जयपुर

हुमा कुरैशी ने JLF में बताई ‘ज़ेबा’ की कहानी, लेखन में नए सफर की कैसे हुई शुरुआत? किया खुलासा

अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025 में उनके डेब्यू फैंटेसी उपन्यास ‘ज़ेबा: एन एक्सीडेंटल सुपरहीरो’ के बारे बताया।

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Feb 02, 2025
Huma Qureshi in JLF (Pic Credit- Dinesh Dabi)

Jaipur Literature Festival 2025: अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025 में अपने नए सफर का एलान करते हुए कई अहम खुलासे भी किए। इस बार वे एक लेखिका के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं। उनका डेब्यू फैंटेसी उपन्यास ‘ज़ेबा: एन एक्सीडेंटल सुपरहीरो’ पाठकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

'लिखने की कला हमेशा से मेरे अंदर थी'

हुमा कुरैशी ने कहा कि लेखन की दुनिया में कदम रखना उनके लिए स्वाभाविक था। उन्होंने बताया कि अभिनय करते समय मुझे अलग-अलग किरदार निभाने का मौका मिलता था, जिससे मैं खुद को लिखने के लिए प्रेरित महसूस करती थी।

उन्होंने बताया कि वे रोज़ाना पूरा दिन नहीं लिखती थीं, बल्कि सुबह के समय ही अपनी किताब के कुछ पन्ने लिखने पर ध्यान देती थीं। हुमा ने कहा कि इस किताब के सभी पात्र कहीं न कहीं मेरे व्यक्तित्व का ही हिस्सा हैं। लेखन मेरे लिए अपने विचारों और अनुभवों को लोगों तक पहुंचाने का एक जरिया है।

"ज़ेबा"- एक सुपरहीरो बनने की अनोखी कहानी

हुमा कुरैशी ने अपनी किताब ‘ज़ेबा: एन एक्सीडेंटल सुपरहीरो’ के बारे में विस्तार से बताया। यह एक विद्रोही स्वभाव वाली लड़की ज़ेबा की कहानी है, जो न्यूयॉर्क के अपने आलीशान अपार्टमेंट में जीवन का आनंद ले रही होती है। लेकिन जब वह अपने चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए भारत आती है, तो उसे अपनी सुपरपावर्स का पता चलता है।

हुमा ने कहा कि हर किसी में ताकत होती है, लेकिन उसे पहचानने की क्षमता अलग-अलग होती है। मेरा यह उपन्यास हर उम्र और हर जेंडर के लिए है, जिसमें हर कोई खुद को ज़ेबा से जोड़ सकता है।

लेखन की प्रक्रिया थी भावनात्मक सफर- हुमा

हुमा ने बताया कि उन्होंने 2019 में इस उपन्यास को लिखना शुरू किया था और इसे पूरा करने में दो साल का समय लगा। शुरुआत में उन्होंने 15-20 लोगों को अपने लिखे अंश पढ़ने के लिए दिए, जिनका सकारात्मक फीडबैक मिलने के बाद उन्होंने इसे पूरा करने का फैसला किया।

उन्होंने बताया कि वह पहले इस कहानी पर एक फिल्म बनाना चाहती थीं, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण यह संभव नहीं हो पाया। इसके बाद उन्होंने इसे उपन्यास के रूप में प्रकाशित करने का निर्णय लिया। हुमा ने कहा कि यह मेरे लिए सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि भावनात्मक यात्रा थी, जिसने मुझे खुद को बेहतर समझने में मदद की।

सफलता और असफलता कलाकार की जिंदगी का हिस्सा

मीडिया से बातचीत में हुमा ने कहा कि कि कलाकार की जिंदगी में सफलता और असफलता दोनों आते हैं। मेरी पूरी लाइफ लोगों के सामने रही है, इसलिए मैंने हर उतार-चढ़ाव को खुले तौर पर स्वीकार किया है।

"ज़ेबा" से आगे फिल्म की योजना?

हुमा कुरैशी ने यह भी इशारा किया कि वह ‘ज़ेबा’ पर आधारित एक फिल्म या वेब सीरीज़ बनाने के बारे में सोच रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर सही मौका मिला, तो मैं इस कहानी को बड़े पर्दे पर भी उतारना चाहूंगी।

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025 में हुमा कुरैशी का यह सत्र काफी चर्चित रहा, जिसमें उन्होंने अपने लेखन सफर, किताब की प्रेरणा और सुपरहीरो ज़ेबा की अनूठी कहानी पर खुलकर बातचीत की।

Updated on:
02 Feb 2025 08:14 pm
Published on:
02 Feb 2025 07:49 pm
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