जयपुर में सोमवार से शुरू होने वाले बड़े अतिक्रमण हटाओ अभियान से पहले प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के 34 थाना क्षेत्रों में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी। मालवीय नगर के नंदपुरी-गैटोर रोड पर धार्मिक और अन्य अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

जयपुर। राजधानी में प्रस्तावित बड़े अतिक्रमण हटाओ अभियान से पहले प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा 8 जून से शुरू किए जाने वाले अतिक्रमण हटाने के अभियान को देखते हुए जयपुर शहर के 34 थाना क्षेत्रों में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश जारी किया गया है। इस दौरान मोबाइल इंटरनेट, व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम समेत सभी सोशल मीडिया और बल्क एसएमएस सेवाएं बंद रहेंगी। हालांकि वॉयस कॉल की सुविधा जारी रहेगी।
संभागीय आयुक्त जयपुर वे. सरवण कुमार ने आदेश जारी करते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री प्रसारित होने की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। आदेश के अनुसार 7 जून की रात 12 बजे से 8 जून की रात 12 बजे तक इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लागू रहेगा।
इंटरनेट बंदी का दायरा पुलिस आयुक्तालय जयपुर के उत्तर और पूर्व जिलों के कुल 34 थाना क्षेत्रों तक रहेगा। जयपुर उत्तर में रामगंज, गलता गेट, माणक चौक, सुभाष चौक, आमेर, ब्रह्मपुरी, नाहरगढ़, कोतवाली, जालूपुरा, संजय सर्किल, शास्त्री नगर, भट्टा बस्ती, विद्याधर नगर और जयसिंहपुरा खोर थाना क्षेत्र शामिल हैं।
वहीं जयपुर पूर्व में बस्सी, कानोता, तुंगा, आदर्श नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, जवाहर नगर, जामडोली, एसएमएस अस्पताल, गांधीनगर, लालकोठी, मोती डूंगरी, एयरपोर्ट, मालवीय नगर, जवाहर सर्किल, बजाज नगर, खो-नागोरियान, सांगानेर, प्रताप नगर, रामनगरिया और मालपुरा गेट थाना क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी।
इस दौरान मालवीय नगर स्थित नंदपुरी-गैटोर रोड समेत कई जगहों पर प्रस्तावित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। जेडीए के मास्टर प्लान में इस सड़क की चौड़ाई 80 फीट निर्धारित है, जबकि मौके पर विभिन्न निर्माणों के कारण यह कई स्थानों पर केवल 40 से 50 फीट तक सिमट गई है।
पिछले 15 दिनों से जेडीए और पुलिस प्रशासन क्षेत्र के लोगों से लगातार संवाद कर रहे थे। समझाइश का असर यह रहा कि सड़क सीमा में आ रहे मंदिर, मस्जिद, मजार, चबूतरे और सत्संग भवन सहित कई धार्मिक संरचनाओं को स्थानीय लोगों ने स्वयं हटाना शुरू कर दिया। रविवार को बड़ी संख्या में लोगों ने स्वेच्छा से निर्माण हटाए।
जिन अतिक्रमणों को अब तक नहीं हटाया गया है, उन्हें हटाने की कार्रवाई सोमवार सुबह छह बजे से शुरू होगी। इसके लिए जेडीए ने चार विशेष टीमें गठित की हैं, जिनमें उपायुक्त, तहसीलदार, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता और पटवारियों को शामिल किया गया है। ये टीमें 8 और 9 जून को मौके पर तैनात रहेंगी।
अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह, भड़काऊ पोस्ट या धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि साइबर और कानून-व्यवस्था से जुड़ी इकाइयों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य पूरे अभियान को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और कानूनसम्मत तरीके से पूरा करना है।