
Jaipur News : जयपुर के झोटवाड़ा में 12वीं क्लास के छात्र की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि स्कूल कैंटीन से पेटीज खरीदकर खाई थी। खराब और ऑयली होने के कारण गले में अटक गई। जिसके बाद उसकी तबीयत खराब हो गई। पर स्कूल प्रशासन ने समय पर उसका इलाज नहीं कराया। इलाज के अभाव में छात्र की मौत हो गई। अभिभावकों ने स्कूल में हंगामा किया। परिजनों ने थाने में मामला दर्ज कराया है। सीसीटीवी फुटेज में उसके अचेत होने की बात सामने आई है। पुलिस ने स्कूल संचालक अमित कुमावत और व्यवस्थापक राजेन्द्र कुमार को हिरासत में लिया है।
बताया जा रहा है कि जयपुर के झोटवाड़ा के कांटा चौराहा के पास स्थित महाराणा प्रताप स्कूल में 12वीं क्लास के छात्र प्रिंस सोनी (17 वर्ष) की बुधवार को संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। लंच टाइम में तबीयत बिगड़ने पर छात्र प्रिंस सोनी बेहोश हो गया था। प्रिंस ने स्कूल कैंटीन से पेटीज खरीदकर खाई थी। परिजनों को आरोप है कि खराब और ऑयली होने की वजह से पेटीज प्रिंस के गले में अटक गई थी। स्कूल प्रशासन ने तत्काल इलाज की कोई व्यवस्था नहीं की। स्कूल करीब 100 मीटर की दूरी पर अस्पताल है। छात्र को अस्पताल ले जाने के बजाए परिजनों को कॉल कर प्रिंस की तबीयत खराब होने के बारे में बताते रहे।
मृत छात्र झोटवाड़ा की बृजमंडल कॉलोनी में अपने मम्मी-पापा और बड़ी बहन के साथ रहता था। पिता अमित सोनी ने बताया कि स्कूल पहुंचने के बाद प्रिंस को नजदीकी प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर गए। गंभीर हालत देखते हुए डॉक्टर्स ने उसे मणिपाल हॉस्पिटल भेज दिया, जहां डॉक्टर्स ने प्रिंस को मृत घोषित कर दिया।
प्रिंस के परिजन रवि कुमार के अनुसार घटना करीब सुबह 11 बजे की है और परिजन स्कूल में 11.45 बजे पहुंचे। तब तक स्कूल प्रशासन उसे अस्पताल लेकर नहीं गया था। स्कूल प्रशासन परिजनों से चार पहिया वाहन लेकर आने के लिए फोन करता रहा। बाद में परिजन प्रिंस को अस्पताल लेकर गए।
सूचना पर पहुंची झोटवाड़ा थाना पुलिस ने शव को कांवटिया हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी भिजवाया। गुरुवार सुबह पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआइआर कॉपी के अनुसार पिता अमित सोनी ने स्कूल प्रबंधक प्रधानाचार्य और सम्बन्धित कर्मचारियों द्वारा घोर अपराधिक लापरवाही और कर्तव्य पालन में विफलता का आरोप लगाया है। छात्र के पिता ने आरोप लगाया है कि स्कूल में मेडिकल केयर रूम या प्राथमिक उपचार की व्यवस्था नहीं थी और उसे समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया गया। इलाज के अभाव में छात्र ने दम तोड़ दिया।
उन्होंने बताया कि स्कूल के सामने ही अस्पताल है। यदि समय पर उसे वहां ले जाया जाता और 108 एंबुलेंस को बुला लिया जाता तो प्रिंस की जान बच सकती थी। उन्होंने स्कूल प्रशासन पर वास्तविकता छिपाने का आरोप भी लगाया। घटना से आक्रोशित बृजबाल चौराहे के स्वर्णकार समाज के दुकानदारों ने बाजार बंद कर दिया। समाज के सैकड़ों लोग स्कूल पहुंचे और विरोध-प्रदर्शन किया।