Jaipur Metro Phase-2 Update: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जयपुर मेट्रो फेज-2 जयपुर शहर के समग्र विकास का ग्रोथ इंजन सिद्ध होगा।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जयपुर मेट्रो फेज-2 जयपुर शहर के समग्र विकास का ग्रोथ इंजन सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इससे शहर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र सीतापुरा एवं वीकेआई को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और आमजन को सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
सीएम शर्मा गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में जयपुर मेट्रो रेल परियोजना की प्रगति एवं विस्तार को लेकर बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने प्रहलादपुरा से टोडी मार्ग तक विकसित होने वाले इस फेज को केन्द्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के आधार पर चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने तथा इसके पहले पैकेज (प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गोशाला तक) के वर्क ऑर्डर जल्द जारी करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने फेज-2 के अन्तर्गत डिपो निर्माण के लिए उपयुक्त स्थान का चयन करने तथा पार्किंग सुविधाओं के समुचित विकास के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेट्रो परियोजनाओं का निर्धारित समय-सीमा एवं नियंत्रित लागत के साथ विकास आवश्यक है। उन्होंने फेज-1सी (बड़ी चौपड़-ट्रांसपोर्ट नगर) एवं फेज-1डी (मानसरोवर-अजमेर रोड चौराहा) की परियोजनाओं को गति देने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जनसंख्या घनत्व एवं ट्रैफिक के दबाव को ध्यान में रखते हुए भविष्य में दिल्ली रोड एवं सीकर रोड सहित अन्य मार्गों की दिशा में मेट्रो विस्तार की योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि जयपुर के प्रमुख मार्गों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाए।
बैठक में बजट वर्ष 2025-26 की अनुपालना एवं मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आमेर, जगतपुरा, बगराना (आगरा रोड) एवं आईएसबीटी हीरापुरा तक मेट्रो विस्तार के मास्टर प्लान का प्रस्तुतीकरण दिया गया। मुख्यमंत्री ने जेडीए एवं जयपुर मेट्रो को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करते हुए बहुद्देशीय एलिवेटेड रोड परियोजना के संबंध में निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित मुख्यमंत्री कार्यालय, नगरीय विकास विभाग, जयपुर मेट्रो कॉर्पोरेशन, जेडीए एवं जयपुर जिला कलक्टर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बता दें कि केंद्र सरकार बुधवार को जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना को मंजूरी दे दी। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर करीब 30 लाख लोग रोजाना जयपुर मेट्रो से सफर कर सकेंगे। करीब 13,038 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट टोड़ी मोड़ से प्रहलादपुरा तक लगभग 41 किलोमीटर लंबे उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा। सरकार ने इसे सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।