
जयपुर के पॉश इलाके में स्थित एक क्लब में दो ट्रांसजेंडर दोस्तों के साथ मारपीट और अभद्रता का मामला सामने आया है। घटना शहर के जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र में स्थित एक चर्चित की बताई जा रही है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि क्लब के बाउंसरों और कर्मचारियों ने उनके साथ ना सिर्फ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, बल्कि उनके साथ मारपीट की और कीमती सामान भी छीन लिया। इस संबंध में पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजधानी के नाइटलाइफ स्पॉट्स और क्लबों में सुरक्षा व्यवस्था व बाउंसरों के व्यवहार को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। इस ताजा घटनाक्रम के सामने आने के बाद इलाके में काफी चर्चा का माहौल है। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस में दर्ज कराई गई प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, घटना 20 अक्टूबर की देर रात करीब 11 बजे की है। खो नागोरियान के मदीना नगर निवासी एक शख्स ने पुलिस को दी अपनी लिखित शिकायत में बताया कि वह और उसकी दोस्त, जो कि एक ट्रांसजेंडर है, 20 अक्टूबर की शाम करीब 8 बजे जवाहर सर्किल स्थित क्लब में गए थे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि रात करीब 11 बजे क्लब में मौजूद कर्मचारियों और बाउंसरों ने उनसे विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि वहां मौजूद कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उन्हें अपमानित किया। इसके बाद विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने मारपीट शुरू कर दी।
पीड़ित का आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने उसके गले से सोने की चेन छीन ली। जब उसकी दोस्त ने बीच-बचाव करने और उसे छुड़ाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उसके साथ भी धक्का-मुक्की, बदतमीजी और मारपीट की, जिससे उसे चोटें आईं।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना के वक्त कुछ लोगों के पास धारदार वस्तुएं भी थीं। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस से संपर्क किया और अगले दिन 21 अक्टूबर को जवाहर सर्किल थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
परिवादी की रिपोर्ट के आधार पर जयपुर पूर्व के जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 126(2), 303(2), 3(5), 352 तथा आईटी (IT) एक्ट की धारा 66 सी के तहत पंजीकृत किया है।
प्राथमिकी में नामजद आरोपियों के तौर पर महेश, शैलेंद्र, बाउंसर आनंद नाथ व अन्य व्यक्तियों को शामिल किया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग ने हेड कांस्टेबल इंद्र सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
क्लब की ओर से परिवादी ने जवाहर सर्किल थाने में उपस्थित होकर एक रिपोर्ट पेश की, जिसमें बताया गया कि 20 अक्टूबर को शाम लगभग 9 बजे दो ट्रांसजेंडर दोस्त क्लब में आए। उन्होंने क्लब में बीयर पीने और खाने का ऑर्डर दिया, जिसे स्टाफ ने उन्हें उपलब्ध करवा दिया। खाना-पीना करने के बाद दोनों दोस्त अत्यधिक नशे में हो गए और क्लब के भीतर ही अश्लील हरकतें करने लगे। जब क्लब स्टाफ ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने स्टाफ के साथ मारपीट शुरू कर दी और क्लब की कुर्सियों तथा अन्य सामान के साथ तोड़-फोड़ की। ये लोग बहुत अधिक नशे में होने के कारण खुद को संभाल नहीं पाए और क्लब की सीढ़ियों से फिसलकर गिर गए, जिसके कारण इनके शरीर पर चोटें आईं। इसलिए दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो।
जयपुर के मालवीय नगर और जवाहर सर्किल क्षेत्र में कई बड़े क्लब और लाउंज स्थित हैं, जहां रोजाना बड़ी संख्या में युवा और नागरिक आते हैं। इस घटना के बाद एक बार फिर क्लबों में तैनात बाउंसरों के आचरण और ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से पड़ताल की जा रही है। घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों (CCTV) की फुटेज खंगाली जाएगी ताकि घटना की सच्चाई का पता लगाया जा सके। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।