जयपुर

Jaipur : गोनेर जगदीश धाम में सुविधाओं की कमी पर फूटा जनता का गुस्सा, बाजार रहे बंद, जेडीए ने दिया आश्वासन

Jaipur : जयपुर के धार्मिक एवं ऐतिहासिक नगरी गोनेर में मूलभूत सुविधाओं की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश मंगलवार को फूट पड़ा। जेडीए से 15 दिन में चोकिंग दूर करने और 30 दिन में नई लाइन का आश्वासन दिया गया है।
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Jaipur : जयपुर के गोनेर में मूलभूत सुविधाओं की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन। फोटो पत्रिका

Jaipur : जयपुर के धार्मिक एवं ऐतिहासिक नगरी गोनेर में मूलभूत सुविधाओं की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश मंगलवार को फूट पड़ा। सीवरेज सहित विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सैकड़ों ग्रामीण धरने पर बैठे और बाजार पूरी तरह बंद रहे। ग्रामीणों का कहना था कि तीन साल से सीवरेज सहित अन्य समस्याओं की शिकायत के बावजूद समाधान नहीं हुआ। हाल ही में सीवरेज के गंदे पानी के बीच एक महिला के दंडवत मंदिर पहुंचने का वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया।

ग्रामीणों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और जेडीए आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपकर सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त करने, सुलभ शौचालय शुरू करने, रोड लाइट लगाने, मंदिर मार्ग पर भारी वाहनों की रोक और धार्मिक नगरी के समग्र विकास की मांग की। उनका कहना था कि भगवान श्रीजगदीशजी के दर्शन के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

जेडीए से मिला आश्वासन

जेडीए के अधिशासी अभियंता अनूप गुप्ता मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की। उन्होंने 15 दिन में सीवरेज चोकिंग दूर करने तथा आवश्यकता वाले स्थानों पर 30 दिन में नई लाइन बिछाने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त हुआ। ग्रामीणों ने तय समय में काम नहीं होने पर फिर आंदोलन की चेतावनी दी।

गोनेर कस्बे क्यों है प्रसिद्ध?

जयपुर को छोटी काशी कहा जाता है। जयपुर से 10 किलोमीटर दूर स्थित गोनेर कस्बा में स्थित जगदीश महाराज मंदिर, जिसे राजस्थान के वृंदावन के नाम से भी जाना जाता है। इसका इतिहास लगभग 500 साल पुराना है। इस मंदिर की बनावट और आर्किटेक्चर बेहतरीन सुंदर हैं, जहां मंदिर के अंदर शीश महल की तरह लाखों कांच के टुकड़ों से इसके गुंबद को वर्षों पहले तैयार किया गया था और उसकी चमक आज भी बरकरार है। गोनेर मंदिर का इतिहास 471 साल पुराना है। मंदिर में लक्ष्मीनारायण जगदीश महाराज को दूध और मालपुए का भोग लगाया जाता है, जिसके कारण गोनेर कस्बे की पहचान मालपुआ व्यंजन के रूप में विख्यात है। हर महीने की एकादशी को यहां भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसमें हजारों भक्त पहुंचते हैं।

Updated on:
18 Aug 2026 08:46 pm
Published on:
18 Aug 2026 08:46 pm