
जयपुर। निजी यूनिवर्सिटी की MBA छात्रा मौत मामले में अब दो नए एंगल सामने आने के बाद उलझता जा रहा है। एक तरफ छात्रा का बॉयफ्रेंड को भेजा गया आखिरी व्हाट्सएप मैसेज पुलिस के लिए अहम कड़ी बन गया है, वहीं दूसरी तरफ अहमदाबाद की एक कंपनी के मालिक पर लगे यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग के आरोपों ने मामले को गंभीर बना दिया है। छात्रा के परिवार ने कंपनी मालिक के साथ यूनिवर्सिटी प्रबंधन को भी जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है।
पुलिस अब छात्रा के निजी रिश्तों, अहमदाबाद में हुई इंटर्नशिप और कंपनी मालिक के साथ उसके कथित संबंधों से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच कर रही है। सवाल यह भी है कि आखिर छात्रा ने अपने बॉयफ्रेंड को आखिरी मैसेज में धोखा देने की बात स्वीकार करते हुए बार-बार माफी क्यों मांगी थी?
जांच में सामने आया है कि छात्रा ने अपनी मौत से पहले बॉयफ्रेंड को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा था। इसमें उसने बॉयफ्रेंड को अच्छा इंसान बताते हुए उसके साथ गलत करने और धोखा देने की बात स्वीकार की थी। उसने अपनी गलती के लिए कई बार माफी भी मांगी थी। मैसेज में छात्रा ने यह भी लिखा था कि अगर उसे दोबारा मौका मिला तो वह ऐसी गलती नहीं करेगी। छात्रा का बॉयफ्रेंड भी यूनिवर्सिटी में MBA की पढ़ाई कर रहा था। दोनों अहमदाबाद की एक प्लेसमेंट कंपनी में इंटर्नशिप के लिए गए थे। बॉयफ्रेंड को दूसरी कंपनी में इंटर्नशिप मिली थी, लेकिन उसने यूनिवर्सिटी से अनुरोध कर छात्रा वाली कंपनी में ही इंटर्नशिप करने का अवसर हासिल किया था।
अहमदाबाद में इंटर्नशिप के दौरान छात्रा और उसके बॉयफ्रेंड के रिश्तों में तनाव आने की बात भी सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, कंपनी के मालिक योगेश मोटयानी के साथ छात्रा के कथित संबंधों को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। बॉयफ्रेंड छात्रा को कंपनी मालिक से दूरी बनाए रखने के लिए कहता था। हालांकि, कुछ समय बाद छात्रा खुद बॉयफ्रेंड से दूरी बनाने लगी थी। अब पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि दोनों के बीच विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और छात्रा के आखिरी मैसेज में किए गए खुलासे का इस पूरे घटनाक्रम से क्या संबंध है।
मामले का दूसरा गंभीर पहलू अहमदाबाद की ब्लू वेव लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से जुड़ा है। छात्रा के परिजनों ने कंपनी मालिक योगेश मोटयानी पर यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए हैं। परिवार की शिकायत के मुताबिक, इंटर्नशिप के दौरान छात्रा के कुछ वीडियो कथित तौर पर धोखे से बनाए गए थे। इन वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर उस पर संबंध बनाने का दबाव डाला जाता था। परिजनों का आरोप है कि इन घटनाओं के चलते छात्रा मानसिक दबाव में थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
परिवार ने यूनिवर्सिटी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने छात्रा को ऐसी कंपनी में इंटर्नशिप के लिए भेजा, जहां उसके साथ कथित तौर पर गलत व्यवहार हुआ। इसके अलावा घटना के समय छठी मंजिल की छत का दरवाजा खुला होने को लेकर भी प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है।
वहीं, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है। डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन अश्विनी लाटर के मुताबिक, सोलर पैनल के आसपास सफाई के लिए मजदूरों को भेजने के कारण घटना से करीब 20 मिनट पहले छत का दरवाजा खोला गया था। इसकी सीसीटीवी रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध है। उनका दावा है कि छात्रा ने इंटर्नशिप कंपनी को लेकर यूनिवर्सिटी में कभी शिकायत नहीं की थी। बॉयफ्रेंड के साथ उसके निजी विवाद की जानकारी भी प्रबंधन को नहीं थी।
परिवार की शिकायत पर पुलिस ने कंपनी मालिक और यूनिवर्सिटी प्रबंधन के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अब जांच का दायरा छात्रा के आखिरी मैसेज, बॉयफ्रेंड के साथ रिश्तों में आए तनाव और कंपनी मालिक पर लगे आरोपों तक पहुंच गया है। जयपुर कमिश्नरेट के साउथ जोन के डीसीपी राजर्षि राज के मुताबिक, मामले की जांच जारी है। संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने से पहले ज्यादा जानकारी साझा नहीं की जा सकती।
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि छात्रा की मौत से पहले आखिर क्या-क्या घटनाक्रम हुआ था? बॉयफ्रेंड को भेजे गए आखिरी मैसेज और कंपनी मालिक पर लगे आरोपों के बीच क्या कोई सीधा संबंध है? पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।