जयपुर

जयपुर ITAT रिश्वत कांड: 1.40 करोड़ की डील का खुलासा, चारों आरोपी आमने-सामने पूछताछ में भिड़े, CBI कर रही जांच

जयपुर आईटीएटी में रिश्वत लेकर अपील निपटाने के मामले में सीबीआई जांच कर रही है। जूडिशियल मेंबर डॉ. एस. सीतालक्ष्मी, एडवोकेट राजेंद्र सिंह सिसोदिया, अपीलकर्ता मुज्जमिल और मेंबर अकाउंटेंट कमलेश राठौड़ से आमने-सामने पूछताछ की गई। अब तक 1.40 करोड़ रुपए रिश्वत का खुलासा हुआ है।
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Nov 29, 2025
Jaipur ITAT bribery case
पूछताछ के दौरान एक-दूसरे पर संदिग्ध लेन-देन का आरोप लगाए (फोटो- सोशल मीडिया)

जयपुर: आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) जयपुर बेंच में रिश्वत लेकर अपील निपटाने का मामला लगातार गहराता जा रहा है। सीबीआई ने बुधवार को इस हाई-प्रोफाइल प्रकरण में शामिल चार प्रमुख आरोपियों, जूडिशियल मेंबर डॉ. एस सीतालक्ष्मी, एडवोकेट राजेंद्र सिंह सिसोदिया, अपीलकर्ता मुज्जमिल और मेंबर अकाउंटेंट कमलेश राठौड़ को आमने-सामने बैठाकर लंबी पूछताछ की।

पूछताछ के दौरान आरोपी एक-दूसरे पर संदिग्ध लेन-देन और रिश्वत लेने के आरोप लगाते रहे। सीबीआई के अनुसार, अब तक जांच में 1.40 करोड़ रुपए की रिश्वत का खुलासा हुआ है। एजेंसी आईटीएटी में लंबे समय से सक्रिय भ्रष्टाचार नेटवर्क की गुत्थियों को सुलझाने में जुटी है।

25 और 26 नवंबर को की गई कार्रवाई में सीबीआई ने एडवोकेट राजेंद्र सिंह सिसोदिया को 5.5 लाख रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। इसके बाद जूडिशियल मेंबर डॉ. सीतालक्ष्मी को उनके सरकारी वाहन से 30 लाख रुपए नकद मिलने पर गिरफ्तार किया गया। इसी मामले में अपीलकर्ता मुज्जमिल और आईटीएटी के मेंबर अकाउंटेंट कमलेश राठौड़ को भी हिरासत में लिया गया, जिनके घर से 20 लाख रुपए बरामद हुए।

बिल्डर के बेटे से कई घंटे पूछताछ

सीबीआई सूत्रों के अनुसार, इस मामले में बिल्डर विजय गोयल की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन उपस्थित न होने पर उनके पुत्र से कई घंटे तक पूछताछ की गई। माना जा रहा है कि विजय गोयल के सामने आने के बाद रिश्वत के नेटवर्क की कई परतें खुल सकती हैं।

रिकॉर्ड खंगाल रही है सीबीआई

छापेमारी में सीबीआई को बड़ी मात्रा में नकदी, बैंक लेन-देन रिकॉर्ड, संपत्ति दस्तावेज और दो लॉकरों की जानकारी मिली है। अब इन लॉकरों को खोलकर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। लेन-देन और संपत्ति से जुड़े सभी रिकॉर्ड को एजेंसी परख रही है।
सीबीआई का मानना है कि यह मामला अभी तक केवल प्रारंभिक स्तर का खुलासा है और आगे कई बड़े खुलासे संभव हैं।

इसके लिए सीबीआई न्यायाधिकरण से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ करेगी। उधर, सीबीआई सूत्रों के अनुसार आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के असिस्टेंट रजिस्ट्रार के.सी. मीना से भी जल्द पूछताछ की जा सकती है।

Published on:
29 Nov 2025 09:15 am