जयपुर

Jaipur Harmada Accident: 14 में से 12 मृतकों की हुई पहचान, 2 शव अब भी अनजान, 7 की हालत नाजुक

Jaipur Harmada Accident: जयपुर के हरमाड़ा में नशे में धुत डंपर चालक ने 350 मीटर में 17 गाड़ियों को रौंद दिया था। हादसे में 14 की मौत और 13 लोग घायल हुए। 14 मृतकों में से 12 की पहचान हो गई है, जबकि दो शवों की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
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Nov 04, 2025
Jaipur Harmada Accident
14 में से 12 मृतकों की पहचान (फोटो- पत्रिका)

Jaipur Harmada Accident: जयपुर के हरमाड़ा इलाके में सोमवार दोपहर हुआ सड़क हादसा भयावहता की हदें पार कर गया। एक बेकाबू डंपर ने महज 350 मीटर के दायरे में 17 गाड़ियों को रौंद डाला और 27 लोगों को कुचल दिया। इनमें 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 13 लोग घायल हैं। घायलों में सात लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना भीषण था कि कुछ ही पलों में सड़क पर लाशें बिछ गईं। किसी का हाथ कट गया तो किसी का पैर, कई शवों के टुकड़े दूर-दूर तक बिखरे पड़े थे। पुलिस के अनुसार, दो शवों की पहचान अब तक नहीं हो पाई है।


नशे में डूबा था ड्राइवर


पुलिस जांच में सामने आया कि डंपर चालक कल्याण मीणा नशे में था। वह जयपुर जिले के विराटनगर का रहने वाला है और हादसे में घायल होने के बाद उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे से कुछ देर पहले उसकी एक कार चालक से कहासुनी हुई थी। इसके बाद उसने डंपर को रॉन्ग साइड भगाते हुए ताबड़तोड़ कई गाड़ियों को टक्कर मार दी।


मृतकों की सूची


मारे गए लोगों में जयपुर, टोंक, सीकर, गुजरात और यूपी के लोग शामिल हैं। इनमें गिरजा कंवर (55), सुरेश मीणा (35), महेश मीणा (35), विनोद मालपानी (44), भीखी बाई (50), महेंद्र बुनकर (38), दशरथ (41), भावना वर्मा उर्फ भानु (7), रामशंकर (45), श्रवण सैनी (35), अनूप (19) और राजेंद्र गोरा (62) शामिल हैं। दो शवों की पहचान अभी बाकी है।


घायल अभी भी जिंदगी से जूझ रहे


वर्षा कुमारी, दानिश, अजय पारीक, मनोज, देशराज, कमल और ज्ञानरंजन सहित कई घायलों का SMS और कांवटिया अस्पताल में इलाज चल रहा है। दो को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


एंबुलेंस वालों पर भी उठे सवाल


हादसे के बाद पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस कर्मियों ने शवों को ले जाने के लिए मनमाना किराया वसूला। निवाई तक शव ले जाने के लिए 2200 रुपये तक लिए गए। मृतक सुरेश और मुरली मीणा के परिजनों ने कहा कि सरकार की ओर से किसी तरह की निशुल्क सुविधा नहीं दी जा रही। इस पर जिला कलक्टर ने बयान दिया कि जिन एंबुलेंस ने पैसे लिए हैं, वह राशि परिजनों को लौटाई जाएगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।


जयपुर का यह हादसा पूरे राज्य को झकझोर गया। सवाल उठ रहे हैं कि नो एंट्री क्षेत्र में इतना बड़ा वाहन कैसे घुस गया और नशे में धुत ड्राइवर सड़क पर इतने लंबे समय तक बिना जांच पकड़े कैसे दौड़ता रहा। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं, पर पीड़ित परिवारों के लिए यह सिर्फ जांच नहीं, एक अपूरणीय क्षति की कहानी बन गई है।

Published on:
04 Nov 2025 01:44 pm