
Weather Update : जयपुर में सोमवार शाम अचानक मौसम बदल गया। जयपुर में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि गुलाबी नगर के कई इलाकों में छोटे-छोटे ओले गिरे! बारिश गिरने की रफ्तार इतनी तेज थी कि थोड़ी देर में चारों तरफ पानी भर गया है। बारिश को देखकर लोग भीगने से बचने के लिए स्थान तलाशने लगे। भारी बारिश से कई इलाकों में जाम की स्थिति बन गई थी।
गुलाबी नगर जयपुर में सोमवार को मौसम बदला तो सिर्फ आसमान का रंग नहीं बदला, शहर की रफ्तार भी बदल गई। शाम करीब 4 बजे अचानक पश्चिमी विक्षोभ के असर से काली घटाएं छाईं और दिन में ही अंधेरा होने से वाहन चालकों को हेडलाइट जलानी पड़ीं। करीब 6 बजे 50-55 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई। आधे घंटे की तेज बारिश में कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव हो गया। दफ्तरों की छुट्टी का समय होने से वाहनों का दबाव पहले ही ज्यादा था, ऊपर से बारिश और धीमी गति ने करीब दो घंटे तक जाम जैसे हालात बना दिए। सांगानेर में 24.6 और कलक्ट्रेट में 23 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि पारा एक घंटे में करीब 8 डिग्री गिर गया। रुक-रुककर बारिश का दौर शाम करीब 7 बजे तक जारी रहा।
शहर के कई हिस्सों में बारिश हुई। सांगानेर एयरपोर्ट पर 24.6 मिलीमीटर, जिला कलक्ट्रेट पर 23 मिलीमीटर और जेएलएन मार्ग पर 22.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश के कारण जेएलएन मार्ग, टोंक रोड, बनीपार्क, राजापार्क, आगरा रोड, दिल्ली रोड, परकोटा और अजमेर रोड सहित कई इलाकों में जलभराव हो गया।
बारिश से पहले शाम करीब 5 बजे शहर का अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री दर्ज किया गया। शाम 6 बजे बारिश शुरू होने के बाद तापमान तेजी से गिरा और एक घंटे में करीब 8 डिग्री की गिरावट के साथ शाम 7 बजे 25.6 डिग्री पर पहुंच गया। अचानक बदले मौसम से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली, लेकिन बारिश के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
शाम को दफ्तरों की छुट्टी के समय ही तेज बारिश शुरू होने से सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। बारिश, जलभराव और धीमी यातायात गति के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर करीब दो घंटे तक जाम जैसे हालात रहे। जेएलएन मार्ग और टोंक रोड सहित प्रमुख सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। जलभराव वाले हिस्सों में वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई।
श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय सहित जिलेभर में सोमवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। पश्चिम दिशा से आए तेज अंधड़ और धूलभरी आंधी से जनजीवन प्रभावित हुआ। कई क्षेत्रों में आसमान में धूल के गुब्बार छा गए और दिन में अंधेरा छा गया। श्रीविजयनगर व रायसिंहनगर क्षेत्र में आंधी के साथ हल्की बारिश भी शुरू हो गई। तेज हवा के कारण कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। मौसम में अचानक आए बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई। फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
रायसिंहनगर, लाधूवाला, अनूपगढ़, सिद्धूवाला, दस सरकारी क्षेत्र में तेज धूलभरी आंधी चली। जैतसर में आसमान में धूल के गुब्बार छा गए। घड़साना में अंधड़ के कारण दिन में अंधेरा छा गया। सूरतगढ़ में भी तेज अंधड़ आया। सिदुवाला क्षेत्र में तेज तूफान के साथ आसमान में बादल छा गए और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। श्रीविजयनगर में धूलभरी आंधी के बाद हल्की बारिश शुरू हो गई।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटे में प्रदेश के पूर्वी भाग के सीकर, झुंझुनू, जयपुर, कोटपुतली बहरोड़, खैरथल तिजारा, दौसा, टोंक, करौली, सवाईमाधोपुर, कोटा व पश्चिमी भाग के बीकानेर, चूरू व डीडवाना कुचामन जिलों में कही-कही हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। बीते 24 घंटे में प्रदेश में सर्वाधिक वर्षा डूंगरगढ़ (बीकानेर) 62 MM दर्ज की गई। वहीं अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस फलौदी व न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस सिरोही में दर्ज किया गया।
29 सितंबर से विक्षोभ का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। हालांकि, पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं पर हल्की बारिश होने तथा शेष अधिकांश भागों में आगामी एक सप्ताह मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना भी मौसम विभाग ने जताई है।