
जयपुर नगर निगम मुख्यालय के महापौर चुनाव में शानदार जीत दर्ज करने के बाद भाजपा के नवनिर्वाचित महापौर सुनील कोठारी ने पूरी तरह एक्शन मोड में अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं। कांग्रेस की प्रतिद्वंदी उम्मीदवार सुनीता गुप्ता मावर को शिकस्त देकर गुलाबी नगरी की कमान संभालने वाले सुनील कोठारी ने जीत के ठीक बाद मीडिया से बातचीत में अपनी प्राथमिकताओं का खुलकर खाका खींचा। उन्होंने कहा कि उनका सबसे बड़ा लक्ष्य जयपुर शहर की सुंदरता, मूलभूत सुविधाओं और सवाई जयसिंह द्वारा स्थापित इस शहर के ऐतिहासिक गौरव को पुनः सहेजना और आगे बढ़ाना है।
जीत के फौरन बाद मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सुनील कोठारी ने सबसे पहले निगम के सभी 150 निर्वाचित पार्षदों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, "आज महापौर के निर्वाचन की जो प्रक्रिया हुई, उसमें हमारे सभी 150 पार्षदों ने भाग लिया। उन्होंने मुझे अपना भारी मतों और समर्थन दिया है, और मैं सदन के सभी 150 पार्षदों का तहे दिल से आभार प्रकट करता हूँ।"
जब उनसे विपक्षी दलों द्वारा सत्ता के दुरुपयोग के लगाए जा रहे आरोपों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह के आरोप पूरी तरह निराधार हैं और चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत पूरी पारदर्शिता से संपन्न हुआ है।
सुनील कोठारी ने अपनी इस बड़ी जीत का श्रेय पार्टी के केंद्रीय और राज्य नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के मार्गदर्शन के बिना यह संभव नहीं था। उन्होंने प्रदेश संगठन के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों, अपने साथी पार्षदों और जयपुर की तमाम जनता का भी आभार जताया जिन्होंने पार्टी की नीतियों पर भरोसा जताया।
नवनिर्वाचित महापौर ने विश्वास दिलाया कि चुनाव के दौरान जनता और पार्षदों ने जो भरोसा उन पर जताया है, उस पर पार्टी पूरी तरह खरी उतरेगी। उन्होंने कहा, "मैं सभी को यह विश्वास दिलाता हूँ कि जिस विश्वास के साथ जयपुर की जनता ने हमें अपना मताधिकार दिया है, हम सदन के सभी 150 पार्षद मिलकर इस जयपुर शहर की बेहतरी, तेज विकास और उसके ऐतिहासिक गौरव को पुनर्स्थापित करने के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य करेंगे।"
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सुनील कोठारी ने कहा कि महाराजा सवाई जय सिंह जी ने जिस दूरदृष्टि और वास्तुशिल्प के साथ जयपुर शहर की स्थापना की थी और इसके गौरव को बढ़ाया था, वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उसी विजन को आगे बढ़ाया जाएगा। शहर में स्वच्छता, यातायात प्रबंधन, जलापूर्ति और बुनियादी नागरिक सुविधाओं को पटरी पर लाना उनकी प्राथमिक सूची में सबसे ऊपर रहेगा।