
जयपुर नगर निगम चुनाव के परिणाम आने के बाद राजधानी में एक नया और प्रभावी अध्याय जुड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सुनील कोठारी ने शानदार जीत दर्ज करते हुए जयपुर के नए महापौर की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया है। इस जीत के साथ ही राजनीतिक विश्लेषकों और जानकारों के बीच एक नया टर्म चर्चा का विषय बन गया है- जयपुर में 'ट्रिपल इंजन' की सरकार का गठन। दरअसल, अभी तक केंद्र और राज्य में भारतीय जनता पार्टी की 'डबल इंजन' सरकार चल रही थी, अब जयपुर नगर निगम में भी भाजपा का बोर्ड और मेयर बनने से कहा जा रहा है कि राजधानी जयपुर में ट्रिपल इंजन सरकार बन गई है।
भारतीय राजनीति में आमतौर पर 'डबल इंजन' सरकार (केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार) का जिक्र होता है, लेकिन जयपुर नगर निगम में भाजपा की जीत के बाद अब 'ट्रिपल इंजन' सरकार का कॉन्सेप्ट पूरी तरह जमीन पर उतर आया है। इसका मतलब यह है कि अब केंद्र की मोदी सरकार, राज्य की भजनलाल सरकार और जयपुर नगर निगम का बोर्ड- तीनों एक ही राजनीतिक वैचारिक धुरी पर काम करेंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस व्यवस्था से शहर की दीर्घकालिक योजनाओं, सीवेज प्रोजेक्ट्स, सड़क विकास और जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों के निस्तारण में प्रशासनिक अड़चनें न्यूनतम हो जाएंगी और फाइलों का मूवमेंट तेजी से हो सकेगा।
लालकोठी स्थित नगर निगम मुख्यालय में संपन्न हुए इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी थी। कांग्रेस की ओर से अनुभवी पार्षद सुनीता मावर को मैदान में उतारा गया था और विपक्षी खेमे में सेंधमारी करने की उम्मीदें जताई जा रही थीं। हालांकि, 78 पार्षदों के मजबूत मूल संख्याबल और पार्टी के कड़े आंतरिक अनुशासन के चलते भाजपा ने किसी भी तरह के उलटफेर की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म कर दिया। मतदान और तुरंत बाद हुई मतगणना के परिणामों ने यह साबित कर दिया कि जयपुर के शहरी मतदाताओं और पार्षदों का झुकाव सत्ता के साथ समन्वय बिठाने की दिशा में अधिक है।
नवनिर्वाचित महापौर सुनील कोठारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती गुलाबी नगरी की बुनियादी समस्याओं—जैसे यातायात प्रबंधन, जलापूर्ति, कचरा निस्तारण और हेरिटेज संरक्षण—से तुरंत निपटना होगी। जानकारों का कहना है कि राज्य सरकार के साथ सीधा संवाद और मजबूत तालमेल होने के कारण नगर निगम को वित्तीय स्तर पर किसी बड़ी रुकावट का सामना नहीं करना पड़ेगा। जनता को भी अब उम्मीद है कि ट्रिपल इंजन सरकार के इस मॉडल से जयपुर शहर के विकास को अपेक्षित रफ्तार मिलेगी।