Jaipur Heatwave Crisis: मेरा नाम श्रीनिधि शर्मा है। पांचवीं कक्षा में पढ़ती हूं। इन दिनों स्कूल जाना मेरे लिए पढ़ाई से ज्यादा गर्मी से लड़ाई बन गया है।हमारी क्लास में सिर्फ पंखे लगे हैं, लेकिन वो भी गर्म हवा ही फेंकते हैं। ऐसा लगता है जैसे कोई हीटर चल रहा हो।
Jaipur Heatwave Crisis: मेरा नाम श्रीनिधि शर्मा है। पांचवीं कक्षा में पढ़ती हूं। इन दिनों स्कूल जाना मेरे लिए पढ़ाई से ज्यादा गर्मी से लड़ाई बन गया है। सुबह जब मैं स्कूल जाती हूं तो मौसम थोड़ा ठीक होता है, लेकिन 11-12 बजे के बाद सब कुछ बदल जाता है। हमारी क्लास में सिर्फ पंखे लगे हैं, लेकिन वो भी गर्म हवा ही फेंकते हैं।
ऐसा लगता है जैसे कोई हीटर चल रहा हो। मैं और मेरे दोस्त बार-बार पानी पीते हैं, फिर भी प्यास नहीं बुझती। 12 बजे के बाद तो पढ़ाई में बिल्कुल मन नहीं लगता। पसीना इतना आता है कि कॉपी पर टपकता है। टीचर पढ़ाती हैं, लेकिन गर्मी की वजह से कुछ समझ में नहीं आता। बस यही सोचती हूं कि कब छुट्टी हो और मैं घर जाऊं।
लेकिन असली मुश्किल तो छुट्टी के बाद शुरू होती है। हमारी छुट्टी डेढ़ से दो बजे तक होती है। उस समय बाहर बहुत तेज धूप होती है। मम्मी कहती हैं कि इस समय बाहर नहीं निकलना चाहिए, लेकिन मुझे रोज निकलना पड़ता है।
स्कूल से बाहर आते ही ऐसा लगता है जैसे आग बरस रही हो। ऑटो से घर जाती हूं। रास्ते में गर्म हवा यानी लू सीधे चेहरे पर लगती है। सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार सिर दर्द शुरू हो जाता है और आंखों में जलन होती है। घर पहुंचते-पहुंचते मेरा शरीर पूरी तरह पसीने से भीग जाता है। कभी-कभी तो इतना थक जाती हूं कि सीधे लेट जाती हूं।
मेरे जैसे जयपुर के हजारों बच्चे रोज यही झेल रहे हैं। हम सबको डर लगता है कि कहीं हमें लू न लग जाए। हम अपने मम्मी-पापा से भी कहते हैं कि बहुत गर्मी लगती है, लेकिन वो भी क्या करें, स्कूल का समय तो वही है। कलक्टर अंकल..आप हमारी मदद कर सकते हैं। हम बस इतना चाहते हैं कि स्कूल की छुट्टी थोड़ी जल्दी हो जाए, ताकि हमें इस तेज धूप और लू में घर न जाना पड़े।
| समय | तापमान (°C) |
|---|---|
| सुबह 8 बजे | 25°C |
| सुबह 11 बजे | 32°C |
| दोपहर 1 बजे | 38°C |
| दोपहर 3 बजे | 41°C |
गर्मी का असर पिछले दो दिनों से तेज हो रहा है। हम स्कूलों का समय कम करने लिए तैयार हैं, लेकिन कलक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से कोई निर्देश नहीं मिले। बच्चे परेशान हो रहे हैं। स्कूलों में संख्या कम होने लगी है।
हेमलता शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष, स्कूल क्रांन्ति संघ
इस गर्मी में बच्चों को बीमार होने का खतरा बना रहता है। बच्चों का काम में मन नहीं लगता। उन्हें भूख कम लगती है। अधिक गर्मी में रहने से तेज बुखार आ सकता है। इस दौरान पसीना नहीं आता। त्वचा ड्राई हो जाती है। हीटस्ट्रोक की भी आशंका बनी रहती है। इसमें बुखार के साथ दौरे आते हैं। ऐसे में बच्चों को तेज धूप में बाहर निकालने से बचें। ऐसे कपड़े पहनें तो हवादार हों और ढीले हो। प्यास नहीं होने के बाद भी पानी पीते रहें।
अशोक गुप्ता, वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ
जयपुर में पारा बढ़ रहा है। मौसम केन्द्र अलर्ट जारी कर रहा है। शिक्षा अधिकारी स्वयं के स्तर पर निर्णय ही नहीं ले पा रहे हैं। अफसर एसी की हवा खा रहे हैं और बच्चे लू में निढाल हो रहे हैं। जिला प्रशासन आखिर किसका इंतजार कर रहा है।
-अभिषेक जैन प्रदेश प्रवक्ता, संयुक्त अभिभावक संघ राजस्थान
बच्चाें की समस्या का समाधान कराया जाएगा। शिक्षा अधिकारियों से इस संबंध में बात की जा रही है। राहत दी जाएगी।
-संदेश नायक, कलक्टर जयपुर