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Jaipur Mayor Election 2026 Live Update: काउंटडाउन शुरू, कुछ ही देर में जयपुर को मिलेगा नया मेयर, जानें पल-पल की लेटेस्ट हलचल

जयपुर नगर निगम मेयर चुनाव के लिए आज मतदान, 78 भाजपा, 57 कांग्रेस और 15 निर्दलीय पार्षद करेंगे फैसला। जानिए लालकोठी कार्यालय का पूरा गणित।
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jaipur mayor election bjp sunil kothari vs congress sunita mahawar

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जयपुर को अब से कुछ ही देर बाद नया मेयर मिलने जा रहा है। नए प्रथम नागरिक को चुनने के लिए आज नगर निगम में मतदान की प्रक्रिया निगम मुख्यालय लालकोठी में सुबह 10 बजे से शुरू हो चुकी है। मतदान की प्रक्रिया दोपहर 2 बजे तक चलेगी। मेयर चुनाव के बाद पिछले कई दिनों से चल रही बाड़ेबंदी, जोड़-तोड़ और सियासी कयासबाजियों का आज अंत हो जाएगा। मतदान प्रक्रिया पूरी होते ही तुरंत बाद वोटों की गिनती शुरू कर दी जाएगी और उसके बाद यह साफ हो जाएगा कि जयपुर नगर निगम की कमान किसके हाथों में जाएगी। इस बीच, चुनाव स्थल पर पुरानी पारंपरिक कुर्सी की जगह नई भगवा रंग की कुर्सी सजाए जाने को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गर्म हैं।

LIVE UPDATES

  • जयपुर नगर निगम मुख्यालय लालकोठी में महापौर पद के लिए मतदान प्रक्रिया सुबह 10 बजने के साथ ही शुरू हो चुकी है। कुछ ही घंटों में शहर को नया प्रथम नागरिक मिलने वाला है।
  • मतदान की प्रक्रिया दोपहर 2 बजे तक चलेगी, जिसके तुरंत बाद लालकोठी मुख्यालय पर ही वोटों की गिनती शुरू कर दी जाएगी।
  • इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से सुनील कोठारी और कांग्रेस पार्टी की ओर से सुनीता गुप्ता मावर मैदान में आमने-सामने हैं।
  • कुल 150 वार्डों वाले जयपुर नगर निगम में बहुमत का जादुई आंकड़ा 76 है। भाजपा के पास अपने 78 निर्वाचित पार्षद हैं, जो बहुमत के आंकड़े से दो अधिक हैं।
  • 57 पार्षदों वाली कांग्रेस पार्टी को भले ही स्पष्ट संख्याबल हासिल नहीं है, लेकिन पार्टी को अंदरूनी क्रॉस-वोटिंग पर पूरा भरोसा है।
  • सदन में मौजूद 15 निर्दलीय पार्षद इस चुनाव में पूरी तरह से केंद्र बिंदु बने हुए हैं, जिनकी गतिविधियों पर दोनों प्रमुख दलों की पैनी नजर टिकी हुई है।
  • मतदान स्थल और नगर निगम मुख्यालय लालकोठी के बाहर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस-प्रशासन के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
  • सभी 150 पार्षद गुप्त मतदान के जरिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे परिणामों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है।
  • क्रॉस-वोटिंग और हॉर्स-ट्रेडिंग के डर से दोनों दलों ने अपने-अपने पार्षदों को पिछले कई दिनों से सुरक्षित ठिकानों और रिसॉर्ट्स में बाड़ेबंदी के तहत रखा था, जहां से उन्हें सीधे मतदान केंद्र लाया गया है।
  • मतदान समाप्त होने और तत्काल मतगणना के बाद विजयी उम्मीदवार की घोषणा की जाएगी, जिसके तुरंत बाद नए महापौर को शपथ दिलाई जाएगी।

150 पार्षदों का गणित, दलों के अपने-अपने दावे

जयपुर नगर निगम के कुल 150 वार्डों के चुनाव परिणामों पर नजर डालें तो राजनीतिक दलों की स्थिति बेहद स्पष्ट है, लेकिन अंदरखाने चल रही रणनीतियों ने मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP): पार्टी ने किशनपोल क्षेत्र के वार्ड 112 से नवनिर्वाचित पार्षद और जाने-माने ज्वेलर सुनील कोठारी को अपना मेयर उम्मीदवार बनाया है। भाजपा के पास अपने 78 पार्षद हैं, जो बहुमत के जादुई आंकड़े (76) से दो अधिक हैं। पार्टी नेताओं का दावा है कि उनके पास शुरुआती दौर से ही 6 निर्दलीयों का समर्थन प्राप्त है, जिससे उनका कुल संख्याबल 84 तक पहुंचता है। भाजपा खेमा 100 से अधिक मत मिलने का दावा कर रहा है।

इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC): कांग्रेस पार्टी ने आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 118 की वरिष्ठ और अनुभवी पार्षद सुनीता महावर को अपना आधिकारिक मेयर उम्मीदवार मैदान में उतारा है। कांग्रेस के पास अपने 57 पार्षद हैं। पार्टी का मानना है कि राजनीति में केवल अंकगणित नहीं बल्कि 'रसायन विज्ञान' काम करती है। कांग्रेस को उम्मीद है कि वे निर्दलीयों और भाजपा खेमे के असंतुष्ट पार्षदों में सेंधमारी कर बहुमत के आंकड़े तक पहुंच सकते हैं।

15 निर्दलीय पार्षद: इस पूरे चुनाव में 15 निर्दलीय पार्षद 'किंगमेकर' की भूमिका में हैं। दोनों ही दल इन निर्दलीय पार्षदों को अपने पाले में लाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा चुके हैं।

गुप्त मतदान, सुरक्षा के कड़े इंतजाम


 जयपुर नगर निगम मुख्यालय लालकोठी में होने वाले इस मतदान को लेकर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। सुबह 10 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें सभी 150 निर्वाचित पार्षद अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान गुप्त मतदान प्रणाली के तहत होगी, यही वजह है कि इसे पार्षदों की 'गुप्त परीक्षा' भी कहा जा रहा है, क्योंकि बाड़ेबंदी से बाहर आने के बाद कौन सा पार्षद किसके पक्ष में वोट डालता है, यह केवल मतपेटी खुलने के बाद ही पता चलेगा। 

क्या कुनबे को संभाल पाएंगे दल?

चुनाव से ठीक पहले तक भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए कड़ी बाड़ेबंदी की थी। जहां एक तरफ भाजपा अपने 78 पार्षदों के मूल संख्याबल को सुरक्षित रखने की चुनौती से जूझ रही है, वहीं कांग्रेस के सामने अपने 57 पार्षदों को बांधे रखने के साथ-साथ विपक्षी खेमे में उलटफेर करने की आखिरी उम्मीद है। दोपहर 2 बजे मतदान समाप्त होने के बाद जब मतपेटियां खुलेंगी, तब पता चलेगा कि सियासत की इस बिसात पर किसकी रणनीति सफल हुई है।