जयपुर

खुशखबरी: झालाना जंगल में बनेगा नया सफारी ट्रैक, 35 से अधिक पैंथरों को देखने का मजा ले सकेंगे पर्यटक

राजधानी जयपुर में स्थित झालाना जंगल में लेपर्ड सफारी का रोमांच दोगुना होने जा रहा है। बता दें कि वन विभाग यहां पांच-छह किलोमीटर लंबा नया सफारी ट्रैक तैयार करेगा। इसका काम अगले महीने से शुरू हो जाएगा।
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Sep 27, 2025
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Jhalana Leopard New Safari Track (Patrika Photo)

जयपुर: झालाना जंगल में लेपर्ड सफारी का रोमांच दोगुना होने जा रहा है। वन विभाग यहां पांच-छह किलोमीटर लंबा नया सफारी ट्रैक तैयार करेगा। इससे जंगल का खान (माइंस) एरिया पहाड़ी नीम गट्टा से सीधे जुड़ जाएगा।


इस हिस्से में पैंथर (लेपर्ड) की मूवमेंट ज्यादा रहती है। नए ट्रैक के बनने से पर्यटकों के पैंथर समेत अन्य वन्यजीवों के दिखाई देने की संभावना पहले से अधिक हो जाएगी। इस ट्रैक की मंजूरी मिल गई है। अगले महीने इसका काम शुरू हो जाएगा। इस साल के अंत तक ट्रैक बनकर तैयार हो जाएगा।


आमागढ़ से जोड़ने की तैयारी


वर्तमान में झालाना में जंगल सफारी के लिए पर्यटकों के लिए तीन ट्रैक बने हैं। नया ट्रैक जुड़ने के बाद यह संख्या चार हो जाएगी। इस नए ट्रैक से जंगल के उन हिस्सों को पर्यटकों के लिए खोला जाएगा, जहां पहले पहुंचना संभव नहीं था। यहां घना जंगल, पगडंडियां और प्राकृतिक जल स्रोत मौजूद हैं। आमागढ़ और झालाना के जंगल को कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ने की भी तैयारी है। उसमें यह ट्रैक सेतु साबित होगा।

पर्यटकों को मिलेगा नया अनुभव


नया ट्रैक पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। कई बार सफारी के दौरान लेपर्ड देखने का मौका नहीं मिल पाता, जिससे पर्यटक निराश होते हैं। नए ट्रैक से अब लेपर्ड दीदार की संभावना बढ़ जाएगी। साथ ही एडवेंचर का मजा भी बढ़ेगा।


इसलिए झालाना पहली पसंद


झालाना जंगल देश की मशहूर लेपर्ड सफारी में से एक है। यहां 35 से ज्यादा पैंथर हैं। शहर के बीचों-बीच इतनी संख्या में पैंथर का सुरक्षित रहना पर्यावरणीय संतुलन का उदाहरण है। देश-विदेश से सैलानी यहां सफारी का आनंद लेने आते हैं।


प्रेबेस बढ़ाने पर भी फोकस


झालाना लेपर्ड रिजर्व जंगल में पैंथर के मूवमेंट को नियंत्रित करने और उनकी सुरक्षा के लिए वन विभाग जंगल में प्रेबेस बढ़ाने में जुटा है। इसके तहत यहां दो हे€क्टेयर में बाड़ा बनाया जाएगा, जिसमें चीतल और अन्य शाकाहारी वन्यजीवों को छोड़ा जाएगा। चीलत की ब्रीडिंग करवाई जाएगी। प्रेबेस बढ़ने से पैंथर को आसानी से भोजन उपलब्ध हो सकेगा।

Updated on:
27 Sept 2025 09:06 am
Published on:
27 Sept 2025 09:05 am
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