Govind Marg Widening Project: मास्टर प्लान को रौंदकर जयपुर का गोविंद मार्ग अतिक्रमण और परेशानी का मार्ग बन चुका है। ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में इस मार्ग को मास्टरप्लान (100 फीट) के अनुरूप करने का फैसला हो चुका। राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) के मुताबिक जयपुर नगर निगम सड़क को विकसित नहीं कर पा रहा है।

Govind Marg Widening Project: मास्टर प्लान को रौंदकर जयपुर का गोविंद मार्ग अतिक्रमण और परेशानी का मार्ग बन चुका है। ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में इस मार्ग को मास्टरप्लान (100 फीट) के अनुरूप करने का फैसला हो चुका। राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) के मुताबिक जयपुर नगर निगम सड़क को विकसित नहीं कर पा रहा है। पिछले 4 माह से फाइलों को रंगा जा रहा है। जमीन पर कोई काम नहीं हो रहा। नगर निगम की इस कछुआ चाल से मास्टरप्लान की खुलेआम हत्या हो रही है।
दरअसल, गोविंद मार्ग के एक ओर मालवीय नगर जोन और दूसरी ओर आदर्श नगर जोन लगता है। दोनों ही जोन के अधिकारी बेहद धीमी प्रक्रिया को अपना रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इस मार्ग पर नेताओं और अफसरों का गठजोड़ की वजह से रास्ता सुगम नहीं हो पा रहा है। 100 फीट चौड़ी सड़क में 189 निर्माणों के पास तो पट्टे हैं। इसके अलावा करीब 50 से अधिक प्रतिष्ठान हैं। इनमें से कई लोग प्रभावशाली हैं और राजनीतिक प्रभाव रखते हैं।
100 फीट की सड़क मानते हुए जयपुर नगर निगम ने 15 पट्टे जारी किए हैं। इनमें मालवीय नगर जोन में छह और आदर्श नगर जोन में 9 भूखंड हैं। इन भूखंडों के सामने से निगम सड़क को मुक्त कराना चाहता है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मालवीय नगर जोन : 20-उनियारा गार्डन, 3- फतेह टीबा, गोविंद मार्ग पर 20, 27, 28 और 42
आदर्श नगर जोन: फतेह टीबा के भूखंड संख्या 12-ए, 26, 27, 28 सी और 29 सी, गोविंद मार्ग पर भूखंड संख्या बी-6 और 6ए, बी-10बी, बी-16
गोविंद मार्ग पर रोज हजारों वाहन गुजरते हैं। मौके पर 50 से 60 फीट चौड़ी सड़क होने से सड़क पर बस-ऑटो-कार फंसते हैं। दिल्ली और आगरा से बसें बड़ी संख्या में गोविंद मार्ग से जयपुर में प्रवेश करती हैं। इससे कई बार जाम लग जाता है।
नोटिस देने की प्रक्रिया के बाद चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। आगामी टीसीबी की बैठक में चर्चा होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। कुछ भूखंडधारियों से जमीन सरेंडर करने के लिए भी कहा है। उनको नोटिस जारी किए गए हैं।
मुख्यालय से भूखंडों की फाइलों का मिलान किया जा रहा है। उसके आधार पर मौके पर यदि निर्माण बिल्डिंग बायलॉज के विपरीत है तो नोटिस दिए जा रहे हैं। हमारे जोन से छह पट्टे 100 फीट रोड मानते हुए जारी हुए हैं। इनसे जल्द कब्जा हटवाया जाएगा।
मुकुट सिंह, उपायुक्त, मालवीय नगर