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सियासी अदावत: फिर आमने-सामने हुए विधायक रविंद्र सिंह भाटी और हरीश चौधरी, जुम्मा-जुम्मा 4 दिन भी नहीं चली गलबहियां

राजस्थान में सियासी तनातनी फिर खुलकर सामने आ गई। रविंद्र सिंह भाटी और हरीश चौधरी के बीच चार दिन पहले दिखी नजदीकियां अब टकराव में बदल गईं। हरीश ने शिव क्षेत्र में स्कूल कक्ष के लिए छह लाख रुपए दिए तो भाटी ने पलटवार करते हुए बायतु के हालात देखने की नसीहत दे डाली।

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MLA Ravindra Singh Bhati and Harish Choudhary

MLA Ravindra Singh Bhati and Harish Choudhary (Patrika Photo)

Ravindra Singh Bhati and Harish Choudhary: सियासत में न तो दोस्ती स्थाई होती है और न ही दुश्मनी। लेकिन बाड़मेर की राजनीति में इन दिनों 'विकास' के बहाने जो दांव-पेच चले जा रहे हैं, उसने सरगर्मी बढ़ा दी है।

बता दें कि अभी कुछ ही दिन पहले एक ही मंच पर खिलखिलाते हुए गलबहियां करने वाले बायतु विधायक हरीश चौधरी और शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के बीच सियासी कड़वाहट फिर से सतह पर आ गई है। मामला है विधायक निधि का 'बॉर्डर पार' जाना।

नियमों की ढाल लेकर जब हरीश चौधरी ने शिव विधानसभा के गंगाला में स्कूल के कमरे के लिए छह लाख रुपए की मंजूरी दी तो इसे उदारता कम और राजनीतिक दखल ज्यादा माना जा रहा है। अब युवा विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने भी पलटवार करने में देरी नहीं की। उन्होंने आईना दिखाते हुए पूछा है कि जब खुद के बायतु के स्कूल झोंपड़ों में चल रहे हैं, तो पड़ोसी के घर में दखलअंदाजी क्यों?

हरीश चौधरी ने बीते दिनों गंगाला के राजकीय प्राथमिक विद्यालय, आजाद नगर के अतिरिक्त कक्षा कक्ष के निर्माण के लिए विधायक कोष से छह लाख रुपए की राशि दी। विधायक कोष की राशि अमूमन अपने ही इलाके में दी जात है। नियमों में प्रावधान है कि कुछ अंश अन्य विधानसभा में दिया जा सकता है।

हरीश चौधरी ने इसी प्रावधान के तहत यह राशि दी। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा में आ गया कि चौधरी ने बायतु विधानसभा को छोड़कर शिव में यह राशि क्यों दी है? सवाल यह भी उठा कि यह रविंद्र को छेड़ने के लिए तो नहीं किया गया है?

रविंद्र ने उठा दिए अब सवाल

रविंद्र सिंह भाटी ने हरीश चौधरी के अपने क्षेत्र में राशि देने के बाद पलटवार करते हुए उनके ही क्षेत्र के तीन से चार स्कूलों व आंगनबाड़ी केन्द्रों का जिक्र किया है। उन्होंने इन स्कूलों के झोंपड़ों में संचालित होने और भवन नहीं होने के बावजूद वहां राशि नहीं देकर शिव में राशि देने के औचित्य पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि बढ़ते बायतु में यह स्थितियां हैं, तो वे आगे क्यों बढ़ रहे हैं।

बीते दिनों गलबहियां हुई थी

बीते दिनों एक कार्यक्रम में हरीश चौधरी और रविंद्र सिंह एक मंच पर थे। हरीश चौधरी ने इस मंच पर कहा था कि रविंद्र के और उनके बीच में लोकसभा चुनावों के बाद से गर्मागर्मी रही है। अब वे उनके साथ भी अपने संबंधों को अच्छा करेंगे। फिर दोनों सार्वजनिक मंच पर एक दूसरे से हंसते-खिलखिलाते मिले थे। यह बात अभी ज्यादा पुरानी नहीं हुई थी और फिर से एक विवाद में दोनों आमने-सामने हो गए हैं।

क्या एक विधायक अपनी विधानसभा से बाहर राशि दे सकता है?

विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अनुसार एक विधायक को अपनी कुल वार्षिक निधि का एक निश्चित हिस्सा अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर, लेकिन राज्य के भीतर कहीं भी खर्च करने की अनुमति होती है। इसके लिए संबंधित क्षेत्र के विधायक की औपचारिक सहमति की आवश्यकता नहीं होती, बशर्ते कार्य सार्वजनिक महत्व का हो।

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