राजधानी जयपुर का करतारपुरा नाला हाईकोर्ट की मंजूरी के बाद 106 फीट चौड़ा किया जाएगा। 150 करोड़ की लागत से जेडीए नाले का पक्का निर्माण करेगा। ऐसे में अब शहर में भारी बारिश के दौरान जलभराव की समस्या खत्म हो जाएगी।
जयपुर। हाईकोर्ट ने करतारपुरा नाले की चौड़ाई 32.60 मीटर (106 फीट) रखने के जयपुर विकास प्राधिकरण के प्लान को मंजूरी दे दी है। अब जेडीए इसे विकसित करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। जेडीए ने प्लान इस तरह तैयार किया है कि मौके पर निर्माण कम से कम प्रभावित हों और नाला भी विकसित हो जाए।
न्यायाधीश पुष्पेंद्र सिंह भाटी व न्यायाधीश विनित कुमार माथुर की खंडपीठ ने मंगलवार को राजेन्द्र प्रसाद शर्मा की 8 वर्ष पुरानी जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया। जेडीए की ओर से अधिवक्ता अमित कुड़ी ने कोर्ट को बताया कि नाले की चौड़ाई 32.60 मीटर निर्धारित की गई है। जल निकासी, जल संचयन और जल की स्वच्छता सहित अन्य काम जेडीए करेगा। कोर्ट ने इस पीएआइएल को बंद कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस प्रकरण में जेडीए के प्लान से याचिकाकर्ता भी संतुष्ट है, ऐसे में याचिका पर सुनवाई जारी रखने की आवश्यकता नहीं है।
22 गोदाम औद्योगिक क्षेत्र से शांति नगर, मानसरोवर तक करीब 4.3 किमी लंबा नाला अभी कच्चा है और दोनों ओर कॉलोनियां हैं। अब इस नाले को पक्का किया जाएगा, जिस पर जेडीए 150 करोड़ रुपए खर्च करेगा। नाला कच्चा होने से मानसून के दौरान इसमें कटाव हो जाता है और मकानों को खतरा बना रहता है। जेडीए अगले 100 वर्ष को ध्यान में रखते हुए नाले को विकसित करना चाहता है।
जेडीए ने करतारपुरा नाले की चौड़ाई और डिजाइन को लेकर इसके विकास के लिए तकनीकी खाका तैयार कर हाईकोर्ट में पेश किया है। विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद सरकार ने दोबारा तकनीकी जांच कराई, ताकि आसपास के मकानों पर कम से कम असर पड़े।
दीपक वाटिका, विजय नगर डी, पथिक भवन, कृष्णा नगर ए, बी, बागवान विहार, शिव वाटिका व महावीर कॉलोनी समेत दो दर्जन कॉलोनियां प्रभावित हैं।