राजधानी जयपुर में आयकर विभाग ने दूसरे दिन भी मेगा रेड जारी रखी। 6 शहरों के 33 ठिकानों पर कार्रवाई में 100 करोड़ से ज्यादा टैक्स चोरी के सुराग मिले। छापे के बीच रेस्टोरेंट में बिक्री जारी रही।
IT raid in Jaipur: राजस्थान के मशहूर रेस्टोरेंट पर आयकर विभाग की मेगा रेड दूसरे दिन भी जारी है। बुधवार सुबह शुरू हुई यह कार्रवाई अब एक बड़े वित्तीय साम्राज्य के खुलासे की ओर बढ़ रही है।
बता दें कि दिलचस्प बात यह है कि जहां एक तरफ आयकर अधिकारी करोड़ों के लेन-देन का हिसाब खंगाल रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ रेस्टोरेंट के काउंटरों पर ग्राहकों के लिए कचौरी और समोसों की बिक्री बिना रुके जारी रही। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की टीम को अब तक 50 लाख रुपए कैश और 8 बैंक लॉकर मिले हैं।
सूत्रों के मुताबिक, रेस्टोरेंट के मालिक नटवरलाल के ठिकानों से जब्त दस्तावेजों में 100 करोड़ रुपए से अधिक की टैक्स चोरी के सुराग मिले हैं। आईटी टीम की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि रेस्टोरेंट व्यवसाय से बचाए गए टैक्स के पैसों को आलीशान लग्जरी होटलों में निवेश किया गया था।
इसी कड़ी में आयकर विभाग ने जयपुर के दो प्रतिष्ठित होटलों पर भी छापेमारी की है। होटल ताज (आमेर)- यहां सुबह से ही अधिकारियों की टीम दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है। कुंदन वन (कूकस)- इस लग्जरी प्रॉपर्टी पर भी आयकर अधिकारियों का कड़ा पहरा है और भारी निवेश के सबूत जुटाए जा रहे हैं।
आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा ने इस ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा था। बुधवार सुबह 7 बजे एक साथ 6 शहरों के 33 ठिकानों पर दबिश दी गई। जयपुर में सबसे अधिक 26 ठिकानों पर रेड और मुंबई के एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान पर टीम का डेरा। अन्य शहरों में उदयपुर (2 ठिकाने), कोटा, श्रीगंगानगर, करौली और हिंडौन में भी एक-एक जगह कार्रवाई चल रही है।
अमूमन रेड के दौरान प्रतिष्ठान बंद कर दिए जाते हैं, लेकिन कान्हा रेस्टोरेंट में नजारा कुछ अलग था। आयकर अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि आम जनता और ग्राहकों को कोई असुविधा न हो।
रेस्टोरेंट के अग्रिम हिस्से में ग्राहकों को समोसे-कचौरी और मिठाइयां परोसी जाती रहीं, जबकि पीछे के ऑफिसों और केबिनों में आईटी टीम कंप्यूटर हार्ड डिस्क, बैंक लॉकर और कच्चे पर्चों की पड़ताल करती रही।
आयकर विभाग को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि ग्रुप द्वारा बड़े पैमाने पर कैश ट्रांजेक्शन और वित्तीय हेराफेरी की जा रही है। कई दिनों की रेकी के बाद विभाग के सैकड़ों कर्मचारी और सुरक्षा बल एक साथ एक्टिव हुए। डिजिटल सबूतों के साथ-साथ बड़ी मात्रा में हार्ड कैश के लेन-देन से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।