उत्पादन कम करने या अस्थायी रूप से बंद करने पर मजबूर हो सकती हैं।
बिवाड़ी और नीमराना जैसे औद्योगिक क्षेत्रों से भी ऐसी ही खबरें सामने आ रही हैं। कई यूनिट कम क्षमता पर काम कर रही हैं और कुछ उद्योगों ने उत्पादन घटा दिया है। उद्योगों का कहना है कि गैस की कमी से उत्पादन लागत बढ़ने के साथ सप्लाई चेन पर भी असर पड़ सकता है।
इसी बीच शहर में घरेलू गैस की मांग बढ़ने से बुकिंग सिस्टम भी प्रभावित हुआ है। अधिक ट्रैफिक के कारण एलपीजी बुकिंग सर्वर बार-बार क्रैश होने की समस्या सामने आ रही है। उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक कराने में परेशानी हो रही है और कई बार बुकिंग सफल नहीं हो पा रही है।
गैस की कमी का असर डेयरी सेक्टर पर भी पड़ सकता है। सरस डेयरी से जुड़े अधिकारियों ने कहा है कि गैस सप्लाई में कमी लंबे समय तक रही तो दूध और अन्य डेयरी उत्पादों के उत्पादन पर असर पड़ सकता है। डेयरी प्लांट में बड़ी मात्रा में गैस का उपयोग होता है, इसलिए सप्लाई बाधित होने पर उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो उद्योगों की लागत बढ़ेगी और इसका असर बाजार में उत्पादों की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है। ऐसे में उद्योग और उपभोक्ता दोनों ही स्थिति के जल्द सामान्य होने की उम्मीद कर रहे हैं।