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Jaipur: संदिग्धों की मौजूदगी से पुलिस ‘बेखबर’, लश्कर आतंकी ‘खरगोश’ की मौजूदगी से खुली खुफिया नाकामी

Jaipur Security Lapse: बम विस्फोटों का दंश झेल चुके जयपुर शहर में एक बार फिर आंतरिक सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

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पत्रिका फाइल फोटो

पत्रिका फाइल फोटो

Jaipur Security Lapse: बम विस्फोटों का दंश झेल चुके जयपुर शहर में एक बार फिर आंतरिक सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। स्थानीय इंटेलिजेंस और बीट पुलिस प्रणाली, जो सुरक्षा चक्र की पहली कड़ी मानी जाती है, संवेदनशील इलाकों में संदिग्धों की पहचान करने में नाकाम साबित हो रही है।
ताजा मामला लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी उमर हारिस उर्फ 'खरगोश' का है, जिसने न केवल जयपुर में ठिकाना बनाया, बल्कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर यहां से फरार होने में भी कामयाब रहा।

सुरक्षा में बड़ी सेंध

चौंकाने वाला तथ्य यह है कि जयपुर में केवल पाकिस्तानी आतंकी मॉड्यूल ही सक्रिय नहीं हैं, बल्कि बांग्लादेशी नागरिकों ने भी यहां गहरी पैठ बना ली है। संदिग्धों ने स्थानीय स्तर पर फर्जी आधार कार्ड बनवाकर न केवल पहचान स्थापित की, बल्कि जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) से मकान तक आवंटित करवा लिए। इसके बावजूद पुलिस के पास शहर में रह रहे संदिग्धों का कोई स्पष्ट डेटाबेस मौजूद नहीं है।

केंद्रीय एजेंसियों के भरोसे स्थानीय पुलिस

जयपुर में आतंकी साजिशों का इतिहास रहा है, लेकिन विडंबना यह है कि अधिकांश खुलासे स्थानीय पुलिस के बजाय केंद्रीय एजेंसियों या दूसरे राज्यों की पुलिस ने किए हैं। बीट कांस्टेबल प्रणाली और मुखबिर नेटवर्क की कमजोरी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बनती जा रही है।

राजस्थान में आतंकी मॉड्यूल: साजिशों की कुछ बानगी

  • वर्ष 2008: जयपुर ब्लास्ट (सिमी/आइएम लिंक)- सिलसिलेवार धमाकों में 70 मौतें। जांच में स्थानीय स्लीपर सेल की भूमिका आई सामने।
  • वर्ष 2013-14: इंडियन मुजाहिदीन (आइएम)- एनआइए, एटीएस व एसओजी ने 13 संदिग्धों को पकड़ा। बम बनाने का सामान, विस्फोटक बरामद। 12 को उम्रकैद। मॉड्यूल में इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को शामिल किया गया, जो पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से संपर्क में थे। फर्जी सिम कार्ड, स्थानीय युवाओं की भर्ती और इंटरनेट के जरिए कट्टरपंथ फैलाया गया।
  • वर्ष 2022: अल-सुफा (आरडीएक्स साजिश)- राजस्थान पुलिस व मध्यप्रदेश एटीएस ने 12 किलो आरडीएक्स के साथ कई संदिग्ध गिरफ्तार किए। जयपुर में सीरियल ब्लास्ट की साजिश नाकाम।
  • वर्ष 2024: अल-कायदा (एक्यूआइएस लिंक)-दिल्ली पुलिस ने भिवाड़ी से आतंकी मॉड्यूल पकड़ा, जांच में राजस्थान एटीएस को भी शामिल किया गया।
  • वर्ष 2025: बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआइ) मॉड्यूल — पंजाब पुलिस ने जयपुर व टोंक से ग्रेनेड व हथियार के साथ संदिग्ध पकड़े। संदिग्धों का पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से सीधा कनेक्शन था।
  • 2026: लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी)- आतंकी उमर हारिस उर्फ खरगोश का जयपुर में फर्जी दस्तावेज पर रहने का खुलासा।