
Jaipur Harmada Accident: जयपुर के हरमाड़ा इलाके में सोमवार दोपहर हुए भयावह सड़क हादसे ने पूरे शहर को दहला दिया। न्यू लोहा मंडी रोड पर एक अनियंत्रित डंपर ने करीब 17 गाड़ियों को रौंद दिया। हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो मासूम बच्चियां (5 और 7 साल की) भी शामिल हैं। 13 लोग घायल हुए हैं।
बता दें कि डंपर चालक कल्याण मीणा, जो जयपुर के विराटनगर का रहने वाला है। हादसे में घायल हो गया और उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि वह नशे की हालत में वाहन चला रहा था। पुलिस ने उसका रक्त सैंपल लेकर जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा है।
सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, डंपर लगभग 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से सड़क पर दौड़ रहा था। वह कई वाहनों से टकराता गया और कुछ को करीब 350 मीटर तक घसीटता चला गया, जब तक कि आगे खड़े ट्रेलर में जाकर नहीं भिड़ा। पुलिस के अनुसार, यह हादसा शहर के सबसे व्यस्त औद्योगिक क्षेत्रों में से एक में हुआ, जिससे कुछ ही मिनटों में अफरा-तफरी मच गई।
डीसीपी वेस्ट हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया कि हादसे से करीब 1.5 किमी पहले डंपर चालक का एक कार चालक से झगड़ा हुआ था। इसके बाद उसने गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी और पहले दो बाइक सवारों को टक्कर मारी, फिर एक के बाद एक 17 वाहनों को रौंद दिया।
पास में चाय की दुकान चलाने वाले नेमीचंद ने बताया कि उन्होंने ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने कहा, यह किसी नरसंहार से कम नहीं था। लोग गाड़ियों के मलबे में फंसे थे, कुछ सड़क पर पड़े थे। हर तरफ चीखें, खून और टूटे हुए वाहन नजर आ रहे थे। लोग अपने परिजनों को बचाने की कोशिश में रो रहे थे।
स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने पुलिस और एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने अपने वाहनों से घायलों को कांवटिया, सीकेएस और एसएमएस अस्पतालों में पहुंचाया। कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सील कर दिया। सड़क पर जगह-जगह मलबा, टूटे वाहन और खून के निशान बिखरे पड़े थे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर हादसे के बाद तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने बताया कि यह जांच की जा रही है कि क्या उन्होंने अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरती थी।