
jaipur mayor election bjp sunil kothari vs congress sunita mahawar
जयपुर को अब से कुछ ही देर बाद नया मेयर मिलने जा रहा है। नए प्रथम नागरिक को चुनने के लिए आज नगर निगम में मतदान की प्रक्रिया निगम मुख्यालय लालकोठी में सुबह 10 बजे से शुरू हो चुकी है। मतदान की प्रक्रिया दोपहर 2 बजे तक चलेगी। मेयर चुनाव के बाद पिछले कई दिनों से चल रही बाड़ेबंदी, जोड़-तोड़ और सियासी कयासबाजियों का आज अंत हो जाएगा। मतदान प्रक्रिया पूरी होते ही तुरंत बाद वोटों की गिनती शुरू कर दी जाएगी और उसके बाद यह साफ हो जाएगा कि जयपुर नगर निगम की कमान किसके हाथों में जाएगी। इस बीच, चुनाव स्थल पर पुरानी पारंपरिक कुर्सी की जगह नई भगवा रंग की कुर्सी सजाए जाने को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गर्म हैं।
जयपुर नगर निगम के कुल 150 वार्डों के चुनाव परिणामों पर नजर डालें तो राजनीतिक दलों की स्थिति बेहद स्पष्ट है, लेकिन अंदरखाने चल रही रणनीतियों ने मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP): पार्टी ने किशनपोल क्षेत्र के वार्ड 112 से नवनिर्वाचित पार्षद और जाने-माने ज्वेलर सुनील कोठारी को अपना मेयर उम्मीदवार बनाया है। भाजपा के पास अपने 78 पार्षद हैं, जो बहुमत के जादुई आंकड़े (76) से दो अधिक हैं। पार्टी नेताओं का दावा है कि उनके पास शुरुआती दौर से ही 6 निर्दलीयों का समर्थन प्राप्त है, जिससे उनका कुल संख्याबल 84 तक पहुंचता है। भाजपा खेमा 100 से अधिक मत मिलने का दावा कर रहा है।
इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC): कांग्रेस पार्टी ने आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 118 की वरिष्ठ और अनुभवी पार्षद सुनीता महावर को अपना आधिकारिक मेयर उम्मीदवार मैदान में उतारा है। कांग्रेस के पास अपने 57 पार्षद हैं। पार्टी का मानना है कि राजनीति में केवल अंकगणित नहीं बल्कि 'रसायन विज्ञान' काम करती है। कांग्रेस को उम्मीद है कि वे निर्दलीयों और भाजपा खेमे के असंतुष्ट पार्षदों में सेंधमारी कर बहुमत के आंकड़े तक पहुंच सकते हैं।
15 निर्दलीय पार्षद: इस पूरे चुनाव में 15 निर्दलीय पार्षद 'किंगमेकर' की भूमिका में हैं। दोनों ही दल इन निर्दलीय पार्षदों को अपने पाले में लाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा चुके हैं।
जयपुर नगर निगम मुख्यालय लालकोठी में होने वाले इस मतदान को लेकर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। सुबह 10 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें सभी 150 निर्वाचित पार्षद अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान गुप्त मतदान प्रणाली के तहत होगी, यही वजह है कि इसे पार्षदों की 'गुप्त परीक्षा' भी कहा जा रहा है, क्योंकि बाड़ेबंदी से बाहर आने के बाद कौन सा पार्षद किसके पक्ष में वोट डालता है, यह केवल मतपेटी खुलने के बाद ही पता चलेगा।
चुनाव से ठीक पहले तक भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए कड़ी बाड़ेबंदी की थी। जहां एक तरफ भाजपा अपने 78 पार्षदों के मूल संख्याबल को सुरक्षित रखने की चुनौती से जूझ रही है, वहीं कांग्रेस के सामने अपने 57 पार्षदों को बांधे रखने के साथ-साथ विपक्षी खेमे में उलटफेर करने की आखिरी उम्मीद है। दोपहर 2 बजे मतदान समाप्त होने के बाद जब मतपेटियां खुलेंगी, तब पता चलेगा कि सियासत की इस बिसात पर किसकी रणनीति सफल हुई है।
Updated on:
25 Sept 2026 10:02 am
Published on:
25 Sept 2026 09:16 am
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